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Health Tips: इन लक्षणों का मतलब किडनी में बन रहा है स्टोन, समय रहते करें पहचान, जानिए बचाव के लिए क्या करें?

Tue, 10 Jan 2023 07:00 AM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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किडनी में स्टोन की समस्या - फोटो : iStock
किडनी स्टोन की समस्या भारत में काफी सामान्य है, 25-45 वर्ष के आयु वर्ग वालों में यह दिक्कत सबसे अधिक देखी जाती रही है। अध्ययनकर्ताओं ने पाया कि महिलाओं की तुलना में पुरुषों में इसका खतरा तीन गुना अधिक होता है। भारत में हर साल लगभग 5 से 7 मिलियन (50-70 लाख) लोग इस समस्या से पीड़ित होते हैं। किडनी के भीतर खनिजों और लवणों से बने क्रिस्टल के जमा होने की स्थिति किडनी स्टोन का कारण बनती है। यह स्थिति गंभीर दर्द का कारण बन सकती है, कुछ लोगों को पेशाब की भी समस्या बनी रहती है। समय रहते इसके लक्षणों की पहचान कर स्टोन्स को निकालने के उपचार कराने की सलाह दी जाती है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, कम पानी पीने, आहार में गड़बड़ी, किडनी स्टोन की फैमिली हिस्ट्री या अधिक नमक-चीनी का सेवन करने वालों में किडनी में स्टोन बनने की दिक्कत अधिक होती रहती है। डॉक्टर्स कहते हैं, अगर आहार पर ध्यान देने के साथ पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें तो इस समस्या से बचाव किया जा सकता है।

आइए जानते हैं कि किन लक्षणों के आधार पर इस समस्या की पहचान की जा सकती है और इससे बचाव-उपचार के लिए किन उपायों को लाभकारी माना जाता है?
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किडनी स्टोन के लक्षणों की पहचान - फोटो : istock
किडनी स्टोन के प्रारंभिक लक्षण

डॉक्टर्स बताते हैं, किडनी में स्टोन बनने की समस्या काफी दर्दकारक हो सकती है। समय रहते इसके लक्षणों पर ध्यान देकर पथरी को बढ़ने से रोका जा सकता है।
  • पीठ के निचले हिस्से या पेट के एक हिस्से में दर्द महसूस होना।
  • दर्द के साथ मतली या उल्टी होना।
  • पेशाब से खून आना या पेशाब के दौरान दर्द होना।
  • पेशाब करने में असमर्थ होना।
  • अधिक बार पेशाब करने की आवश्यकता महसूस होना।
  • बुखार या ठंड लगना।
  • पेशाब से बदबू या झाग दिखना।
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किडनी स्टोन के कारण पेट में दर्द की समस्या - फोटो : Istock
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?

अमर उजाला से बातचीत में लखनऊ में किडनी रोगों के विशेषज्ञ डॉ आरिफ खान बताते हैं, किडनी स्टोन की समस्या किसी को भी हो सकती है। एक बार उपचार के बाद फिर से इसके होने का जोखिम रहता है, इसलिए बचाव के उपायों का हमेशा ध्यान रखा जाना चाहिए। शुरुआत में आमतौर पर इसके कोई लक्षण नहीं दिखते हैं जब तक कि पथरी बढ़ती नहीं है।

कई बार यह मूत्र प्रणाली में फंस सकती है जिसमें तेज दर्द महसूस होता है। किडनी स्टोन की स्थिति में आमतौर पर पेट या पीठ के एक तरफ दर्द बना रहता है। समय रहते इसकी पहचान कर इलाज कराना जरूरी होता है।

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पानी पीते रहने से दूर होती है किडनी स्टोन की दिक्कत - फोटो : istock
किडनी स्टोन में कैसे पाएं आराम

किडनी स्टोन का उपचार इस बात पर निर्भर करता है कि पथरी कितनी बड़ी है और कितनी संख्या में है। कुछ लोगों को पथरी को बाहर निकालने के लिए ज्यादा पानी पीने की सलाह दी जाती है जिससे पेशाब के माध्यम से छोटी पथरी निकल जाती है, हालांकि आकार बढ़ने पर सर्जरी की आवश्यकता हो सकती है।

साइट्रिक फलों के अधिक सेवन, पानी पीते रहने, मैग्नीशियम वाली चीजों के अधिक सेवन से भी इसमें लाभ मिल जाता है।
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साइट्रिक फलों से होने वाले फायदे - फोटो : iStock
किडनी स्टोन होने से कैसे बचाव करें?

डॉक्टर कहते हैं, कुछ बातों का हमेशा ध्यान रखकर किडनी में पथरी बनने की समस्या से बचाव किया जा सकता है। शरीर को हाइड्रेटेड रखने, संतुलित आहार और पर्याप्त कैल्शियम का सेवन करने, फल और सब्जियों का अधिक सेवन करके इस समस्या से बचा जा सकता है। किडनी में पथरी से बचाव के लिए पालक को अच्छी तरह से धोकर और पकाकर खाने की सलाह दी जाती है। पानी की स्वच्छता पर भी ध्यान रखना आवश्यक होता है।



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नोट: यह लेख योगगुरु के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी विशेषज्ञ से संपर्क कर सकते हैं।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें। 
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