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Guru Gobind Singh Jayanti 2021: गुरु गोबिंद सिंह ने इन पांच प्रेरणादायक विचारों से बदल दिया था लोगों का नजरिया

Wed, 20 Jan 2021 12:16 PM IST
प्रकाश चंद जोशी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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गुरु गोबिन्द सिंह जयंती की शुभकामनाएं - फोटो : iStock
गुरु गोबिंद सिंह सिखों के 10वें गुरु थे, और आज बुधवार यानी 20 जनवरी 2021 को उनकी जयंती है। इस दिन सिख समुदाय के लोग गुरुवाणी का पाठ, कीर्तन और अपने गुरू की पूजा करते हैं। इस दिन को प्रकाश पर्व के रूप में बड़े ही उत्साह के साथ मनाते हैं। इस दिन सिख लोग सुबह प्रभातफेरी निकालते हैं और गुरुद्वारों में कई तरह की सेवाएं भी देते हैं। इस दिन लंगर का आयोजन भी किया जाता है और कई तरह की झांकिया भी निकाली जाती है। कुल मिलाकर लोग इस दिन को खास बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ते हैं और पूरा दिन गुरु गोबिंद सिंह जी की जयंती को मनाते हैं।
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गुरु गोबिन्द सिंह जयंती की शुभकामनाएं - फोटो : istock
गुरु गोबिंद सिंह का जन्म 22 दिसंबर 1666 को श्री पटना साहिब में हुआ था। वहीं, हिंदू कैलेंडर के मुताबिक, उनका जन्म पौष महीने की शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि को हुआ था। उनके पिता गुरू तेग बहादुर और माता का नाम गुजरी था और गुरु गोबिंद सिंह अपने माता-पिता के मात्र पुत्र थे। उन्होंने अपने जीवन में कई त्याग और परोपकार किए। गुरु गोबिंद सिंह ने अपने अनुयायियों को ये शिक्षा दी कि वो मानवता को प्रेम, एकता, शांति और समानता के बारे में बताएं।
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गुरु गोबिन्द सिंह जयंती की शुभकामनाएं - फोटो : istock
गुरु गोबिंद सिंह जी अपने पांच प्रेरणादायक विचारों के लिए हमेशा जाने जाते हैं। उन्होंने सबसे पहला विचार दिया कि, 'किसी दि निंदा, अतै इर्खा नै करना' यानी कि हमें हमेशा ही कभी भी किसी की चुगली व निंदा करने से बचना चाहिए और किसी से ईर्ष्या करने की जगह हमें परिश्रम मेहनत करने में फायदा है। उनके द्वारा दिया गया दूसरा विचार है कि, 'बचन करकै पालना' यानी आपने अगर किसी को वचन दिया है तो हर कीमत पर उसे निभाना होगा। उनका तीसरा विचार है कि, 'कम करन विच दरीदार नहीं करना' यानी अपने काम में खूब मेहनत करें और काम को लेकर कोताही न बरतें।

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गुरु गोबिन्द सिंह जयंती की शुभकामनाएं - फोटो : istock
गुरु गोबिंद सिंह जी का चौथा प्रेरणादायक विचार ये था कि, 'गुरुबानी कंट करनी' यानी गुरुबानी को कंठस्थ कर लें। वहीं, उनका पांचवा विचार था कि, 'दसवंड देना' यानी हमें अपनी कमाई का दसवां हिस्सा दान में दे दें। गुरु गोबिंद सिंह द्वारा दिए गए इन विचारों ने लोगों को सही रास्ता दिखाने में मदद की। हम जिस खालसा वाणी 'वाहेगुरु जी का खालसा, वाहेगुरू जी की फतह' को सुनते हैं। ये गुरु गोबिंद सिंह ने ही दिया था।
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गुरु गोबिन्द सिंह जयंती की शुभकामनाएं - फोटो : istock
बताया जाता है कि एक बार गुरु गोबिंद सिंह ने सभी से एक सभा में कहा कि उन्हें उनका सिर चाहिए। इसे सुनकर वहां सन्नाटा छा गया, लेकिन पांच लोग आगे आए और उन्होंने अपने सिर देने के लिए कहा। इसके बाद गुरु गोबिंद सिंह उन्हें अपने साथ तंबू में लेकर गए जहां से रक्त की धार बहने लगी। ये देखकर वहां मौजूद लोग हैरान रह गए, लेकिन जब गुरु गोबिंद सिंह उन पांच युवकों के साथ वापस लौटे तो हर कोई हैरान रह गया। उन पांचों युवकों ने नए कपड़े और नई पगड़ी पहनी हुई थी। गुरु गोबिंद सिंह जी ने बताया कि वो उनकी परीक्षा ले रहे थे, और इसके बाद उन्होंने इन पांच लोगों को अपना 'पंज प्यारा' बताते हुए ये ऐलान किया कि अब से हर सिख, कच्छा, कड़ा, केश, कंघा और कृपाण धारण करेगा। यहीं से खालसा पंथ की स्थापना हुई।
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