Brain Health: लाइफस्टाइल और खान-पान की गड़बड़ी ने शरीर के सभी अंगों को प्रभावित किया है। हृदय रोग, डायबिटीज और मेटाबॉलिज्म से संबंधित समस्याओं की तो हम सभी अक्सर चर्चा करते हैं पर स्वास्थ्य विशेषज्ञ कम उम्र के लोगों में बढ़ती मस्तिष्क की बीमारियों को लेकर काफी चिंता जता रहे हैं। लोगों की एकाग्रता, याददाश्त, मूड और निर्णय क्षमता में हाल के वर्षों में काफी गिरावट देखी गई है। डॉक्टर्स का मानना है कि नींद की कमी इन समस्याओं का मुख्य कारण हो सकती है।
तेज रफ्तार जिंदगी और बढ़ते स्क्रीनटाइम ने हमारी नींद की गुणवत्ता को बुरी तरह प्रभावित किया है। बच्चे और युवा देर रात तक फोन, गेम या सोशल मीडिया में उलझे रहते हैं, लिहाजा प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष दोनों रूपों में इसका नींद की गुणवत्ता पर असर देखा जा रहा है।
भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) की एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत में 60% से अधिक लोग पर्याप्त नींद नहीं लेते है। नींद सिर्फ शरीर के आराम के लिए ही नहीं, बल्कि मस्तिष्क को स्वस्थ रखने के लिए भी बहुत जरूरी है।