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Diet Tips: पोषण के मामले में सेब-संतरा से कई गुना आगे है ये फल, इम्युनिटी और शुगर लेवल सबकुछ कर देगा बेहतर

Tue, 20 Jan 2026 09:10 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Guava Health Benefits: अमरूद को सही मायनों में सुपरफूड कहा जा सकता है, क्योंकि यह स्वाद के साथ-साथ सेहत का भी खजाना है। यह फल पोषक तत्वों से भरपूर होता है और शरीर को कई गंभीर बीमारियों से बचाने में मदद करता है। सेब-संतरा से कई मामलों में इसे विशेषज्ञ बेहतर मानते हैं।
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फलों को बनाएं आहार का हिस्सा - फोटो : Freepik.com

अच्छी सेहत चाहते हैं तो इसके लिए आहार में सुधार करना सबसे आवश्यक हो जाता है। यही कारण है कि स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों को डाइट में उन चीजों की मात्रा बढ़ाने की सलाह देते हैं जिनसे शरीर के लिए आवश्यक ज्यादातर पोषक तत्वों की प्राप्ति की जा सके। हालांकि मौजूदा समय में जिस तरह से लोग प्रोसेस्ड और जंक फूड पर निर्भर होते रहे हैं, इसे सेहत के लिए काफी नुकसानदायक पाया गया है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, हमें रोजाना ऐसा आहार लेना चाहिए जिसमें प्रोटीन, विटामिन्स, मिनरल्स, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट्स संतुलित मात्रा में मौजूद हो। ये पोषक तत्व शरीर की कोशिकाओं की मरम्मत करते हैं, इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाते हैं और एंजाइम्स के सही कामकाज में मदद करते हैं। 

हमारे पास फलों के भी कई कई ऐसे विकल्प मौजूद हैं, जिनसे जरूरी पोषक तत्वों की आसानी से पूर्ति की जा सकती है। अमरूद ऐसा ही एक फल है जिसके कई सारे स्वास्थ्य लाभ हैं।

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बहुत फायदेमंद है अमरूद - फोटो : Adobe stock
अमरूद को सुपरफूड मानते हैं विशेषज्ञ

वरिष्ठ कार्डियोलॉजिस्ट डॉ साकेत गोयल बताते हैं, अमरूद खाना हमारे लिए कई तरह से फायदेमंद हो सकता है। इसमें भरपूर प्रोटीन और विटामिन-सी होता है। 


 
  • 100 ग्राम वाले एक सेब में 0.3 ग्राम प्रोटीन होता है जबकि 100 ग्राम के एक अमरूद से 3 ग्राम प्रोटीन प्राप्त किया जा सकता है।
  • एक अमरूद में चार संतरे के बराबर विटामिन-सी होता है। जबकि इतना ही विटामिन-सी आंवले में पाया जाता है।
  • अमरूद में एंटीऑक्सीडेंट्स की भी प्रचुर मात्रा होती है जो शरीर में इंफ्लेमेशन के खतरे को कम करती है।
  • सेब की तुलना में सेलेनियम, पोटैशियम, कैल्शियम की मात्रा अमरूद में 4-6 गुना ज्यादा होती है।

यही कारण है कि अमरूद एक सुपरफूड है जिसे रोजाना खाने से आप कई तरह के स्वास्थ्य लाभ पा सकते हैं।
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इम्युनिटी बढ़ाने के लिए क्या खाएं? - फोटो : Adobe stock photos
इम्युनिटी के लिए बेहतर

अमरूद को विटामिन-सी का बेहतरीन स्रोत माना जाता है। एक अमरूद में संतरे की तुलना में लगभग चार गुना ज्यादा विटामिन-सी पाया जाता है।
  • विटामिन-सी शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में अहम भूमिका निभाता है। 
  • यह सफेद रक्त कोशिकाओं को सक्रिय करता है, जो बैक्टीरिया और वायरस से लड़ने का काम करती हैं। 
  • नियमित रूप से अमरूद खाने से सर्दी-जुकाम, खांसी और वायरल इंफेक्शन का खतरा कम हो सकता है। 

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अमरूद खाने से क्या फायदे होते हैं? - फोटो : Freepik.com
पाचन तंत्र को रखता है दुरुस्त

अमरूद में घुलनशील और अघुलनशील दोनों तरह का फाइबर पाया जाता है, जो पाचन के लिए बेहद फायदेमंद होता है। 
  • फाइबर आंतों की गतिविधि को बेहतर बनाता है और मल को नरम रखता है, जिससे कब्ज की समस्या दूर होती है।
  • विशेषज्ञ कहते हैं, फाइबर युक्त आहार पेट की सेहत के लिए जरूरी है। अमरूद में मौजूद प्राकृतिक एंजाइम्स भी पाचन प्रक्रिया को आसान बनाते हैं।


दिल के मरीजों के लिए अच्छा है अमरूद

अमरूद में पोटैशियम और फाइबर की भी अच्छी मात्रा पाई जाती है, जो हृदय स्वास्थ्य के लिए जरूरी है। 
  • पोटैशियम ब्लड प्रेशर को संतुलित रखने में मदद करता है और फाइबर बैड कोलेस्ट्रॉल को कम करता है।
  • नियमित रूप से अमरूद का सेवन करने से हृदय रोगों का खतरा कम हो सकता है। 
  • इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स शरीर में इंफ्लेमेशन को कम करते हैं और दिल की धमनियों को नुकसान होने से बचाते हैं।
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डायबिटीज में क्या खाना चाहिए? - फोटो : Adobe stock
डायबिटीज में भी खा सकते हैं अमरूद

अमरूद का ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है, जिससे यह ब्लड शुगर को तेजी से नहीं बढ़ाता। इसमें मौजूद फाइबर शुगर के अवशोषण की प्रक्रिया को धीमा करता है, जिससे ब्लड ग्लूकोज लेवल कंट्रोल में रहता है। विशेषज्ञों के अनुसार, डायबिटीज के मरीज सीमित मात्रा में अमरूद का सेवन कर सकते हैं। अमरूद के पत्तों का अर्क भी ब्लड शुगर कंट्रोल करने में सहायक हो सकता है।

अमरूद लो कैलोरी और हाई फाइबर वाला फल है, जो वजन को भी कंट्रोल रखता है। वजन कम रहना डायबिटीज और हृदय रोग दोनों से बचाव के लिए जरूरी है।



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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