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UTI Precautions: यूटीआई के मरीजों को इन बातों का रखना चाहिए विशेष ध्यान, वरना हो सकती है गंभीर दिक्कत

Tue, 08 Jul 2025 02:02 PM IST
शिखर बरनवाल हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

UTI Precautions: यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन एक आम लेकिन गंभीर बैक्टीरियल संक्रमण है, जो मूत्र मार्ग, मूत्राशय, यूरेटर या किडनी को प्रभावित कर सकता है। इसलिए यूटीआई के मरीजों को कुछ बातों को विशेष रूप से ध्यान में रखना चाहिए।
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यूटीआई - फोटो : Adobe Stock
UTI health tips:  यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन, जिसे आमतौर पर मूत्र मार्ग संक्रमण भी कहा जाता है, एक सामान्य लेकिन बेहद परेशान करने वाली बैक्टीरियल समस्या है। यह संक्रमण मूत्र मार्ग के किसी भी हिस्से, जैसे मूत्राशय (ब्लैडर), यूरेटर (मूत्रवाहिनी), या यहां तक कि किडनी तक को प्रभावित कर सकता है। अक्सर यह ई. कोलाई नामक बैक्टीरिया के कारण होता है, जो मूत्र मार्ग में प्रवेश करके तेजी से संक्रमण फैलाता है।

महिलाओं में पुरुषों की तुलना में यूटीआई का खतरा काफी ज्यादा होता है, खासकर गर्मियों और मानसून के मौसम में, जब नमी और पसीने के कारण बैक्टीरिया के पनपने की संभावना बढ़ जाती है। यदि यूटीआई का समय पर इलाज न किया जाए या इसकी अनदेखी की जाए, तो यह किडनी इन्फेक्शन या यहां तक कि जानलेवा सेप्सिस जैसी गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है। ऐसे में जिन लोगों को यूटीआई की शिकायत रहती है, उन मरीजों को विशेष सावधानियां बरतनी चाहिए। आइए इस लेख में इसी के बारे में जानते हैं।
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यूटीआई - फोटो : Adobe Stock
यूटीआई के लक्षण और खतरे
यूटीआई के प्रमुख लक्षणों में पेशाब के दौरान जलन, बार-बार पेशाब की इच्छा, कभी-कभी पेशाब में खून दिखना, पेट के निचले हिस्से में दर्द और बुखार शामिल हैं। अगर समय पर इलाज न हो, तो संक्रमण किडनी तक पहुंच सकता है, जिससे पाइलोनेफ्राइटिस या स्थायी किडनी क्षति हो सकती है। जिन लोगों को डायबिटीज की शिकायत है या इम्यूनिटी कमजोर है उन्हें भी विशेष सावधानियां बरतनी चाहिए। आइए अब उन सावधानियों के बारे में जानते हैं।

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यूटीआई - फोटो : Freepik.com
पर्याप्त पानी पिएं
यूटीआई के मरीजों को दिन में 8-10 गिलास पानी जरूर पीना चाहिए। अधिक पानी पीने से बार-बार पेशाब होता है, जो बैक्टीरिया को मूत्र मार्ग से बाहर निकालता है। क्रैनबेरी जूस भी बैक्टीरिया को मूत्राशय की दीवार से चिपकने से रोक सकता है।

स्वच्छता का ध्यान रखें
पेशाब या मल त्याग के बाद स्वच्छता का ध्यान रखें, ताकि बैक्टीरिया मूत्र मार्ग में न पहुंचे। नहाते समय जननांगों को साबुन से जरूर साफ करें। साथ ही महिलाओं को सैनिटरी पैड समय पर बदलते रहना चाहिए।

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यूटीआई - फोटो : Adobe Stock
पेशाब को न रोकें
पेशाब को लंबे समय तक रोकने से बैक्टीरिया मूत्र मार्ग में पनप सकते हैं। जरूरत महसूस होने पर तुरंत पेशाब करें। यह मूत्राशय की मांसपेशियों को भी स्वस्थ रखता है।

शारीरिक संबंधों में सावधानी
यूटीआई के दौरान शारीरिक संबंध बनाने से बचें, क्योंकि यह संक्रमण को बढ़ा सकता है। संबंध बनाने से पहले और बाद में पेशाब करें और स्वच्छता बनाए रखें।
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डॉक्टर - फोटो : Freepik.com
उपचार और चिकित्सीय सलाह
यूटीआई का पहचान यूरिन कल्चर टेस्ट से किया जाता है, जो सटीक बैक्टीरिया और उपयुक्त एंटीबायोटिक की पहचान करता है। डॉक्टर की सलाह के बिना एंटीबायोटिक्स न लें।

नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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