हाल के वर्षों में जिन मानसिक रोग के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी देखने को मिली है, डेमेंशिया उनमें से एक है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक हमारे खान-पान और जीवनशैली का हमारे स्वास्थ्य पर असर पड़ता है। हाल में वर्षों में ज्यादातर लोगों में बिगड़ी इन दोनों आदतों के कारण डेमेंशिया का निदान कम उम्र वाले लोगों में भी हो रहा है। डेमेंशिया, मानसिक रोगों की एक गंभीर समस्या है जिसमें लोगों में कमजोर याददाश्त, भाषा को समझने, समस्याओं का समाधान कर पाने और सोचने की क्षमता से संबंधित दिक्कतें हो सकती हैं।
अध्ययनों से पता चलता है कि हमारे पर्यावरण, जीवन-शैली की खराब आदतों और खान-पान में गड़बड़ी के कारण मानसिक रोगों का खतरा पहले की तुलना में अधिक बढ़ गया है। वैसे तो डेमेंशिया के लिए आनुवंशिकी, आयु जैसे कई कारकों को जिम्मेदार माना जा सकता है, इसमें भी भोजन की गड़बड़ी के कारण समस्या बढ़ जाती है। आइए आगे की स्लाइडों में जानते हैं कि आखिर किस प्रकार के भोजन के कारण लोगों में डेमेंशिया का खतरा बढ़ रहा है।