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सेहत की बात: छोटा सा मखाना लेकिन बड़े फायदे, जानिए शरीर के लिए क्यों खास है ये सफेद नट

Thu, 24 Sep 2026 08:40 AM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

मखाना पोषक तत्वों से भरपूर हल्का नाश्ता है, जिसमें फाइबर, प्रोटीन, कैल्शियम, मैग्नीशियम और अन्य खनिज पाए जाते हैं। संतुलित मात्रा में इसका सेवन वजन नियंत्रित रखने, पाचन बेहतर करने और हड्डियों के स्वास्थ्य के लिए उपयोगी हो सकता है।
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मखाना खाने के फायदे - फोटो : Amarujala.com/AI
अक्सर जब सेहतमंद नाश्ते की बात होती है तो दिमाग में बादाम, अखरोट और काजू जैसे सूखे मेवे आते हैं। लेकिन एक ऐसा विकल्प भी है, जो स्वाद में हल्का होने के साथ लंबे समय तक पेट भरा रखने में मदद कर सकता है और जिसे लोग अक्सर सिर्फ व्रत के खाने तक सीमित समझते हैं। यह है मखाना। आजकल वजन नियंत्रित रखने से लेकर संतुलित डाइट बनाने तक, मखाने को कई लोग अपने रोज के खान-पान का हिस्सा बना रहे हैं।

मखाने की खासियत सिर्फ यह नहीं है कि इन्हें भूनकर आसानी से खाया जा सकता है। इनमें कई ऐसे पोषक तत्व मौजूद होते हैं, जिनकी शरीर को रोजाना जरूरत होती है। यही वजह है कि नट्स और सीड्स की तरह मखाने को भी पौष्टिक आहार का हिस्सा माना जाता है। अगर आपकी डाइट में फाइबर या कुछ जरूरी खनिजों की कमी है, तो मखाना एक उपयोगी विकल्प हो सकता है।

खास बात यह है कि मखाने को मीठे या तले हुए स्नैक की जगह सीमित मात्रा में भूनकर खाया जाए तो यह रोजमर्रा की डाइट में आसानी से शामिल हो सकता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि मखाना वजन, दिल, ब्लड शुगर और हड्डियों की सेहत से किस तरह जुड़ा है? आइए जानते हैं इसे खाने के संभावित फायदे और इसे डाइट में शामिल करने का सही तरीका।
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वजन कैसे कंट्रोल करें - फोटो : Freepik.com
वजन कंट्रोल करने में मददगार

अगर आप वजन कम करने या उसे नियंत्रित रखने की कोशिश कर रहे हैं तो मखाने एक अच्छा नाश्ता हो सकते हैं। इनमें कैलोरी और वसा अपेक्षाकृत कम होती है, जबकि फाइबर की मात्रा पेट को लंबे समय तक भरा रखने में मदद करती है। इससे बार-बार भूख लगने और जरूरत से ज्यादा खाने से बचने में सहायता मिल सकती है।

मखाने पाचन के लिए भी उपयोगी माने जाते हैं। इनमें मौजूद फाइबर पाचन तंत्र के सामान्य कामकाज में मदद करता है। इसलिए इन्हें संतुलित मात्रा में खाने से गैस और अपच जैसी परेशानियों को कम करने में मदद मिल सकती है। हालांकि, केवल मखाने खाने से वजन कम नहीं होता। वजन घटाने के लिए पूरे आहार और शारीरिक गतिविधि पर ध्यान देना जरूरी है।
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हृदय रोगों से बचाव - फोटो : Adobe Stock Images
दिल और ब्लड शुगर के लिए उपयोगी

मखानों में मैग्नीशियम और एंटीऑक्सीडेंट जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो शरीर के लिए महत्वपूर्ण हैं। मैग्नीशियम सामान्य हृदय और मांसपेशियों के कामकाज के साथ रक्तचाप के नियमन में भूमिका निभाता है। मखाने को संतुलित आहार का हिस्सा बनाने से हृदय की सेहत के लिए जरूरी पोषक तत्व मिल सकते हैं।

मखानों का ग्लाइसेमिक इंडेक्स भी अपेक्षाकृत कम बताया जाता है, इसलिए इन्हें रक्त शर्करा को ध्यान में रखकर बनाए गए संतुलित आहार में शामिल किया जा सकता है। हालांकि, मधुमेह वाले लोगों को इसकी मात्रा और इसे किस रूप में खाया जा रहा है, इसका ध्यान रखना चाहिए। चीनी या ज्यादा घी में बने मखाने इसके सामान्य पोषण लाभों को बदल सकते हैं।
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हड्डियों को कैसे हेल्दी रखें - फोटो : Freepik.com
हड्डियों और जोड़ों के लिए भी फायदेमंद

मखानों में कैल्शियम, मैग्नीशियम और फॉस्फोरस जैसे खनिज पाए जाते हैं, जो हड्डियों के स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण हैं। कैल्शियम हड्डियों की संरचना और मजबूती के लिए जरूरी होता है, जबकि मैग्नीशियम और फॉस्फोरस भी हड्डियों के सामान्य स्वास्थ्य में भूमिका निभाते हैं।

मखानों में पाए जाने वाले कुछ एंटीऑक्सीडेंट और पौधों से मिलने वाले यौगिक शरीर में ऑक्सीडेटिव तनाव से बचाव में भूमिका निभा सकते हैं। इसी वजह से इनके एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों पर भी शोध हुआ है। हालांकि, मखाने को अर्थराइटिस या जोड़ों के दर्द का इलाज नहीं माना जाना चाहिए। संतुलित आहार के हिस्से के रूप में इनका सेवन किया जा सकता है। दूध के साथ मखाने खाने से कैल्शियम और प्रोटीन जैसे पोषक तत्व भी मिल सकते हैं।



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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