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Snoring Warning: रात में जोर-जोर से खर्राटे लेते हैं? जानिए कब बढ़ जाता है हार्ट डिजीज का खतरा

Wed, 01 Jul 2026 05:20 PM IST
Shruti Gaur हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Snoring Warning: अगर आप या आपके घर में कोई बहुत जोर-जोर से खर्राटे लेता है तो ये लेख आपके काम का होने वाला है। यहां हम आपको बताएंगे कि खर्राटे कब आपके लिए खतरनाक हो सकते हैं और ऐसे समय में क्या करना चाहिए।
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खर्राटे कब बन जाते हैं खतरे की घंटी? - फोटो : AI
Snoring Warning Signs: खर्राटे लेना एक आम समस्या मानी जाती है, लेकिन हर बार इसे सामान्य समझना सही नहीं होता। कई लोग इसे केवल गहरी नींद का संकेत मानकर नजरअंदाज कर देते हैं, जबकि कुछ मामलों में तेज और लगातार आने वाले खर्राटे गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का संकेत हो सकते हैं। 

विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसे लक्षण किसी गंभीर स्थिति की ओर इशारा कर सकते हैं, जिसमें सोते समय सांस कुछ सेकंड के लिए रुक जाती है। समय पर पहचान और इलाज न होने पर यह समस्या उच्च रक्तचाप, हृदय रोग और स्ट्रोक जैसी जटिलताओं का खतरा बढ़ा सकती है।

 इसलिए यदि आपके या परिवार के किसी सदस्य को बहुत तेज खर्राटे आते हैं, तो इनके पीछे की वजह को समझना और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर से सलाह लेना बेहद जरूरी है।

 
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खर्राटे कब बन जाते हैं खतरे की घंटी? - फोटो : AI
कब खतरनाक हो सकते हैं खर्राटे?

अगर सोते समय खर्राटों के बीच कुछ सेकंड के लिए सांस रुक जाती है और फिर व्यक्ति अचानक जोर से सांस लेने लगता है, तो यह सामान्य खर्राटे नहीं बल्कि ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया (OSA) का संकेत हो सकता है। इस स्थिति में गले की मांसपेशियां ढीली पड़ने से सांस की नली कुछ समय के लिए बंद हो जाती है। इससे शरीर को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल पाती और नींद बार-बार टूटती रहती है। लंबे समय तक यह समस्या रहने पर हाई ब्लड प्रेशर, हार्ट डिजीज और स्ट्रोक का खतरा बढ़ सकता है।

 
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खर्राटे कब बन जाते हैं खतरे की घंटी? - फोटो : AI
ज्यादा खर्राटे आने से क्या होगा?

नींद नहीं पूरी होगी

अगर रात में 7-8 घंटे सोने के बाद भी सुबह तरोताजा महसूस नहीं होता और दिनभर नींद, सुस्ती या थकान बनी रहती है, तो इसकी वजह खर्राटों के कारण बार-बार नींद का बाधित होना हो सकता है। बार-बार नींद टूटने से शरीर और दिमाग को पर्याप्त आराम नहीं मिल पाता। इसका असर याददाश्त, एकाग्रता, काम करने की क्षमता और मूड पर भी पड़ सकता है। कई लोगों में वाहन चलाते समय नींद आने का खतरा भी बढ़ जाता है।

 सुबह सिरदर्द होना

अगर रोज सुबह उठते ही सिरदर्द महसूस होता है, तो इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए। खर्राटों के साथ सांस रुकने की समस्या होने पर रातभर शरीर को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल पाती और कार्बन डाइऑक्साइड का स्तर बढ़ सकता है। यही कारण सुबह सिरदर्द और भारीपन का कारण बन सकता है। यदि यह समस्या लगातार बनी रहती है, तो डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है।

 

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खर्राटे कब बन जाते हैं खतरे की घंटी? - फोटो : AI
खर्राटे कम करने के उपाय
 
  • वजन नियंत्रित रखें।
  •  करवट लेकर सोने की आदत डालें।
  •  सोने से पहले शराब और धूम्रपान से बचें।
  •  नाक बंद रहने पर उचित इलाज कराएं।
  •  नियमित व्यायाम करें।
  •  पर्याप्त और नियमित नींद लें।
  •  लगातार तेज खर्राटे आने पर स्लीप स्पेशलिस्ट से जांच कराएं।

 
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खर्राटे कब बन जाते हैं खतरे की घंटी? - फोटो : AI
कब तुरंत डॉक्टर से मिलें?
 
  •  सांस बार-बार रुकती हो।
  •  नींद में घुटन महसूस हो।
  • दिनभर अत्यधिक नींद आए।
  • खर्राटे बहुत तेज और रोजाना आते हों।
  •  हाई ब्लड प्रेशर या हृदय रोग के साथ खर्राटे हों।

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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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