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Health Tips: अधिकतर महिलाओं में होती है इन चार पोषक तत्वों की कमी, इनके लक्षणों से कर सकते हैं पहचान

Wed, 07 Jan 2026 01:28 PM IST
शिखर बरनवाल हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Mineral Deficiency Women: विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार हमारे देश की ज्यादातर महिलाएं आयरन की कमी से परेशान हैं। इसके अलावा भी कई ऐसे पोषक तत्व हैं जिनकी कमी कई महिलाओं में देखने को मिलती हैं। आइए इस लेख में उन्हीं पोषक तत्वों के कमी के लक्षणों के बारे में विस्तार से जानते हैं।
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थकान-कमजोरी के कारण - फोटो : Freepik
Essential Nutrients For Women: भारत में महिलाओं के स्वास्थ्य को लेकर एक गंभीर चिंता का विषय उनके शरीर में कुछ आवश्यक पोषक तत्वों की भारी कमी है। अक्सर घर और कामकाज की जिम्मेदारियों के बीच महिलाएं अपनी डाइट और सेहत को नजरअंदाज कर देती हैं, जिसके परिणाम लंबे समय में बेहद घातक हो सकते हैं। पोषण की यह कमी केवल शारीरिक कमजोरी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हार्मोनल असंतुलन, मानसिक तनाव और गंभीर बीमारियों का आधार बनती है। 

विश्व स्वास्थ्य संगठन और राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण के आंकड़े बताते हैं कि आधे से अधिक भारतीय महिलाएं एनीमिया यानी आयरन की कमी से जूझ रही हैं। इसके अलावा विटामिन-डी, विटामिन-बी12 और कैल्शियम की कमी उन्हें समय से पहले हड्डियों की बीमारी और तंत्रिका तंत्र की समस्याओं की ओर धकेल रही है। 

शरीर इन कमियों को कुछ खास संकेतों और लक्षणों के माध्यम से प्रकट करता है, जिन्हें अगर समय रहते पहचान लिया जाए, तो केवल आहार में सुधार करके एक स्वस्थ जीवन जिया जा सकता है। इन पोषक तत्वों की कमी को समझना और उनके लक्षणों के प्रति जागरूक होना हर महिला के लिए अपनी सेहत की सुरक्षा की पहली सीढ़ी है। आइए इस लेख में उन्हीं लक्षणों के बारे में विस्तार से जानते हैं।
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थकान-कमजोरी के कारण - फोटो : Freepik.com
आयरन की कमी
आयरन की कमी या एनीमिया महिलाओं में सबसे आम है। इसका मुख्य लक्षण बिना किसी भारी काम के भी अत्यधिक थकान, सांस फूलना और त्वचा का पीला पड़ना है। आयरन शरीर में हीमोग्लोबिन बनाता है जो ऑक्सीजन पहुंचाता है। इसकी कमी होने पर एकाग्रता में कमी और हाथ-पैर ठंडे रहने की समस्या भी होती है। इससे बचाव के लिए हरी पत्तेदार सब्जियां, गुड़ और अनार को डाइट में शामिल करना चाहिए।

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विटामिन-डी - फोटो : freepik.com
कैल्शियम और विटामिन-D की कमी
ज्यादातर महिलाओं को पीठ दर्द, जोड़ों में जकड़न और मांसपेशियों में ऐंठन की शिकायत रहती है, जो कैल्शियम और विटामिन-D की कमी का संकेत है। विटामिन-D के बिना शरीर कैल्शियम को सोख नहीं पाता, जिससे हड्डियां खोखली होने लगती हैं। अगर आपके नाखूनों में सफेद निशान हैं या दांत कमजोर हो रहे हैं, तो धूप में समय बिताने के साथ-साथ डेयरी उत्पादों का सेवन बढ़ाएं।

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पैरों में झुनझुनी पड़ना या सुन्न होना - फोटो : Adobe Stock
विटामिन-B12 की कमी
विटामिन-B12 की कमी नसों और मस्तिष्क को प्रभावित करती है। अगर आपको अक्सर हाथों-पैरों में सुई चुभने जैसी झनझनाहट, चक्कर आना या बार-बार भूलने की बीमारी हो रही है, तो यह B12 की कमी हो सकती है। शाकाहारी महिलाओं में यह कमी अधिक देखी जाती है क्योंकि यह विटामिन मुख्य रूप से पशु उत्पादों में मिलता है। इसकी कमी से मूड स्विंग्स और चिड़चिड़ापन भी बढ़ जाता है।

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स्वस्थ आहार का करें सेवन - फोटो : Freepik.com
नियमित जांच और संतुलित आहार
इन पोषक तत्वों की कमी को दूर करने के लिए केवल सप्लीमेंट्स पर निर्भर रहने के बजाय नेचुरल फूड प्रोडक्ट्स को प्राथमिकता दें। साल में कम से कम एक बार कंप्लीट ब्लड काउंट और विटामिन प्रोफाइल टेस्ट जरूर कराएं। अपनी आहार में विविधता लाएं और शरीर के संकेतों को अनसुना न करें। ध्यान रखें एक स्वस्थ महिला ही एक स्वस्थ परिवार और समाज की नींव होती है।

नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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