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Health Tips: इन वजहों से गॉलब्लैडर स्टोन का बढ़ जाता है खतरा, जानिए कैसे करें इससे बचाव?

Thu, 21 Jul 2022 12:01 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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,गॉलब्लैडर स्टोन के बारे में जानिए - फोटो : Pixabay
शरीर में विषाक्त पदार्थ और अपशिष्टों का जमा होना कई तरह की समस्याओं का कारण बन सकता है। पथरी बनना ऐसी ही एक समस्या है। स्टोन की समस्या मुख्यरूप से शरीर के दो हिस्सों-किडनी या पित्त की थैली में बन सकती है। किडनी में बनने वाले स्टोन को दवाइयों और घरेलू उपायों के माध्मय से निकालना आसान होता है जबकि पित्त की थैली, चूंकि एक बंद थैली नुमा अंग है ऐसे में इसमें होने वाले स्टोन को निकालने के लिए ज्यादातर मामलों में सर्जरी को ही एक विकल्प माना जाता है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक हमारे खान-पान की गड़बड़ आदतें गॉलब्लैडर स्टोन का कारण बन सकती हैं। 

पाचन तरल पदार्थों के अपशिष्टों के जमा होने के कारण पित्ताशय की थैली में पथरी बनती है। पित्ताशय या गॉलब्लेडर, पेट के दाहिने ओर लिवर के ठीक नीचे एक छोटा नाशपाती के आकार का अंग होता है। पित्ताशय की थैली में पित्त नामक एक पाचक द्रव होता है जो छोटी आंत में स्रावित होता रहता है, यह पाचन के लिए आवश्यक माना जाता है। गॉलब्लेडर स्टोन की स्थिति में पेट में तेज दर्द की समस्या होती है, इससे बचाव के लिए जीवनशैली और आहार का ठीक रखना बहुत आवश्यक माना जाता है। आइए जानते हैं कि किन वजहों से पित्ताशय में पथरी बन सकती है?
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कोलेस्ट्रॉल के कारण ,गॉलब्लैडर स्टोन - फोटो : istock
कोलेस्ट्रॉल की अधिकता

पित्त में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा बहुत अधिक होती है। आमतौर पर पित्त में कोलेस्ट्रॉल को खत्म करने के लिए पर्याप्त मात्रा में रसायन होते हैं, हालांकि अगर लिवर पित्त की तुलना में अधिक कोलेस्ट्रॉल का उत्सर्जन करने लगता है तो इसे कम करना कठिन हो जाता है। इस स्थिति में अतिरिक्त कोलेस्ट्रॉल, क्रिस्टल के रूप में पित्त की थैली में जमा होने लगता है। यही जमाव गॉलब्लैडर स्टोन का कारण बन सकती है। 
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,गॉलब्लैडर स्टोन क्यों होता है? - फोटो : Pixabay
बिलीरुबिन की मात्रा का बढ़ना

पित्त में बिलीरुबिन की भी अधिकता होती है। बिलीरुबिन एक रसायन है जो लाल रक्त कोशिकाओं के ब्रेक डाउन के समय उत्पन्न होता है। कुछ स्थितियों के कारण जब आपका लिवर बहुत अधिक मात्रा में बिलीरुबिन बनाने लगता है तो इससे  लिवर सिरोसिस, पित्त पथ में संक्रमण, पीलिया और कुछ रक्त विकार हो सकते हैं। अतिरिक्त बिलीरुबिन के कारण भी पित्त की थैली में पथरी बन सकती है। 

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,गॉलब्लैडर स्टोन बढ़ाने वाले कारक - फोटो : iStock
पित्ताशय का ठीक से खाली न होना

अगर आपका पित्ताशय ठीक से खाली नहीं हो रहा तो इस स्थिति में भी पित्त का अधिक जमाव हो सकता है जिसके कारण पित्त की थैली में पथरी का निर्माण होने लगता है। पित्ताशय  के ठीक तरीके से खाली ने होने की शारीरिक रूप से कई वजहें हो सकती हैं।
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,गॉलब्लैडर स्टोन से कैसे बचाव करें? - फोटो : pixabay
गॉलब्लेडर स्टोन का कारण बनने वाली स्थितियां
  • मोटापा या अधिक वजन होने से भी पित्त की थैली में पथरी होने का खतरा बढ़ जाता है। 
  • जिन लोगों के आहार में फाइबर वाली चीजों की मात्रा कम होती है उनमें भी गॉलब्लैडर स्टोन का खतरा रहता है।
  • भोजन छोड़ना या अक्सर उपवास करना भी पित्त की पथरी के खतरे को बढ़ा सकता है।


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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें। 
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