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Winter Health: सर्दियों में बढ़ गई है पेट दर्द, अपच-गैस की दिक्कत? जानिए क्या है इसका कारण और कैसे करें बचाव

Sat, 04 Jan 2025 07:06 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

ठंड के दिनों में कई लोगों में पेट की तकलीफ बढ़ जाती है। ऐसा होने के लिए कई कारणों को जिम्मेदार माना जाता है, हालांकि अच्छी बात ये भी है कि कुछ सरल उपायों को अपनाकर आप अपने लक्षणों को कम कर सकते हैं।
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पेट की समस्या - फोटो : Freepik.com
सर्दियों का ये मौसम आपकी सेहत के लिए कई प्रकार की चुनौतियां बढ़ाने वाला हो सकता है। कम होते तापमान के कारण जोड़ों-हड्डियों में दर्द बढ़ने के साथ हृदय रोग, श्वसन समस्याओं का भी जोखिम अधिक हो जाता है। यही कारण है कि स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों को इस मौसम में अपनी सेहत को विशेष सावधानी बरतते रहने की सलाह देते हैं।

ठंड के दिनों में पाचन समस्याएं भी काफी आम हो जाती हैं। अगर आपको सर्दी में पेट दर्द या कब्ज-अपच की दिक्कत हो रही है तो यकीन मानिए आप अकेले नहीं हैं। ठंड के मौसम में कई लोगों को पेट में तकलीफ हो सकती है। ऐसा होने के लिए कई कारण जिम्मेदार हो सकते हैं, हालांकि अच्छी बात ये भी है कि कुछ सरल उपायों को अपनाकर आप अपने लक्षणों को कम भी कर सकते हैं।

डॉक्टर कहते हैं, वैसे तो पाचन की समस्याएं काफी आम हैं और घरेलू उपायों से इसमें लाभ भी पाया जा सकता है। हालांकि अगर आपको लंबे समय से ये दिक्कत बनी हुई है और सामान्य उपायों-दवाओं से इसमें आराम नहीं मिल रहा है तो इसका समय रहते निदान जरूर करा लें। कुछ स्थितियों में ये गंभीर अंतर्निहित बीमारियों का भी संकेत हो सकता है।
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सर्दियों में पेट दर्द के कारण - फोटो : Freepik.com
सर्दियों में पेट की दिक्कत क्यों बढ़ जाती है?

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, ठंड के महीनों में पेट दर्द और पाचन से संबंधित समस्याओं में वृद्धि हो सकती है। जैसे-जैसे तापमान गिरता है, हमारे शरीर के रक्षा तंत्र हमें ठंड से बचाने के लिए सक्रिय हो जाते हैं। इसके कारण आमतौर पर रक्त वाहिकाओं में संकुचन और पाचन तंत्र के भीतर आंतरिक दबाव बढ़ने लगता है। यह बढ़ा हुआ दबाव पेट में ऐंठन और दर्द का कारण बन सकता है।

इसके अलावा लाइफस्टाइल और आहार में गड़बड़ी के कारण भी आपको पाचन तंत्र की दिक्कतें अधिक हो सकती हैं।
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खान-पान को लेकर बरतें सावधानी - फोटो : Freepik.com
लाइफस्टाइल और आहार में गड़बड़ी

अमर उजाला से बातचीत में गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉ अमित नारंग बताते हैं, सर्दियों में पाचन खराब होने और पेट से संबंधित दिक्कत बढ़ने के कई कारण हो सकते हैं। सर्दियों के दौरान हम में से अधिकतर लोगों की शारीरिक रूप से सक्रियता जैसे चलने-व्यायाम में कमी आ जाती है। ज्यादातर समय बैठे रहने या रजाई में सोते रहने के कारण आंत की गतिशीलता कम हो जाती है जिससे गैस्ट्रोपेरेसिस का खतरा बढ़ जाता है। इसके कारण मतली-उल्टी, पेट फूलने, पेट दर्द जैसी दिक्कतें होती हैं।

इसके अलावा सर्दियों में कम पानी पीने, मसालेदार-तली भुनी चीजें अधिक खाने का भी पाचन पर नकारात्मक असर हो सकता है।

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खान-पान में करें सुधार - फोटो : Freepik.com
इन दिक्कतों से कैसे आराम पाएं?

डॉक्टर बताते हैं, सर्दियों में पेट की दिक्कतों को कम करने में कुछ आसान से उपाय मददगार हो सकते हैं।
  • इसके लिए एक साथ खाना खाने के बजाय, कई बार में थोड़ा-थोड़ा भोजन करें।
  • मसालेदार भोजन हार्टबर्न और पेट दर्द का कारण बन सकते हैं, इस तरह के गड़बड़ खान-पान से बचें।
  • ठंड के दिनों में शरीर को गर्म रखने के लिए उपाय करें। सुनिश्चित करें कि आप गर्म कपड़े पहनें और शरीर को ढक कर रखें।
  • सर्दियों में भी शरीर को हाइड्रेट रखना जरूरी है। दिनभर में 3-4 लीटर पानी जरूर पीने का लक्ष्य रखें।
  • कैमोमाइल टी, अदरक, सौंफ आदि के सेवन से पेट की दिक्कतों के कम किया जा सकता है। 
इन आसान से उपायों की मदद से पेट की समस्याओं को कम करने या बचाव में मदद मिल सकती है।
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पाचन विकारों की समस्या - फोटो : Adobe Stock
इन बातों का भी रखें ध्यान

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, पेट की समस्याओं में अगर सामान्य घरेलू उपायों को अपनाने के बाद भी आराम नहीं मिलता है और आपकी जटिलताएं बढ़ती जाती हैं तो समय रहते किसी गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट से संपर्क करें। लिवर-आंत और पेट के अन्य अंगों से संबंधित दिक्कतें कई बार इरिटेबल बाउल सिंड्रोम और पाचन की गंभीर बीमारियों का भी संकेत हो सकती हैं, जिसका समय पर निदान और उपचार कराना जरूरी हो जाता है।


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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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