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Stroke Risk: डाइट में फाइबर, 7% तक कम कर सकता है स्ट्रोक का खतरा, बचाव के लिए इन बातों का भी रखें ध्यान

Sun, 27 Aug 2023 01:59 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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स्ट्रोक का बढ़ता खतरा - फोटो : Pixabay
स्ट्रोक, दुनियाभर में मृत्यु के बढ़ते जोखिम कारकों में से एक है, जो हर साल लाखों लोगों की मौत का कारण बनती है। एक अनुमान के मुताबिक अमेरिका में स्ट्रोक से हर साल लगभग 1.40 लाख लोगों की मौत हो जाती है, यह लगभग 20 मौतों में से एक मौत के बराबर है। विशेषज्ञ कहते हैं, अमेरिका में हर 40 सेकंड में किसी को स्ट्रोक होता है, हर 4 मिनट में स्ट्रोक से एक की मौत हो जाती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, सभी लोगों को इस बढ़ते खतरे से बचाव को लेकर उपाय करते रहना बहुत जरूरी है। 

डॉक्टर कहते हैं, स्ट्रोक तब होता है जब आपके मस्तिष्क के किसी हिस्से में रक्त का प्रवाह बाधित हो जाता है, इस स्थिति में कोशिकाएं मरने लगती हैं। स्ट्रोक लकवा के खतरे को भी बढ़ाने वाला हो सकता है। स्ट्रोक से बचाव के लिए प्रयास करते रहना जरूरी है। आइए जानते हैं कि इससे बचाव के लिए क्या उपाय किए जा सकते हैं?
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फाइबर वाली चीजों के सेवन के लाभ - फोटो : istock
फाइबर कम करता है स्ट्रोक का जोखिम

आहार में फाइबर की अधिकता पाचन स्वास्थ्य को ठीक रखने के लिए बहुत आवश्यक मानी जाती है, आहार में इसकी मात्रा को बढ़ाकर स्ट्रोक के खतरे को भी कम किया जा सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, दैनिक आहार में प्रत्येक 7 ग्राम अतिरिक्त फाइबर को शामिल करने से आपके स्ट्रोक का जोखिम 7% तक कम हो जाता है। शरीर को स्वस्थ रखने के लिए प्रतिदिन लगभग 25 ग्राम की मात्रा में फाइबर की जरूरत होती है। नियमित रूप से इसके सेवन की मात्रा को बढ़ाकर शरीर को स्वस्थ रखने में लाभ मिल सकता है।

आइए जानते हैं और किन उपायों का पालन करके स्ट्रोक से बचाव किया जा सकता है?
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हृदय गति में अनियमितता की समस्या - फोटो : istock
हृदय गति पर रखें ध्यान 

एट्रियल फिब्रिलेशन (एएफआईबी) अनियमित हृदय गति की समस्या है, जिसपर गंभीरता से ध्यान दिया जाना सभी लोगों के लिए जरूरी है। अध्ययनकर्ताओं ने पाया कि अगर आपको अक्सर ये समस्या बनी रहती है तो इसके स्ट्रोक होने की आशंका पांच गुना अधिक हो जाती है। यदि आपके दिल की धड़कन अक्सर तेज या अनियमित बनी रहती है तो इस बारे में समय रहते किसी विशेषज्ञ से सलाह लें। इससे हार्ट अटैक होने का खतरा भी बढ़ जाता है। 

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मोटापा होने के जोखिम - फोटो : iStock
मोटापा और ब्लड प्रेशर को करें कंट्रोल

मोटापा या अधिक वजन की स्थिति भी स्ट्रोक के जोखिम को बढ़ा सकती है। शोधकर्ताओं ने पाया कि अगर आप 4-5 किलो भी वजन कम कर सकते हैं तो इससे भी आप अपने जोखिमों को कम कर सकते हैं। अधिक वजन, हाई ब्लड प्रेशर के खतरे को भी बढ़ा देती है और इसे स्ट्रोक के प्रमुख जोखिम कारकों में से एक माना जाता है। 

यदि आपका रक्तचाप अक्सर बढ़ा हुआ रहता है तो इसके कारण भी स्ट्रोक हो सकता है।
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तनाव से होने वाली समस्याएं - फोटो : istock
ज्यादा तनाव की स्थिति भी खतरनाक

तनाव सिर्फ मानसिक स्वास्थ्य की समस्या नहीं है, ये आपमें स्ट्रोक होने के खतरे को भी बढ़ाने वाली हो सकती है। तनाव की समस्या शरीर में इंफ्लामेशन को बढ़ाने वाली मानी जाती है, इससे मस्तिष्क की कोशिकाओं को नुकसान हो सकता है। तनाव की स्थिति को स्ट्रोक के अलावा शरीर में कई प्रकार की और भी क्रोनिक स्वास्थ्य समस्याओं का कारक माना जाता है, इसे प्रबंधित करने के लिए प्रयास किया जाना जरूरी है।


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स्रोत और संदर्भ
Eating more fiber may lower risk of first-time stroke


अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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