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Health Tips: बालों के झड़ने के साथ कमजोर हो गए हैं नाखून? डॉक्टर ने बताया है इस जरूरी पोषक तत्व की कमी

Fri, 13 Feb 2026 06:28 PM IST
शिखर बरनवाल हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Why Hair Fall And Brittle Nails Occur: अक्सर कुछ लोगों को जरूरत से ज्यादा मीठा खाने की क्रेविंग होती है। ऐसा होने के कई कारण हो सकते हैं मगर एक बड़ा कारण शरीर में और डाइट में प्रोटीन की कमी हो सकती है। इसी विषय पर डॉक्टर ने प्रोटीन के कमी पर कुछ लक्षण बताएं हैं, जिसके बारे में आपको भी जानना चाहिए।
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hair fall - फोटो : adobe stock
Signs Of Protein Deficiency in Body: अक्सर जब हम आईने में अपने झड़ते हुए बालों को देखते हैं तो हम इसे बाहरी प्रदूषण या किसी गलत शैम्पू का नतीजा मान लेते हैं। देखा जाए तो बाल झड़ने के कई कारण हो सकते हैं, लेकिन अगर इसके साथ आपके नाखून में भी कमजोरी देखने को मिल रही है, तो ये महत्वपूर्ण पोषक तत्व प्रोटीन की कमी का संकेत हो सकता है। असल में प्रोटीन न सिर्फ हमारी मांसपेशियों के निर्माण के लिए जरूरी है, बल्कि यह हमारे बालों और नाखूनों की मुख्य संरचनात्मक इकाई 'केराटिन' का आधार भी है।

इसी विषय पर डॉक्टर शालिनी सिंह सोलंकी ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा करके बताया है कि प्रोटीन की कमी से शरीर क्या संकेत देते हैं। डॉक्टर के मुताबिक हमारे बाल और नाखून 'केराटिन' नामक तत्व से बने होते हैं, जिसका निर्माण प्रोटीन के माध्यम से ही होता है। जब शरीर में इसकी कमी होती है, तो बाल अपनी मजबूती खोकर गिरने लगते हैं और नाखून बेजान होकर टूटने लगते हैं। 

डॉ. सोलंकी के अनुसार प्रोटीन हमारे शरीर में हार्मोनल संतुलन बनाए रखने, ब्लड शुगर को नियंत्रित करने और हमें समय से पहले बूढ़ा दिखने से बचाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। प्रोटीन की कमी होने पर इसके अलावा भी शरीर में कई संकेत दिखते हैं, जिसके बारे में आपको भी जानना चाहिए।
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पैर में दर्द के कारण - फोटो : Adobe Stock
मांसपेशियों में दर्द और धीमी रिकवरी का संकेत
डॉक्टर सोलंकी बताती हैं कि अगर आपको बिना किसी भारी काम के भी हर समय मांसपेशियों में दर्द और कमजोरी महसूस होती है, तो यह 'मसल्स ब्रेकडाउन' का संकेत हो सकता है। दरअसल प्रोटीन की कमी होने पर शरीर एनर्जी के लिए अपनी ही मांसपेशियों के टिश्यूज को तोड़ने लगता है। इसके कारण किसी भी चोट या घाव को भरने की गति बहुत धीमी हो जाती है क्योंकि शरीर के पास नए टिश्यूज बनाने के लिए पर्याप्त प्रोटीन उपलब्ध नहीं होता है।

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पौष्टिक खानपान - फोटो : Adobe
हर समय भूख लगना और तृप्ति की कमी
क्या आपको खाने के तुरंत बाद फिर से भूख महसूस होती है? डॉ. सोलंकी बताती हैं कि प्रोटीन की कमी से शरीर में 'Satiety' यानी पेट भरा होने का अहसास कराने वाले हार्मोन्स नहीं बन पाते। इसकी वजह से व्यक्ति कितना भी खा ले, उसका मन नहीं भरता और वह बार-बार अनहेल्दी स्नैकिंग की ओर भागता है। प्रोटीन युक्त आहार लेने से भूख नियंत्रित रहती है और शरीर को लंबे समय तक ऊर्जा मिलती रहती है।

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नो शुगर डाइट - फोटो : Freepik.com
मीठा खाने की तीव्र इच्छा और शुगर कंट्रोल
प्रोटीन की कमी का एक हैरान करने वाला लक्षण है, बार-बार मीठा खाने की तीव्र इच्छा होना। प्रोटीन हमारे रक्त में शुगर के स्तर को स्थिर रखने का काम करता है। जब डाइट में प्रोटीन कम होता है, तो शुगर लेवल बार-बार ऊपर-नीचे होता है, जिससे हमारा दिमाग तेजी से मीठी चीजों की मांग करने लगता है। अगर आप अपनी डाइट में दालें, अंडे या पनीर जैसे स्रोत शामिल करते हैं, तो यह क्रेविंग नेचुरल रूप से कम हो सकती है।
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डॉक्टर (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : Freepik
समय रहते डॉक्टर से लें परामर्श
प्रोटीन की कमी केवल बाहरी दिखावट ही नहीं बल्कि आपके पूरे मेटाबॉलिज्म को प्रभावित करती है। अगर आप बालों का झड़ना, नाखूनों की कमजोरी, मांसपेशियों में दर्द या अत्यधिक भूख जैसे लक्षणों का अनुभव कर रहे हैं, तो इसे सामान्य थकान समझकर नजरअंदाज न करें। ऐसे किसी भी लक्षण के दिखने पर तुरंत अपने नजदीकी डॉक्टर से परामर्श लें और अपनी डाइट में सुधार करें। संतुलित पोषण ही स्वस्थ और लंबी आयु का एकमात्र मंत्र है।

नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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