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जानना जरूरी: क्या सभी लोग ले सकते हैं फिश ऑयल कैप्सूल? क्या हैं इसके फायदे और नुकसान, जानिए सबकुछ

Thu, 06 Mar 2025 07:45 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

फिश ऑयल कैप्सूल का सेवन आजकल बहुत लोकप्रिय हो गया है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, इसमें मुख्य रूप से ओमेगा-3 फैटी एसिड पाया जाता है, जो हमारे शरीर के लिए बेहद जरूरी है। क्या सभी लोग इसका सेवन कर सकते हैं? आइए जानते हैं
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फिश ऑयल कैप्सूल के फायदे - फोटो : freepik.com
शरीर को बीमारियों से बचाए रखने के लिए हमें नियमित रूप से पौष्टिक आहार की आवश्यकता होती है। इसकी मदद से जरूरी विटामिन्स-प्रोटीन्स और एंटीऑक्सीडेंट्स प्राप्त किए जा सकते हैं। जिन लोगों को आहार के माध्यम से पोषक तत्व नहीं मिल पाते हैं उन्हें डॉक्टर सप्लीमेंट लेने की सलाह देते हैं।

आपने भी एक ऐसे ही सप्लीमेंट- फिश ऑयल कैप्सूल के बारे में जरूर सुना होगा। क्या आप इससे होने वाले फायदों के बारे में जानते हैं।

फिश ऑयल कैप्सूल का सेवन आजकल स्वास्थ्य के लिए बहुत लोकप्रिय हो गया है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, इसमें मुख्यरूप से ओमेगा-3 फैटी एसिड की भरपूर मात्रा पाया जाता है, जो हमारे शरीर के लिए बेहद जरूरी है। यही कारण है कि हार्ट, ब्रेन हेल्थ को ठीक रखने के लिए लोग फिश ऑयल कैप्सूल्स का सेवन कर रहे हैं। पर क्या सभी लोगों को इसका सेवन करना चाहिए? आइए इस बारे में जानते हैं।
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ओमेगा-3 फैटी एसिड सेहत के लिए बहुत जरूरी - फोटो : freepik.com
फिश ऑयल कैप्सूल्स और इसके फायदे

फिश ऑयल कैप्सूल्स कई प्रकार के पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं। मुख्यरूप से इसे ओमेगा-3 फैटी एसिड, विटामिन ए, विटामिन-डी और एंटीऑक्सीडेंट गुणों से भरपूर माना जाता है। ओमेगा-3 फैटी एसिड की पूर्ति के लिए ये सप्लीमेंट काफी चर्चा में रहता है। 

अध्ययनों से पता चलता है कि ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरपूर आहार या सप्लीमेंट्स लेना दिल और दिमाग दोनों को स्वस्थ रखने में मदद करता है। हालांकि बिना डॉक्टरी सलाह के किसी भी सप्लीमेंट के सेवन से बचा जाना चाहिए।
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हृदय रोगों से कैसे बचें? - फोटो : Freepik.com
दिल को स्वस्थ रखने में सहायक

फिश ऑयल कैप्सूल का नियमित सेवन हृदय रोगों के जोखिम को कम कर सकता है। शोध के अनुसार इसमें मौजूद ओमेगा-3 फैटी एसिड, कोलेस्ट्रॉल और ब्लड प्रेशऱ के स्तर को नियंत्रित करने, ट्राइग्लिसराइड्स को कम करने में मददगार है जिससे हार्ट अटैक और स्ट्रोक के जोखिम को कम करने में मदद मिलती है।

अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के विशेषज्ञ कहते हैं, सभी लोगों को नियमित रूप से ओमेगा-3 फैटी एसिड वाली चीजें जरूर खानी चाहिए।

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मेमोरी बढ़ाने के तरीके - फोटो : Freepik.com
ब्रेन हेल्थ ठीक रखने में मददगार
 
नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ की रिपोर्ट के मुताबिक मस्तिष्क के विकास में  ओमेगा-3 फैटी एसिड महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यह याददाश्त, एकाग्रता और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है। इतना ही नहीं डिप्रेशन, एंग्जायटी और अल्जाइमर के लक्षणों को कम करने भी इससे लाभ मिल सकता है।

हालांकि अध्ययनों से पता चलता है कि प्राकृतिक स्रोतों के माध्यम से  ओमेगा-3 प्राप्त करना अधिक फायदेमंद होता है।
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डॉक्टर की सलाह पर ही लें दवाएं - फोटो : freepik.com
अध्ययनकर्ताओं ने बताया कि फिश ऑयल कैप्सूल के और भी कई लाभ हो सकते हैं।
  • फिश ऑयल त्वचा को हाइड्रेटेड रखता है। इसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो मुंहासों, झुर्रियों को भी कम करता है। 
  • फिश ऑयल ड्राई आई सिंड्रोम में भी लाभकारी है। इससे मोतियाबिंद के जोखिमों से भी बचा जा सकता है।
  • फिश ऑयल में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं जो ऑस्टियोआर्थराइटिस में मदद करते हैं।
  • ओमेगा-3 फैटी एसिड शरीर के मेटाबॉलिज्म को तेज करता है जिससे वजन कम किया जा सकता है।
अध्ययनों से पता चलता है कि फिश ऑयल कैप्सूल सेहत के लिए बहुत फायदेमंद हैं, लेकिन डॉक्टर से सलाह लेकर ही इसका सेवन करना चाहिए। यह दिल, दिमाग, त्वचा और हड्डियों के लिए एक संपूर्ण सप्लीमेंट है।

गर्भवती महिलाएं, लो ब्लड प्रेशर, एलर्जी की समस्या या फिर जो लोग ब्लड थिनर दवाएं ले रहे हैं उनके लिए इसके अधिक या अकारण सेवन से नुकसान हो सकता है। यही कारण है कि बिना डॉक्टरी सलाह के किसी भी सप्लीमेंट के सेवन से बचना चाहिए। 



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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