फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Health Tips: इस जड़ी-बूटी के बारे में बहुत कम लोगों को है मालूम, पाचन के लिए 'रामबाण' है ये आयुर्वेदिक औषधि

Tue, 02 Dec 2025 11:51 AM IST
शिखर बरनवाल हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Health Benefits of Haritaki: अक्सर लोग पाचन से संबंधित समस्याओं से परेशान रहते हैं, कहा जाता है कि शरीर की ज्यादातर परेशानियां पेट से ही जुड़ी होती हैं। इसलिए आइए आज आपको एक ऐसी जड़ी-बूटी के बारे में बताते हैं जो पाचन के लिए रामबाण मानी जाती है।
विज्ञापन
1 of 5
हरीतकी या हरड़ - फोटो : Adobe Stock
Harad Khane He Fayde: भारतीय आयुर्वेद में कई ऐसी जड़ी-बूटियां हैं, जिनके लाभों के बारे में बहुत कम लोग जानते हैं, जबकि वे स्वास्थ्य के लिए किसी 'रामबाण' औषधि से कम नहीं हैं। ऐसी ही एक शक्तिशाली और प्राचीन औषधि है हरड़। हरड़ को 'औषधियों का राजा' या 'जीवन रक्षक' भी कहा जाता है और यह त्रिफला के तीन प्रमुख घटकों में से एक है। यह जड़ी-बूटी विशेष रूप से पाचन तंत्र के लिए अद्भुत काम करती है। 

कब्ज, अपच, गैस, बदहजमी और पेट फूलने जैसी आम समस्याओं के लिए हरड़ सदियों से एक पसंदीदा आयुर्वेदिक उपचार रहा है। इसके नियमित सेवन से आंतों की प्राकृतिक सफाई होती है, पाचन एंजाइम सक्रिय होते हैं और शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने में मदद मिलती है। हरड़ न केवल पेट साफ करता है, बल्कि इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स और विटामिन आपकी समग्र इम्यूनिटी और स्वास्थ्य को भी बेहतर बनाते हैं। इसलिए इस लेख में साधारण सी जड़ी बूटी के असाधारण फायदे के बारे में जानते हैं।
विज्ञापन

2 of 5
हरीतकी या हरड़ - फोटो : Adobe Stock
कब्ज और अपच का अचूक इलाज
हरड़ का सबसे बड़ा और प्रचलित लाभ इसकी पेट साफ करने की क्षमता है। यह एक सौम्य और प्राकृतिक रेचक के रूप में काम करता है। हरड़ आंतों की गतिशीलता को उत्तेजित करता है, जिससे मल को नरम करने और उसे बाहर निकालने में मदद मिलती है। इसका नियमित सेवन कब्ज की पुरानी समस्या को दूर करता है और पाचन क्रिया को सुचारु बनाए रखता है।

ये भी पढ़ें- National Pollution Control Day: दिल्ली-NCR में सड़कों पर घूमना पड़ जाएगा भारी, भूलकर भी न करें ये लापरवाहियां
विज्ञापन

3 of 5
पेट की समस्या - फोटो : Adobe stock
आंतों को डिटॉक्स करना
हरड़ में शक्तिशाली रोगाणुरोधी गुण होते हैं। यह पाचन तंत्र से हानिकारक बैक्टीरिया और विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करता है। इसके कसैले गुण आंतों की परत को साफ करते हैं और स्वस्थ बैक्टीरिया के संतुलन को बनाए रखने में सहायक होते हैं। यह आंतों की सेहत को बेहतर बनाकर गैस और एसिडिटी को भी नियंत्रित करता है।

ये भी पढ़ें- Cancer Treatment: कैंसर का इलाज होगा और भी आसान, भारतीय कंपनी की इस दवा को मिली मंजूरी ने बढ़ाई उम्मीदें

4 of 5
हरीतकी या हरड़ - फोटो : Adobe Stock
इम्यूनिटी और एंटीऑक्सीडेंट्स की शक्ति
हरड़ में मौजूद टैनिन और अन्य शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट्स शरीर की कोशिकाओं को मुक्त कणों से होने वाले नुकसान से बचाते हैं। यह आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करने में सहायक है, जिससे आप मौसमी संक्रमणों और बीमारियों से बचे रहते हैं। यह एंटीऑक्सीडेंट शक्ति दीर्घायु और समग्र स्वास्थ्य को बढ़ावा देती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
हरीतकी या हरड़ - फोटो : Adobe Stock
सेवन का सही तरीका
हरड़ का अधिकतम लाभ लेने के लिए, इसे चूर्ण के रूप में रात को सोने से पहले लेना सबसे अच्छा होता है। आधा चम्मच हरड़ चूर्ण को एक गिलास गुनगुने पानी या हल्के गर्म शहद के साथ मिलाकर सेवन करें। आप चाहें तो इसकी थोड़ी मात्रा को सुबह खाली पेट भी लिया जा सकता है।

नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें