फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Brain Health: आपके ब्रेन को नुकसान पहुंचा रही हैं ये गड़बड़ आदतें, कहीं आप भी तो नहीं करते हैं ऐसी गलतियां?

Fri, 23 Feb 2024 08:40 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 5
मस्तिष्क की समस्याओं का खतरा - फोटो : istock
मस्तिष्क भले ही आकार में छोटा सा दिखने वाला अंग है पर इसे पूरे शरीर का मास्टरमाइंड माना जाता है। विचार, गति और भावनाओं को नियंत्रित करने के साथ शरीर के किस अंग को कौन सा काम करना है, किस तरह से करना है, ये सबकुछ मस्तिष्क से ही निर्धारित होता है। अध्ययनकर्ताओं ने बताया कि हमारे मस्तिष्क का कुल भार एक किलोग्राम से कुछ अधिक होता है, लेकिन ये किसी पावरहाउस से कम नहीं है।

मस्तिष्क में अरबों तंत्रिका कोशिकाएं इन सब आवश्यक कार्यों को संभव बनाती हैं। न्यूरॉन्स कहलाने वाली ये मस्तिष्क कोशिकाएं आपके शरीर के बाकी हिस्सों को जानकारी भेजती हैं। अगर मस्तिष्क में किसी प्रकार की समस्या हो जाए तो शरीर के अंगों को मिलने वाले संदेश में भी दिक्कत हो सकती है। यही कारण है स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों को मस्तिष्क को स्वस्थ रखने के लिए निरंतर प्रयास करते रहने की सलाह देते हैं। 
विज्ञापन

2 of 5
ब्रेन को नुकसान पहुंचाने वाली आदतें - फोटो : Pixabay
मस्तिष्क की बढ़ती समस्याएं

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, आपका दिमाग आपकी सबसे मूल्यवान संपत्ति है। यह शरीर के हर काम को नियंत्रित करता है। दुर्भाग्य से, हमारी दिनचर्या की कुछ गड़बड़ आदतों के कारण शरीर के इस सबसे महत्वपूर्ण अंग के लिए दिक्कतें बढ़ती जा रही हैं। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक को अपने मस्तिष्क को स्वस्थ और फिट बनाए रखने के लिए निरंतर प्रयास करते रहना चाहिए। क्या आप अपने मस्तिष्क की सेहत को ख्याल रखते हैं?

आइए ऐसी ही कुछ सबसे आम गड़बड़ आदतों के बारे में जानते हैं जो आपके मस्तिष्क को नुकसान पहुंचा सकती हैं। इनसे बचाव करते रहना आपके लिए बहुत जरूरी है।
विज्ञापन

3 of 5
धूम्रपान से होने वाले नुकसान - फोटो : Pexels
धूम्रपान से मस्तिष्क को क्षति

संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए जिन आदतों को सबसे नुकसानदायक माना जाता है, धूम्रपान उनमें से एक है। इससे न सिर्फ फेफड़ों की बीमारी होती है, साथ ही मस्तिष्क की सेहत पर भी नकारात्मक असर हो सकता है।

धूम्रपान की आदत रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचाती है और क्रोनिक इंफ्लामेशन का कारण भी बन सकती है। ये स्थितियां ब्रेन स्ट्रोक का जोखिम बढ़ाने के साथ और संज्ञानात्मक गिरावट का कारण बन सकती हैं। शोध बताते हैं, जो लोग धूम्रपान करते हैं उनमें डिमेंशिया रोग विकसित होने की आशंका दोगुनी होती है। यदि आप धूम्रपान करते हैं, तो इसे छोड़कर मस्तिष्क को स्वस्थ रख सकते हैं।

4 of 5
सेंडेंटरी लाइफस्टाइल के नुकसान - फोटो : istock
सेंडेंटरी लाइफस्टाइल के नुकसान

एक और आदत जो आपके मस्तिष्क को नुकसान पहुंचा सकती है वह है व्यायाम न करना या शारीरिक सक्रियता की कमी। यदि आपकी जीवनशैली गतिहीन है, तो इसमें बदलाव करना जरूरी है। बहुत अधिक अस्थिरता, दिनभर ज्यादातर समय बैठे रहने से मोटापा, हृदय रोग और मधुमेह सहित कई प्रकार की स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। ये सभी स्थितियां आपके मस्तिष्क को भी नुकसान पहुंचाती हैं।

अध्ययनों से पता चलता है कि सेंडेंटरी लाइफस्टाइल के कारण भी डिमेंशिया होने का खतरा बढ़ सकता है। यदि आप अपने मस्तिष्क को स्वस्थ रखना चाहते हैं, तो सुनिश्चित करें कि नियमित व्यायाम जरूर करें।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
नींद की समस्या - फोटो : Pixabay
पर्याप्त नींद न लेना हानिकारक

पर्याप्त नींद न लेना आपके मस्तिष्क के लिए सबसे खराब आदतों में से एक है। जब आप पर्याप्त नींद नहीं लेते हैं, तो आपके मस्तिष्क को दिनभर के काम के बाद आराम करने और ठीक होने का मौका नहीं मिलता है। इससे संज्ञानात्मक गिरावट, स्मृति हानि और मूड में बदलाव जैसी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं। कुछ अध्ययनों से पता चलता है कि नींद की कमी से चीजों को याद रखने, चिड़चिड़ापन की दिक्कत भी बढ़ सकती है। अपने मस्तिष्क को स्वस्थ रखना चाहते हैं, तो सुनिश्चित करें कि हर रात कम से कम सात घंटे की नींद जरूर लें।




--------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें