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Tuberculous: स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताए 10 संकेत, इनमें से चार भी हैं तो हो सकता है टीबी; तुरंत कराएं जांच

Tue, 20 May 2025 09:44 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

टीबी या तपेदिक एक संक्रामक रोग है जो मुख्यतः फेफड़ों को प्रभावित करता है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने टीबी के बारे में लोगों को जागरूक करते हुए 10 लक्षण बताए हैं, जिनपर ध्यान देते रहना सभी के लिए जरूरी है। अगर इनमें से कुछ हफ्तों से 3-4 लक्षण भी बने हुए हैं तो इसकी जांच जरूर कराएं।
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ट्यूबरकुलोसिस और इसका खतरा - फोटो : Adobe Stock
ट्यूबरकुलोसिस (टीबी) एक गंभीर संक्रामक रोग है इसके मामलों में पिछले कुछ वर्षों में उछाल देखा गया है। भारत ने इस साल (2025) तक देश से टीबी उन्मूलन या टीबी को खत्म करने का लक्ष्य बनाया था, हालांकि जिस तरह से हाल के वर्षों में मामलों में उछाल आया है इससे ये लक्ष्य काफी दूर नजर आ रहा है।

भारत ने अपने व्यापक प्रयासों से टीबी को नियंत्रित करने के प्रयास जरूर किए हैं। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक साल 2015 में प्रति एक लाख लोगों पर 237 लोगों में टीबी का पता चलता था जो 2023 में घटकर 195 रह गया है। नए मामलों में 17.7 प्रतिशत की गिरावट देखी गई है, जो वैश्विक स्तर पर टीबी के मामलों में आ रही कमी से दोगुनी से भी अधिक है। बावजूद इसके भारत के लिए अभी से इसका उन्मूलन दूर नजर आता है। 


(ये भी पढ़िए- 2025 तक भारत से खत्म होना था टीबी लेकिन अब भी आ रहे लाखों केस, बिना लक्षणों वाले 40% मरीज)
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भारत में टीबी की बीमारी एक बड़ी चुनौती - फोटो : Amar Ujala
टीबी से मौत के मामलों में आई है कमी

स्वास्थ्य राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने संसद में बताया था कि-

2015 की तुलना में 2023 में टीबी के कारण होने वाली मौतों में भी 21 प्रतिशत से अधिक की कमी आई है। सरकार के निरंतर प्रयासों के चलते देश में टीबी उपचार कवरेज भी 32 प्रतिशत तक बढ़ा दिया गया है। बड़ी संख्या में लोग ऐसे भी हैं जिन्हें बीमारी तो है पर उनका निदान नहीं किया गया, ऐसे लोगों का पता लगाने और उपचार प्रदान करने की दिशा में भी सरकार लगातार प्रयास कर रही है। टीबी को देश से खत्म करने के लिए सभी लोगों को साथ आने का भी आह्वान किया गया है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं इसके लक्षणों पर गंभीरता से ध्यान देना, समय पर निदान और इलाज करना बहुत जरूरी है। 
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कहीं आपको भी तो नहीं हो गई है टीबी? - फोटो : Freepik.com
टीबी के इन लक्षणों को जरूर जानिए

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने टीबी के बारे में लोगों को जागरूक करते हुए 10 लक्षण बताए हैं, जिनपर ध्यान देते रहना सभी के लिए जरूरी है। अगर इनमें से कुछ हफ्तों से 3-4 लक्षण भी बने हुए हैं तो इसकी जांच जरूर कराएं। समय पर टीबी की पहचान होने पर रोग के गंभीर रूप लेने का खतरा कम हो सकता है।
  1. लगातार दो हफ्ते तक खांसी
  2. शाम को बुखार
  3. वजन का तजी से कम होना
  4. थूक के साथ खून आना
  5. रात को पसीना आना
  6. थकान और कमजोटी महसूस होना
  7. शरीर के किसी भी भाग में गांठ होना
  8. सीने में दर्द
  9. हाल में हुए शारीरिक बदलाव
  10. सांस से संबंधित क्रॉनिक बीमारी
स्वास्थ्य मंत्रालय कहता है, टीबी का इलाज संभव है, स्वस्थ भविष्य के लिए आज ही कदम उठाएं और लक्षणों की पहचान करके समय रहते इलाज प्राप्त करें। टीबी के बारे में अधिक जानकारी के लिए टोल-फ्री नंबर 1800-11-6666 पर कॉल भी कर सकते हैं।

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टीबी का खतरा किसे अधिक? - फोटो : Freepik.com
किन्हें टीबी का खतरा अधिक होता है?

टीबी या तपेदिक एक संक्रामक रोग है जो मुख्यतः फेफड़ों को प्रभावित करता है, लेकिन शरीर के अन्य अंगों को भी इससे नुकसान पहुंच सकता है। यह रोग माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरकुलोसिस नामक जीवाणु के कारण होता है। 

कई स्थितियों में देखा गया है कि रोग शरीर में मौजूद होता है लेकिन कोई लक्षण नहीं दिखते। यह स्थिति वर्षों तक बनी रह सकती है और प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर होने पर सक्रिय रूप ले सकती है।

डॉक्टर बताते हैं, कमजोर प्रतिरक्षा तंत्र वाले लोग जैसे एचआईवी/एड्स, कुपोषण, डायबिटीज, कैंसर जैसी बीमारियों के शिकार लोगों को टीबी होने का खतरा अधिक होता है।


(50% लोगों में बिना खांसी-बलगम को हो रही है टीबी, फेफड़े के अलावा इन अंगों में भी हो रहा संक्रमण)
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टीबी से बचाव के लिए करें उपाय - फोटो : Freepik.com
टीबी से बचाव के लिए क्या करें?

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, आप कुछ आसान से उपायों पर ध्यान देकर टीबी के खतरे को कम कर सकते हैं।
  • खराब जीवनशैली, खराब पोषण, धूम्रपान-शराब और नशीली दवाओं का सेवन टीबी के जोखिम को बढ़ाते हैं।
  • भीड़-भाड़ और खराब वेंटिलेशन वाले स्थान पर जाने से बचें। बैक्टीरिया बंद और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में अधिक फैलता है।
  • जिन लोगों को पहले टीबी हो चुका है उनमें दोबारा इसके होने का खतरा अधिक होता है।
टीबी मुख्यतः हवा के माध्यम से फैलता है। जब कोई संक्रमित व्यक्ति खांसता-छींकता या बोलता है, तो उसके मुंह से बैक्टीरिया युक्त ड्रॉपलेट्स निकलती हैं, जिससे आसपास मौजूद लोगों में संक्रमण का खतरा हो सकता है। इसलिए अगर किसी को टीबी है तो उससे उचित दूरी बनाए रखना या पास जाते समय मास्क पहनना बहुत जरूरी है।


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नोट: 
यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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