स्वाइन फ्लू और इससे मौत का खतरा
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इस खतरे को कैसे कम किया जाए?
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, एच1एन1 वैसे तो हल्के स्तर का संक्रमण माना जाता है पर इससे गंभीर स्थितियों में मौत का भी जोखिम हो सकता है।
- इन्फ्लुएंजा के ज्यादातर मरीज कुछ दिनों से लेकर दो सप्ताह के भीतर ठीक हो जाते हैं। हालांकि कुछ लोगों में गंभीर जटिलताएं विकसित हो सकती हैं और ये जानलेवा भी हो सकती हैं।
- 2009 के महामारी वाले एच1एन1 संक्रमण के अध्ययन में गंभीर मामलों में निमोनिया और सांस की विफलता मौत का प्रमुख कारणों में रहे। कुछ मामलों में शरीर में पानी की कमी, इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन और दूसरी गंभीर जटिलताएं भी मृत्यु का खतरा बढ़ाने वाली पाई गईं
डॉक्टर कहते हैं, एच1एन1 को लेकर दो गलतियां नहीं करनी चाहिए—पहली, हर मरीज को घबराकर गंभीर मान लेना और दूसरी, गंभीर लक्षणों को सामान्य फ्लू समझकर टाल देना।
एच1एन1 में सबसे बड़ा खतरा तब होता है जब बीमारी लगातार बढ़ती दिखाई दे। सांस लेने में कठिनाई या सांस फूलना, सीने या पेट में लगातार दर्द, चक्कर, भ्रम, बहुत ज्यादा कमजोरी, पेशाब बहुत कम होने जैसे संकेतों में तत्काल डॉक्टरी मदद की जरूरत होती है।
आरएमएल अस्पताल के मेडिसिन विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. रमेश मीणा ने बताया कि संक्रमण से बचने के लिए हाथों की नियमित सफाई, बीमारी के दौरान घर पर आराम करने और दूसरों के बेहद करीब जाने से बचने की सलाह दी है। जरूरत के अनुसार फ्लू का टीकाकरण भी कराया जा सकता है।
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स्रोत
Fulminant fatal swine influenza (H1N1): Myocarditis, myocardial infarction, or severe influenza pneumonia?
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