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Gastroenteritis: बरसात के दिनों में बढ़ जाता है इस रोग का खतरा, इन लक्षणों का मतलब आप भी हो गए हैं शिकार

Fri, 14 Jul 2023 07:29 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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पेट में संक्रमण होने की समस्या - फोटो : iStock
बरसात के दिनों में कई प्रकार की संक्रामक बीमारियों का जोखिम काफी बढ़ जाता है। इसमें पेट में होने वाले संक्रमण की स्थिति काफी सामान्य है। गैस्ट्रोएंटेराइटिस ऐसी ही एक बीमारी है जिसका जोखिम मानसून के दिनों में अधिक हो सकता है। डॉक्टर इसे अल्पकालिक बीमारी मानते हैं जो आसानी से कुछ दिनों में ठीक हो जाती है। ये मुख्यरूप से पाचन तंत्र में संक्रमण और सूजन की समस्या के कारण होती है। 

गैस्ट्रोएंटेराइटिस कई कारणों से हो सकता है। मानसून के दिनों में दूषित भोजन से पेट में संक्रमण और गैस्ट्रोएंटेराइटिस जैसी कई अन्य संक्रामक बीमारियों का होना आम है क्योंकि भारी बारिश और जलभराव से पानी की गुणवत्ता प्रभावित होती है और भोजन के रखरखाव में होने वाली दिक्कतों के कारण ये रोगजनकों से संक्रमित हो सकता है।

आइए पेट की इस बीमारी के बारे में जानते हैं।
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गैस्ट्रोएंटेराइटिस या स्टमक-फ्लू की समस्या - फोटो : Pixabay
गैस्ट्रोएंटेराइटिस की समस्या के बारे में जानिए

गैस्ट्रोएंटेराइटिस को स्टमक फ्लू के नाम से भी जाना जाता है। गैस्ट्रोएंटेराइटिस के साथ, आपके पेट और आंतों में जलन और सूजन होने लगती है। इसका कारण आमतौर पर वायरल या बैक्टीरियल संक्रमण होता है। बरसात के दिनों में भोजन के रखरखाव की समस्या या भी दूषित जल के सेवन के कारण इस समस्या के होने का खतरा अधिक हो सकता है।

गैस्ट्रोएंटेराइटिस किसी को भी हो सकता है, अगर समय रहते लक्षणों पर ध्यान न दिया जाए तो इसके कारण गंभीर रोग का खतरा भी हो सकता है। आइए जानते हैं कि इस रोग की पहचान कैसे की जा सकती है?
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पेट में दर्द की समस्या - फोटो : iStock
पेट में दर्द और ऐंठन

गैस्ट्रोएंटेराइटिस के सबसे आम और प्रमुख लक्षणों में से एक है- पेट में दर्द होना। यह सूजन की वजह से आंतों की मांसपेशियों में बढ़े हुए संकुचन के कारण हो सकता है। यह दर्द कुछ-कुछ देर पर रुक कर होता है। इसके साथ आपको पाचन में गड़बड़ी से संबंधित अन्य लक्षणों का भी खतरा रहता है। अगर संक्रमण का इलाज न किया जाए तो इसके बढ़ने और गंभीर रूप लेने का भी जोखिम रहता है।

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उल्टी-दस्त की समस्या के बारे में जानिए - फोटो : iStock
दस्त-उल्टी की दिक्कत

गैस्ट्रोएंटेराइटिस की समस्या में दस्त और उल्टी होना भी काफी कॉमन है। चूंकि संक्रमण आंतों के सामान्य कार्य को प्रभावित कर देता है, जिससे द्रव स्राव बढ़ जाता है या इसका अवशोषण कम हो जाता है। डायरिया की स्थिति बनी रहने के कारण शरीर में पानी की कमी हो सकती है, जिससे लक्षण और बिगड़ने लगते हैं। डायरिया के साथ उल्टी होने की स्थिति में डिहाइड्रेशन होने का खतरा और अधिक हो सकता है।
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पेट में संक्रमण के लक्षणों को जानिए - फोटो : istock
बुखार और भूख न लगना

गैस्ट्रोएंटेराइटिस के कई मामलों में बुखार भी हो सकता है। संक्रमण से लड़ने के लिए शरीर एक रक्षा तंत्र के रूप में अपना तापमान बढ़ाता है। यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि गैस्ट्रोएंटेराइटिस के सभी मामलों में बुखार नहीं होता है। कुछ लोगों में भूख में काफी कमी आ सकती है। गैस्ट्रोइंटस्टाइनल ट्रैक्ट में सूजन और जलन के कारण खाने की इच्छा कम हो सकती है। यदि ठीक से इस बीमारी के प्रबंधन न किया जाए तो भूख की यह कमी निर्जलीकरण और कमजोरी का कारण बन सकती है।



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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