मेक्सिको के एक जनरल अस्पताल के बाहर एक गाड़ी रुकती है। स्वास्थ्यकर्मी और कुछ वार्ड ब्यॉय स्ट्रेचर लेकर बाहर आते हैं। जबतक वे उठाकर मरीज को अंदर ले जाते, वह फर्श पर गिर चुका था और तबतक देर हो चुकी थी, बहुत देर। बाइलोन नाम का वह शख्स इस दुनिया से विदा ले रहा था। सांस लेने में हो रही तकलीफों के बीच उसकी पत्नी चिल्लाती रही... सांस लो प्लीज, कोशिश करो...। लेकिन एक घंटे के भीतर शख्स की मौत हो गई।
कोरोना महामारी के इस दौर में ऐसी कई भयावह घटनाएं अक्सर हो रही हैं। शख्स को अचानक तो ऐसा नहीं हुआ होगा। फिर उसे अस्पताल लाए जाने में इतनी देर क्यों हुई? क्या आप कल्पना कर सकते हैं? दरअसल इसके पीछे की बड़ी और आश्चर्यजनक वजह है- अस्पतालों का डर।