Guide to Eating in Season for Summer: अगर आप गर्मी के मौसम में अपनी तबीयत को खराब नहीं करना चाहते तो खाने-पीने का खास ध्यान रखें। यहां हम इसकी पूरी गाइड आपको देंगे।
Guide to Eating in Season for Summer: गर्मी का मौसम आते ही शरीर की जरूरतें बदलने लगती हैं। इस दौरान ज्यादा या गलत तरीके से भोजन करने से थकान, डिहाइड्रेशन, अपच और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं।
पर, बहुत से लोग इस बात पर गौर ही नहीं करते। भीषण गर्मी में भी कई लोग सर्दियों की तरह ही भारी और अधिक मात्रा में खाना खाते रहते हैं, जो गर्मी में शरीर पर अतिरिक्त दबाव डालता है। इसलिए यह जानना बेहद जरूरी है कि गर्मी में कितना और कैसा भोजन करना चाहिए, ताकि शरीर स्वस्थ और ऊर्जावान बना रहे।
इस मौसम में हम सभी को ये समझने की जरूरत है कि सही मात्रा में और संतुलित भोजन करने से न केवल पाचन बेहतर रहता है, बल्कि शरीर का तापमान भी नियंत्रित रहता है। अगर आप भी गर्मी में अपनी तबीयत खराब होने से बचना चाहते हैं, तो खान-पान की आदतों में थोड़ा बदलाव करना जरूरी है। आइए जानते हैं गर्मी में सही डाइट और भोजन की मात्रा से जुड़ी पूरी गाइड।
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गर्मी में कितना भोजन करना चाहिए?
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छोटे-छोटे मील लें
दिनभर में 3 बड़े भोजन करने के बजाय 5–6 छोटे मील लेना ज्यादा फायदेमंद होता है। इससे पाचन तंत्र पर ज्यादा दबाव नहीं पड़ता और शरीर को लगातार ऊर्जा मिलती रहती है।
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गर्मी में कितना भोजन करना चाहिए?
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हल्का होना चाहिए भोजन
भोजन हमेशा हल्का और आसानी से पचने वाला होना चाहिए। जैसे दलिया, खिचड़ी, हरी सब्जियां, सलाद और दही। तला-भुना और मसालेदार खाना कम से कम खाना चाहिए, क्योंकि इससे शरीर में गर्मी बढ़ सकती है।
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गर्मी में कितना भोजन करना चाहिए?
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पानी है सबसे अहम
गर्मी में पानी और लिक्विड का सेवन बढ़ाना बहुत जरूरी है। दिनभर में 8–10 गिलास पानी के साथ-साथ नींबू पानी, छाछ, नारियल पानी और फलों का जूस लेना फायदेमंद होता है।
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गर्मी में कितना भोजन करना चाहिए?
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खाएं ये फल
फलों में तरबूज, खीरा, ककड़ी, संतरा जैसे पानी से भरपूर फल ज्यादा खाने चाहिए। ये शरीर को हाइड्रेट रखते हैं और ठंडक भी देते हैं।
दोपहर के समय भारी भोजन से बचना चाहिए और रात का खाना हल्का रखना चाहिए, ताकि पाचन ठीक से हो सके और नींद भी अच्छी आए।
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।