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Health Alert: मुंह से अक्सर आती रहती है बदबू? कहीं ये दिल की बीमारियों का संकेत तो नहीं, हो जाइए सावधान

Mon, 22 Jan 2024 02:45 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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Heart - फोटो : amarujala
मुंह की अच्छे तरीके से साफ-सफाई न होने के कारण आपको सांसों से बदबू आने की समस्या महसूस हो सकती है। मुंह में बैक्टीरिया के विकास के कारण दुर्गंध आने की समस्या काफी सामान्य है, पर अगर आप सुबह-शाम अच्छे से ब्रश करते हैं, मुंह की साफ-सफाई करते हैं फिर भी सांसों से बदबू आती रहती है तो सावधान हो जाने की आवश्यकता है। अक्सर बनी रहने वाली ये समस्या शरीर में कई बीमारियों के विकास का संकेत भी हो सकती है, जिसपर गंभीरता से ध्यान देने की जरूरत होती है। कुछ मामलों में ये हार्ट की समस्याओं का भी संकेत हो सकता है।

अध्ययनकर्ताओं ने पाया सांसों की दुर्गंध और हार्ट की बीमारियों के बीच संबंध हो सकता है। शोधकर्ताओं का मानना है कि अगर आपको मसूड़ों की बीमारी है, मुंह से बदबू आती रहती है या फिर मसूड़ों में अक्सर सूजन बनी रहती है तो इसके कारण दिल की बीमारियों के विकसित होने का जोखिम भी बढ़ जाता है। इस तरह की समस्या पर समय रहते ध्यान देकर डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी हो जाता है।
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मसूड़ों की बीमारी - फोटो : iStock
मसूड़ों की बीमारी और हृदय रोग का संबंध

पेन मेडिसिन जर्नल में प्रकाशित एक शोध में विशेषज्ञों ने मसूड़ों की बीमारी और हृदय रोग के बीच संभावित खतरे को लेकर लोगों को अलर्ट किया है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, मूसडों की बीमारी होने या मुंह की अच्छे से साफ-सफाई न होने से मुंह के बैक्टीरिया के शरीर के अन्य हिस्सों में फैलने का खतरा हो सकता है। ये हृदय की वाहिकाओं में सूजन और हृदय वाल्व में संक्रमण का भी कारण बन सकते हैं। दुनियाभर मे बड़ी संख्या में इस तरह की दिक्कतों के शिकार लोगों को देखा गया है।
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सांसों से आने वाली बदबू - फोटो : iStock
मसूड़ों की बीमारी के कारण होने वाली समस्याएं

सेंटर्स फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (सीडीसी) ने एक अध्ययन में पाया कि अकेले अमेरिका में 30 वर्ष और उससे अधिक उम्र के लगभग आधे लोग और 65 वर्ष और उससे अधिक उम्र के 70 प्रतिशत लोगों में मसूड़ों की किसी न किसी स्तर की बीमारी है। ये हृदय स्वास्थ्य को भी प्रभावित करने वाली समस्या हो सकती है।

शोध में कहा गया है कि  मसूड़ों की बीमारी और सूजन की स्थिति दिल के दौरे, स्ट्रोक और अचानक वाहिकाओं में होने वाली समस्याओं का संकेतक हो सकती है। पेन्सिलवेनिया यूनिर्सिटी में क्लिनिकल मेडिसिन के सहायक प्रोफेसर, मैरिएटा एम्ब्रोस कहती हैं, शरीर में कहीं भी लंबे समय तक बनी रहनी वाली इंफ्लामेशन की समस्या गंभीर बीमारियों के खतरे को बढ़ा सकती है, मसूडों में भी इंफ्लामेशन खतरनाक हो सकता है।

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धमनियों में समस्या - फोटो : istock
क्या कहते हैं अध्ययनकर्ता?

अध्ययनकर्ताओं की टीम कहती है, जिन लोगों को पहले से हार्ट या रक्त वाहिकाओं से संबंधित समस्या है, उनमें मसूड़ों की बीमारी के कारण होने वाली सूजन की प्रतिक्रिया इन रोगों के खतरे को और भी बढ़ा सकती है। डॉ. एम्ब्रोस कहती हैं कि मसूड़ों की बीमारी होने पर हृदय वाल्व से संबंधित रोग वाले लोगों को और भी खतरा हो सकता है। मसूड़ों की बीमारी होने पर मुंह में मौजूद बैक्टीरिया रक्तप्रवाह में प्रवेश कर सकते हैं, जिससे इनके लिए हृदय में प्रवेश करना और आसान हो जाता है और फिर ये सीधे कमजोर हृदय वाल्वों को संक्रमित कर सकते हैं।
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मुंह की रखें साफ-सफाई - फोटो : iStock
मुंह की साफ-सफाई जरूरी

शोधकर्ता कहते हैं, मुंह की साफ-सफाई सिर्फ दांतों को साफ रखने, सांस की बदबू से बचने के लिए ही नहीं, शरीर में अन्य गंभीर बीमारियों के खतरे को कम करने के लिए भी जरूरी है। 

अच्छी बात यह है कि मसूड़ों की की बीमारी, सूजन को रोकना और इलाज करना आसान है। इसके साथ सभी लोगों के लिए जरूरी है कि आप प्रतिदिन कम से कम दो बार ब्रश और मुंह की अच्छे से सफाई जरूर करें। इस तरह की छोटी-छोटी सावधानियां बरतकर आप गंभीर रोगों के खतरे को कम कर सकते हैं। आपके मुंह से अगर बदबू आती है, मसूड़ों में दिक्कत है तो इसे हल्के में न लें और अपने डेंटिस्ट से जरूर मिलें। 


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स्रोत और संदर्भ
Link Between Gum Disease and Heart Disease


अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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