शरीर में विषाक्त पदार्थ और अपशिष्टों का जमा होना कई तरह की समस्याओं का कारण बन सकता है। पथरी बनना ऐसी ही एक समस्या है। स्टोन की समस्या मुख्यरूप से शरीर के दो हिस्सों-किडनी या पित्त की थैली में बन सकती है। किडनी में बनने वाले स्टोन को दवाइयों और घरेलू उपायों के माध्मय से निकालना आसान होता है जबकि पित्त की थैली, चूंकि एक बंद थैली नुमा अंग है ऐसे में इसमें होने वाले स्टोन को निकालने के लिए ज्यादातर मामलों में सर्जरी को ही एक विकल्प माना जाता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक हमारे खान-पान की गड़बड़ आदतें गॉलब्लैडर स्टोन का कारण बन सकती हैं।
पाचन तरल पदार्थों के अपशिष्टों के जमा होने के कारण पित्ताशय की थैली में पथरी बनती है। पित्ताशय या गॉलब्लेडर, पेट के दाहिने ओर लिवर के ठीक नीचे एक छोटा नाशपाती के आकार का अंग होता है। पित्ताशय की थैली में पित्त नामक एक पाचक द्रव होता है जो छोटी आंत में स्रावित होता रहता है, यह पाचन के लिए आवश्यक माना जाता है। गॉलब्लेडर स्टोन की स्थिति में पेट में तेज दर्द की समस्या होती है, इससे बचाव के लिए जीवनशैली और आहार का ठीक रखना बहुत आवश्यक माना जाता है। आइए जानते हैं कि किन वजहों से पित्ताशय में पथरी बन सकती है?