गुरु गोबिन्द सिंह जयंती की शुभकामनाएं
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बताया जाता है कि एक बार गुरु गोबिंद सिंह ने सभी से एक सभा में कहा कि उन्हें उनका सिर चाहिए। इसे सुनकर वहां सन्नाटा छा गया, लेकिन पांच लोग आगे आए और उन्होंने अपने सिर देने के लिए कहा। इसके बाद गुरु गोबिंद सिंह उन्हें अपने साथ तंबू में लेकर गए जहां से रक्त की धार बहने लगी। ये देखकर वहां मौजूद लोग हैरान रह गए, लेकिन जब गुरु गोबिंद सिंह उन पांच युवकों के साथ वापस लौटे तो हर कोई हैरान रह गया। उन पांचों युवकों ने नए कपड़े और नई पगड़ी पहनी हुई थी। गुरु गोबिंद सिंह जी ने बताया कि वो उनकी परीक्षा ले रहे थे, और इसके बाद उन्होंने इन पांच लोगों को अपना 'पंज प्यारा' बताते हुए ये ऐलान किया कि अब से हर सिख, कच्छा, कड़ा, केश, कंघा और कृपाण धारण करेगा। यहीं से खालसा पंथ की स्थापना हुई।