फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Summer Health: एयर कंडीशनर का करते हैं इस्तेमाल? इसका सेहत पर क्या असर होता है, जानते हैं आप?

Tue, 02 Apr 2024 09:24 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 5
एसी के कारण होने वाली समस्याएं - फोटो : istock
देशभर में गर्मियों की शुरुआत हो चुकी है। बढ़ते तापमान के साथ कई प्रकार की स्वास्थ्य समस्याओं का भी खतरा बढ़ जाता है, ऐसे में स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों को सेहत का गंभीरता से ध्यान रखने, गर्मियों में शरीर को हाइड्रेट रखने के लिए निरंतर उपाय करते रहने की सलाह देते हैं। गर्मियों के बढ़ते ही एयर कंडीशनिंग (एसी) का इस्तेमाल भी शुरू हो जाता है। ये उपकरण भीषण गर्मी से राहत तो देते हैं पर क्या आप जानते हैं कि एसी का अधिक इस्तेमाल हमारी सेहत के लिए हानिकारक भी हो सकता है?

एयर कंडीशनिंग आधुनिक जीवन का एक अनिवार्य हिस्सा बन गया है, चिलचिलाती गर्मी से आराम पाने का ये कारगर तरीका माना जाता है। हालांकि एयर कंडीशनिंग के हमारे स्वास्थ्य पर पड़ने वाले संभावित दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी होना भी सभी के लिए जरूरी है।

अगर आप भी इन उपकरणों का बहुत अधिक इस्तेमाल करते हैं तो सेहत पर होने वाले इसके साइड-इफेक्ट्स के बारे में जान लेना बहुत आवश्यक हो जाता है।
विज्ञापन

2 of 5
एयर कंडीशनिंग के साइड इफेक्ट्स - फोटो : Istock
एयर कंडीशनिंग से सेहत को होने वाले दुष्प्रभाव

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, तेज गर्मी के समय में एसी का इस्तेमाल बहुत आरामप्रद होता है पर अगर इसका निरंतर और लंबे समय तक इस्तेमाल किया जाता रहे तो ये त्वचा-आंखों, वायुमार्ग के लिए समस्या पैदा कर सकती है।

अध्ययनकर्ता अलर्ट करते हैं- एयर कंडीशनिंग सिस्टम में संभावित रूप से संक्रामक रोगों के प्रसार का खतरा अधिक हो सकता है। इसलिए इन उपकरणों के रखरखाव और साफ-सफाई का ध्यान रखने के साथ कमरे में वेंटिलेशन भी उचित व्यवस्था सुनिश्चित करना जरूरी है। आइए एसी से सेहत को होने वाले दुष्प्रभावों के बारे में जानते हैं।
विज्ञापन

3 of 5
डिहाइड्रेशन का खतरा - फोटो : istock
बढ़ सकता है डिहाइड्रेशन का जोखिम

गर्मी के दिनों में शरीर को हाइड्रेट रखना बहुत जरूरी माना जाता है। कम पानी पीने से कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। पर क्या आप जानते हैं कि एयर कंडीशनिंग हवा में नमी को कम कर देती है, जिससे डिहाइड्रेशन बढ़ने का जोखिम रहता है। वातावरण में ठंडक होने के कारण हम कम पानी पीते हैं और एसी के कारण हवा शुष्क हो जाती है। ऐसे में जो लोग अपना अधिक समय एसी में गुजारते हैं उनमें डिहाइड्रेशन बढ़ने का भी जोखिम रहता है।

4 of 5
ड्राई आइज की समस्या - फोटो : iStock
त्वचा और आंखों की दिक्कतें

एयर कंडीशनिंग में अधिक समय बिताने का एक और दुष्प्रभाव आपकी आंखों-त्वचा की सेहत पर भी देखा जाता है। एसी के कारण हमारी त्वचा नमी खोने लगती है और शुष्की, परतदार त्वचा की समस्या हो सकती है। त्वचा के अलावा एसी का अधिक इस्तेमाल करने वाले लोगों में आंखों में सूखापन बढ़ने का भी जोखिम देखा जाता रहा है जिसे ड्राई आइज की समस्या के रूप में जाना जाता है। कमरे में नमी का स्तर कम होने से आंखों की सेहत प्रभावित हो सकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
सांस की समस्या - फोटो : iStock
श्वसन संबंधी समस्याओं का जोखिम

एयर कंडीशनिंग हमारे श्वसन तंत्र पर भी हानिकारक प्रभाव डाल सकती है, विशेष रूप से जिन लोगों को पहले से श्वसन समस्याओं की दिक्कत होती है उनमें ठंडी और शुष्क हवा वायुमार्ग में जलन पैदा कर सकती है। इससे खांसी, छींकने और गले में परेशानी जैसे लक्षण हो सकते हैं। एलर्जी या अस्थमा से पीड़ित लोगों को वातानुकूलित वातावरण में लक्षणों के बढ़ने का भी खतरा रहता है।


--------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें