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Side Effects of Energy Drinks : पीने जा रहे हैं एनर्जी ड्रिंक तो उससे पहले जरूर पढ़ लें ये खबर

Mon, 19 Jan 2026 07:59 PM IST
शिखर बरनवाल हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Side Effects of Energy Drinks: आज के दौर में बहुत से लोग एनर्जी ड्रिंक्स पीना पसंद करते हैं। एनर्जी ड्रिंक पीने से थोड़ी देर के लिए अपकी थकान की समस्या को दूर हो सकती है, लेकिन अगर इसका सेवन लंबे समय तक किया जाए तो सेहत पर इसके कई नकारात्मक असर देखे जा सकते हैं। आइए इस लेख में इसी के बारे में विस्तार से जानते हैं।
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कोल्ड ड्रिंक्स - फोटो : freepik.com
Energy Drinks Health Effects: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में बहुत से लोगों को देर रात तक काम करने की आदत बन चुकी है। ऐसे में 'एनर्जी ड्रिंक्स' युवाओं के बीच काफी लोकप्रिय बनता जा रहा है। इसका सबसे बड़ा कारण है कि विज्ञापन इन ड्रिंक्स को थकान मिटाने और एकाग्रता बढ़ाने वाले जादुई पेय के रूप में पेश करते हैं, लेकिन इनके भीतर मौजूद तत्वों का मिश्रण हमारे शरीर के लिए काफी नुकसानदायक हो सकता है। अधिकांश एनर्जी ड्रिंक्स में अत्यधिक मात्रा में कैफीन, रिफाइंड शुगर, और टॉरिन जैसे उत्तेजक पदार्थ होते हैं। 

कई शोधों के अनुसार एक कैन एनर्जी ड्रिंक में 80 से 150 मिलीग्राम तक कैफीन हो सकता है, जो कि दो कप कड़क कॉफी के बराबर है। जब हम इनका सेवन करते हैं, तो हमारा नर्वस सिस्टम अचानक उत्तेजित हो जाता है, जिससे हृदय गति और ब्लड प्रेशर तेजी से बढ़ते हैं। शरीर को मिलने वाली यह एनर्जी वास्तव में एक छलावा होता है, जो थकान को मिटाने के बजाय केवल उसे कुछ समय के लिए दबा देती है और बदले में शरीर के महत्वपूर्ण अंगों पर भारी दबाव डालती है। लंबे समय तक इसका सेवन करने वाले लोगों पर उनके शरीर के महत्वपूर्ण अंगों पर इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
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हार्ट - फोटो : Adobe Stock Images
हृदय स्वास्थ्य पर गंभीर प्रहार
एनर्जी ड्रिंक्स का सबसे बड़ा प्रभाव हमारे दिल पर पड़ता है। इसमें मौजूद कैफीन और ग्वारना का मेल दिल की धड़कनों को अनियमित कर सकता है, जिसे 'एरिथिमिया' कहा जाता है। अचानक बीपी बढ़ने से दिल की धमनियों पर दबाव बढ़ता है, जिससे कम उम्र में भी हार्ट अटैक या कार्डियक अरेस्ट का खतरा पैदा हो जाता है। विशेष रूप से व्यायाम से ठीक पहले या बाद में इनका सेवन जानलेवा भी साबित हो सकता है।

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डायबिटीज - फोटो : Adobe Stock
शुगर क्रैश और मेटाबॉलिज्म में गड़बड़ी
इन ड्रिंक्स में चीनी की मात्रा बहुत अधिक होती है, जो पीने के तुरंत बाद ब्लड शुगर को स्पाइक करती है। इसके बदले में पैंक्रियाज भारी मात्रा में इंसुलिन छोड़ता है, जिससे कुछ देर बाद शुगर लेवल अचानक गिर जाता है, जिसे 'शुगर क्रैश' कहते हैं। यह प्रक्रिया बार-बार होने से इंसुलिन रेजिस्टेंस पैदा होता है, जो टाइप-2 डायबिटीज और मोटापे का मुख्य कारण बनता है। साथ ही, यह दांतों के इनेमल को भी स्थायी रूप से नुकसान पहुंचाता है।

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तनाव, स्ट्रेस - फोटो : Freepik.com
मानसिक स्वास्थ्य और नींद पर असर
एनर्जी ड्रिंक्स हमारे मस्तिष्क के नेचुरल स्लीप-वेक चक्र को बाधित कर देते हैं। इनमें मौजूद उत्तेजक पदार्थ एड्रेनालिन हार्मोन को बढ़ाते हैं, जिससे रात में इन्सोम्नियां, बेचैनी और घबराहट महसूस होने लगती है। जब ड्रिंक का असर खत्म होता है, तो व्यक्ति पहले से कहीं अधिक चिड़चिड़ा और थका हुआ महसूस करता है। लंबे समय तक इनका सेवन करने से व्यक्ति मानसिक रूप से इन पर निर्भर हो जाता है, जो एक प्रकार का व्यसन है।
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नारियल पानी - फोटो : Freepik.com
नेचुरल विकल्पों की ओर बढ़ें
एनर्जी ड्रिंक्स के बजाय नेचुरल एनर्जी स्रोतों जैसे नारियल पानी, ताजे फलों का रस या केवल पर्याप्त पानी का चुनाव करें। अगर आप खेलकूद में सक्रिय हैं, तो 'इलेक्ट्रोलाइट्स' युक्त पेय ज्यादा सुरक्षित हैं। अगर आपको बार-बार थकान महसूस होती है, तो इसका कारण पोषण की कमी या नींद का अभाव हो सकता है, न कि एनर्जी ड्रिंक की कमी। अपनी सेहत के साथ खिलवाड़ करने से बचें और आर्टिफिशियल एनर्जी के इन डिब्बों से परहेज करें।

नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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