फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Health Tips: कोलेस्ट्रॉल बढ़ने के ये होते हैं शुरुआती लक्षण, डॉक्टर से जानें क्या है इसके पीछे का मूल कारण

Tue, 13 Jan 2026 05:43 PM IST
शिखर बरनवाल हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Ways To Increase Bile Production: कोलेस्ट्रॉल का बढ़ना हमरे संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए बहुत नुकसानदायक होता है। कई बार तो ये समस्या हार्ट अटैक का कारण भी बनता है। ऐसे में आइए इस लेख में जानते हैं कि कोलेस्ट्रॉल बढ़ने के मूल कारण क्या होते हैं?
विज्ञापन
1 of 5
कोलेस्ट्रॉल, हार्ट - फोटो : Adobe Stock
Root Causes Of High Cholesterol: अक्सर लोग कोलेस्ट्रॉल बढ़ने पर सिर्फ प्रोसेस्ड फूड्स और मैदे से बनी चीजों को दोष देते हैं। मगर शरीर में कोलेस्ट्रॉल बढ़ने के पीछे कई अन्य कारण भी होते हैं, जिसके बारे में आपको भी जानना चाहिए। इसी विषय पर डॉक्टर शालिनी सिंह सोलंकी ने सोशल मीडिया पर इस समस्या का मूल कारण बताते हुए इसके पीछे का असली वजह बताया है।

उन्होंने हमारी दिनचर्या की कुछ ऐसी गलतियां बताई हैं जो कोलेस्ट्रॉल बढ़ाने में मुख्य भूमिका निभाते हैं, जिसे अक्सर लोग जाने-अनजाने में नजरअंदाज कर देते हैं। डॉक्टर के मुताबिक कई बार लोगों का कोलेस्ट्रॉल दवाइया लेनें के बाद भी कम नहीं होता है, और वो इस समस्या को लेकर काफी परेशान रहते हैं।

ऐसे में ये जानना जरूरी है कि कोलेस्ट्रॉल केवल खाने से नहीं बढ़ता, बल्कि शरीर की आंतरिक कार्यप्रणाली के बिगड़ने से बढ़ता है। जब तक हम इन मूल कारणों को ठीक नहीं करेंगे, तब तक केवल दवाइयों के भरोसे कोलेस्ट्रॉल को जड़ से खत्म करना लगभग नामुमकिन है। इसलिए आइए इस लेख में उन्हीं गलतियों के बारे में विस्तार से जानते हैं।
विज्ञापन

2 of 5
पाचन तंत्र - फोटो : Freepik.com
गट-लिवर एक्सिस और फैटी लिवर का प्रभाव
डॉक्टर शालिनी के अनुसार कोलेस्ट्रॉल बढ़ने का एक बड़ा कारण 'गट-लिवर एक्सिस' का खराब होना है। अगर आपका पेट खराब है, तो लिवर में (पित्त) का निर्माण सही ढंग से नहीं होगा।

जब शरीर में पर्याप्त पित्त नहीं बनता, तो कोलेस्ट्रॉल शरीर से बाहर नहीं निकल पाता और रक्त में जमा होने लगता है। इसके साथ ही, फैटी लिवर या इंसुलिन रेजिस्टेंस की स्थिति इस समस्या को और अधिक गंभीर बना देती है, जिससे मेटाबॉलिज्म सुस्त पड़ जाता है।

ये भी पढ़ें- Diabetes: डायबिटीज में बार-बार पेशाब क्यों आता है? जान लीजिए इसके पीछे की असली वजह
विज्ञापन

3 of 5
कोलेस्ट्रॉल - फोटो : Adobe Stock
खराब नींद और बढ़ा हुआ कोर्टिसोल स्तर
नींद की कमी या खराब स्लीप साइकिल सीधे तौर पर आपके कोलेस्ट्रॉल को प्रभावित करती है। जब हम कम सोते हैं, तो शरीर में तनाव हार्मोन 'कोर्टिसोल' बढ़ने लगता है। बढ़ा हुआ कोर्टिसोल शरीर के भीतर सूजन पैदा करता है, जिसकी प्रतिक्रिया स्वरूप लिवर अधिक कोलेस्ट्रॉल बनाने लगता है। डॉक्टर चेतावनी देती हैं कि पर्याप्त आराम न करना और देर रात तक जागना आपकी नसों में वसा जमा करने का सबसे बड़ा निमंत्रण है।

ये भी पढ़ें- Alert: केरल के बाद अब बंगाल में फैली ये संक्रामक बीमारी, 70% रोगियों की हो जाती है मौत

4 of 5
ओवरथिंकिंग - फोटो : Freepik
चीनी, रिफाइंड कार्ब्स और ओवरथिंकिंग का खतरा
हम जो चीनी या परिष्कृत कार्बोहाइड्रेट खाते हैं, वे धीरे-धीरे शरीर में ट्राइग्लिसराइड्स के लेवल को बढ़ाते हैं। इसके अलावा, 'ओवरथिंकिंग' या लगातार मानसिक तनाव भी शारीरिक दुश्मन है।

जब दिमाग में हमेशा विचार चलते रहते हैं, तो शरीर निरंतर स्ट्रेस मोड में रहता है, जिससे फिर वही कोर्टिसोल रिलीज होता है जो कोलेस्ट्रॉल के संतुलन को बिगाड़ देता है। यह मानसिक स्थिति आपके शारीरिक स्वास्थ्य और हृदय की धमनियों पर सीधा प्रहार करती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
कोलेस्ट्रॉल - फोटो : Adobe Stock
जीवनशैली में सुधार ही एकमात्र समाधान
डॉक्टर ने स्पष्ट दिया है कि कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करने के लिए केवल दवाइयों पर निर्भर न रहें। अपने पेट के स्वास्थ्य को सुधारें, मीठे और रिफाइंड खाने से परहेज करें और तनाव कम करने के लिए योग या ध्यान का सहारा लें। अगर आप अपनी स्लीप साइकिल को सही कर लेते हैं और गट हेल्थ को सुधारने पर काम करते हैं तो तो कोलेस्ट्रॉल नेचुरल रूप से अपने आप ही कम होने लगेगा।

नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें