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Health Tips: कंधे के दर्द से परेशान हैं? कहीं ये गलतियां तो नहीं हैं आपकी समस्या का कारण

Mon, 22 Dec 2025 03:14 PM IST
शिखर बरनवाल हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Shoulder Pain Causes: कंधे में दर्द होना एक आम समस्या है, लेकिन अगर ये दर्द आपको लंबे समय से परेशान कर रहा है तो आपको तुरंत सावधान होने की जरूरत है। डॉक्टर शालिनी सिंह सोलंकी ने इसी विषय पर एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें उन्होंने बताया है कि किन गलतियों की वजह से कंधे का दर्द बढ़ जाता है।
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कंधे का दर्द - फोटो : Amar Ujala
Kandhe Mein Dard Hone Ke Karan: क्या आपके कंधे में भी लंबे समय से दर्द बना हुआ है? अक्सर लोग कंधे के दर्द को मामूली खिंचाव समझकर सिर्फ कसरत या गर्म सिंकाई का सहारा लेते हैं। लेकिन, चिकित्सा विशेषज्ञों का मानना है कि कंधे का दर्द केवल बाहरी चोट नहीं, बल्कि आपके शरीर की आंतरिक गड़बड़ियों का संकेत हो सकता है। यदि आप केवल सिंकाई करते हैं, तो दर्द कुछ समय के लिए दब तो जाएगा, लेकिन स्थायी रूप से ठीक नहीं होगा। 

डॉक्टर शालिनी सिंह सोलंकी ने इसी विषय पर एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें उन्होंने बताया है कि कंधे के जोड़ के आसपास का कोलेजन जब सख्त होने लगता है और 'ज्वाइंट कैप्सूल' आपस में चिपक जाते हैं, तो हाथ की गति सीमित हो जाती है, जिसे मेडिकल भाषा में 'फ्रोजन शोल्डर' भी कहा जाता है। 

अगर इन आदतों और बीमारियों को समय रहते नहीं सुधारा गया, तो आपका हाथ पूरी तरह जाम हो सकता है। डॉक्टर शालिनी ने बताया है कि कंधे के दर्द के पीछे केवल गलत पॉश्चर ही नहीं, बल्कि डायबिटीज, थायराइड समेत हमारे दिनचर्या की कुछ गलत आदतें भी होती हैं, जिसके बारे में आपको भी जानना चाहिए।


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कंधे का दर्द - फोटो : Adobe Stock
डायबिटीज और थायराइड का सीधा संबंध
डॉक्टर शालिनी के अनुसार, अनियंत्रित डायबिटीज कंधे के दर्द का एक बड़ा कारण है। हाई ब्लड शुगर की वजह से शरीर का कोलेजन सख्त हो जाता है, जिससे जोड़ों में लचीलापन खत्म होने लगता है। इसी तरह हाइपोथायरायडिज्म के मरीजों में भी कंधे की जकड़न की समस्या काफी ज्यादा देखी जाती है। यदि आपका शुगर कंट्रोल में नहीं है, तो इसे नियंत्रित करने के लिए जरूरी कदम उठाएं, वरना कंधे का दर्द हमेशा के लिए आपको परेशान कर सकता है।

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कंधे का दर्द - फोटो : Adobe Stock
शारीरिक गतिविधि की कमी और मानसिक तनाव
अगर आप लंबे समय तक कंधे की बिल्कुल गतिविधि नहीं करते हैं, तो जोड़ धीरे-धीरे जाम होने लगते हैं और हाथ हिलाने पर भी तेज दर्द होता है। इसके अलावा, अत्यधिक मानसिक तनाव और खराब नींद शरीर में 'कॉर्टिसोल' हार्मोन का स्तर बढ़ा देते हैं। बढ़ा हुआ कॉर्टिसोल शरीर के भीतर इन्फ्लेमेशन (सूजन) पैदा करता है, जो सीधे आपके कंधे के सॉफ्ट टिश्यूज को प्रभावित करता है और दर्द को और गंभीर बना देता है।

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कंधे का दर्द - फोटो : Adobe Stock
खराब गट हेल्थ और पाचन की समस्या
सुनने में यह अजीब लग सकता है, लेकिन आपकी खराब गट हेल्थ (पाचन तंत्र) भी कंधे के दर्द से जुड़ी हो सकती है। अगर आपको अक्सर ब्लोटिंग, गैस और एसिडिटी की समस्या रहती है, तो यह शरीर में सिस्टेमिक इन्फ्लेमेशन को बढ़ावा देती है। आंतों का स्वास्थ्य खराब होने से शरीर में विषाक्त पदार्थ बढ़ते हैं, जिनका असर जोड़ों के कार्टिलेज और कैप्सूल पर पड़ता है, जिससे दर्द ट्रिगर होता है।
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कंधे का दर्द - फोटो : Adobe Stock
विटामिन B12 और D3 की कमी
सबसे महत्वपूर्ण कारण विटामिन B12 और D3 की कमी है। विटामिन B12 नसों की मजबूती के लिए जरूरी है, जबकि D3 हड्डियों के घनत्व और सूजन को नियंत्रित करने के लिए। इनकी कमी से नसें कमजोर हो जाती हैं और शरीर में सूजन बढ़ जाती है, जो बाद में शोल्डर पेन का रूप ले लेती है। ऐसे में डॉक्टर सोलंकी सलाह देती हैं कि कंधे के दर्द का स्थायी इलाज कसरत के साथ-साथ इन कमियों को दूर करना है।

नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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