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नई मुसीबत: कोरोना से ठीक हुए मरीजों को हो रही ये गंभीर बीमारी, गलने लगते हैं शरीर के अंग, जानिए लक्षण

हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: सोनू शर्मा Updated Sat, 18 Sep 2021 11:23 AM IST
कोरोना से ठीक होने के बाद बीमारी 1 of 6
कोरोना से ठीक होने के बाद बीमारी - फोटो : Pixabay
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Medically Reviewed by Dr. Rajesh Mundeja 

डॉ राजेश मुंडेजा 
जनरल फिजीशियन, उजाला सिग्नस अस्पताल  
डिग्री- एम.बी.बी.एस, एमडी


किसी व्यक्ति का कोरोना से संक्रमित होना आजकल तो आम बात हो गई है। थोड़ी सी भी लापरवाही लोगों को संक्रमण का शिकार बना दे रही है। अगर आप कोरोना के कारण गंभीर रूप से बीमार नहीं हुए हैं और जल्दी ठीक हो गए, तो ये अच्छी बात है, लेकिन दिक्कत ये है कि संक्रमण से उबरने के बाद भी लोग तरह-तरह की बीमारियों का शिकार हो रहे हैं। कुछ महीने पहले तक मरीजों को ब्लैक, येलो और व्हाइट फंगस ने परेशान किया था और अब भारत में कोरोना से ठीक हुए मरीजों में एक नई बीमारी देखने को मिल रही है, जो बेहद ही घातक है। दरअसल, कोविड से ठीक होने के बाद पांच मरीजों के गॉल ब्लैडर में गैंग्रीन की समस्या देखी गई है। दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल के डॉक्टरों का कहना है कि ये भारत में इस तरह का पहला मामला है। इससे चिंताएं काफी बढ़ गई हैं। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
रिपोर्ट्स के मुताबिक, कोरोना से ठीक होने के बाद पांचों मरीजों को पेट दर्द और उल्टी की शिकायत थी, जिसके बाद उनका सीटी स्कैन किया गया तो उनकी पित्त की थैली में गैंग्रीन की पुष्टि हुई। हालांकि ऑपरेशन के जरिये डॉक्टरों ने इनकी जान बचा ली है। 

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
क्या होता है गैंग्रीन? 
  • गैंग्रीन एक घातक बीमारी है। यह बीमारी तब होती है, जब शरीर के किसी हिस्से के टिशू यानी ऊतक नष्ट हो जाते हैं। यह समस्या किसी चोट या इंफेक्शन यानी संक्रमण होने की स्थिति में होती है। सर गंगाराम अस्पताल के डॉक्टरों के मुताबिक, जिन पांचों मरीजों में गैंग्रीन की पुष्टि हुई, उनमें से चार मरीजों की पित्त की थैली फट चुकी थी और ऐसे में उनकी तुरंत सर्जरी की गई।  
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
कितनी खतरनाक बीमारी है गैंग्रीन? 
  • गैंग्रीन बीमारी के खतरनाक होने का अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते हैं कि यह शरीर के जिस भी हिस्से पर होता है, वह हिस्सा काला या बैंगनी रंग का दिखना शुरू हो जाता है और धीरे-धीरे गलने लगता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक, इसका एकमात्र इलाज ऑपरेशन ही होता है। दरअसल, शरीर के जिस भी हिस्से पर गैंग्रीन का असर होता है, उसे काटकर हटा दिया जाता है। 

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज 
  • विशेषज्ञ कहते हैं कि कोरोना से ठीक होने के बाद अगर लोगों को पेट में दर्द, उल्टी और भूख कम लगना जैसे लक्षण दिखते हैं तो इन्हें भूलकर भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और तुरंत डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। 

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
  • वैसे आमतौर पर गैंग्रीन बीमारी डायबिटीज, एचआईवी संक्रमण, वैस्कुलर डिजीज (संवहनी रोग), सेप्सिस के मरीज और लंबे समय तक भूखे रहने वाले लोगों में देखने को मिलती है। ऐसे लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। 
नोट: डॉक्टर राजेश मुंडेजा, सऊदी अरब, मॉरीशस, मालदीव और भारत सहित विभिन्न देशों में काम करने के साथ 25+ वर्षों के अनुभव वाले एक जाने-माने चिकित्सक हैं। इन्होंने बीकानेर के एसपी मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस और एमडी की डिग्री प्राप्त की है। इसके साथ इन्होंने सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय में चिकित्सा विशेषज्ञ के रूप में काम किया है और उजाला सिग्नस अस्पताल में शामिल होने से पहले आजमगढ़ उत्तर प्रदेश के महामृत्युंजय अस्पताल में निर्देशक, वरिष्ठ सलाहकार चिकित्सक और चिकित्सा विभाग के प्रमुख रहे हैं।  

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित अस्वीकरण- बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें। 
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