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Fatty Liver: फैटी लिवर वाले मरीजों को भूलकर भी नहीं करनी चाहिए ये गलतियां, वरना जान तक भी जा सकती है

Fri, 23 Jan 2026 06:49 PM IST
शिखर बरनवाल हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Fatty Liver Mistakes: फैटी लिवर एक गंभीर बीमारी है, हमारे देश की एक बड़ी आबादी इस बीमारी से ग्रसित है। ध्यान देने वाली बात यह है कि अगर इस बीमारी के मरीज कुछ बातों का ध्यान नहीं रखते हैं तो ये उनके लिए जानलेवा भी साबित हो सकती है। आइए इस लेख में इसी के बारे में विस्तार से जानते हैं।
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लिवर - फोटो : adobe stock images
How to Manage Fatty Liver: फैटी लिवर आज के समय में एक बड़ी बीमारी बन चुकी है, जो आधुनिक जीवनशैली और गलत खान-पान की वजह से तेजी से पैर पसार रहा है। अक्सर लोग लिवर में सूजन या हल्की चर्बी को सामान्य मानकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन यह लापरवाही भविष्य में लिवर सिरोसिस या लिवर फेलियर जैसी जानलेवा स्थितियों का आधार बनती है।

जब लिवर अपनी क्षमता से अधिक फैट जमा करने लगता है, तो इसकी कार्यक्षमता घटने लगती है और शरीर से टॉक्सिन्स बाहर निकलने बंद हो जाते हैं। यह स्थिति केवल शराब पीने वालों तक सीमित नहीं है, बल्कि 'नॉन-अल्कोहलिक फैटी लिवर' अब बच्चों और युवाओं में भी आम हो गया है। अब ध्यान देने वाली बात यह है कि अगर कोई इस समस्या से जूझ रहा है, तो कुछ ऐसी सामान्य लगने वाली गलतियां हैं जो आपके लिवर को हमेशा के लिए बर्बाद कर सकती हैं। इन गलतियों को समय रहते पहचानना और सुधारना आपकी सेहत को ठीक कर सकता है।
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लिवर - फोटो : Freepik.com
फैटी लिवर के मरीजों के लिए कौन सी आदतें सबसे खतरनाक हैं?
फैटी लिवर होने पर शरीर को अतिरिक्त देखभाल की जरूरत होती है, लेकिन ये गलतियां स्थिति बिगाड़ सकती हैं-
  • कोल्ड ड्रिंक्स और पैकेज्ड जूस में मौजूद चीनी लिवर में सीधे फैट के रूप में जमा होती है।
  • बिना डॉक्टर की सलाह के पेनकिलर्स या सप्लीमेंट्स लेना लिवर पर दबाव बढ़ाता है।
  • देर रात भोजन करना रात के समय मेटाबॉलिज्म को धीमा कर देता है, जिससे खाया गया फैट सीधे लिवर में स्टोर हो जाता है।
  • शारीरिक व्यायाम की कमी चर्बी को बर्न करने के बजाय उसे लिवर के चारों ओर जमा करती है।
 
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Liver - फोटो : Freepik.com
क्या फैटी लिवर का इलाज न करने पर जान जा सकती है?
जी हां, फैटी लिवर का बढ़ना एक खतरनाक बीमारी है। अगर शुरुआती 'स्टेज 1' पर ध्यान नहीं दिया गया, तो यह 'स्टीटोहेपेटाइटिस' में बदल जाता है, जहां लिवर की कोशिकाएं मरने लगती हैं और वहां घाव होने लगते हैं। अंतिम चरण में यह 'सिरोसिस' का रूप ले लेता है, जिसका एकमात्र समाधान लिवर ट्रांसप्लांट होता है। यह स्थिति शरीर के अन्य अंगों जैसे हृदय और किडनी को भी प्रभावित कर सकती है, जो जान जाने के जोखिम को कई गुना बढ़ा देता है।

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दौड़ना - फोटो : Adobe Stock
लिवर की सेहत सुधारने के लिए क्या बदलाव करें?
लिवर में जमा चर्बी को कम करना असंभव नहीं है, बस आपको अनुशासन की जरूरत है-
  • रिफाइंड कार्ब्स की जगह साबुत अनाज और हरी पत्तेदार सब्जियों को आहार में शामिल करें।
  • दिन में कम से कम 30 मिनट टहलें या कार्डियो एक्सरसाइज करें, ये लिवर फैट को तेजी से कम करती है।
  • शरीर के कुल वजन का केवल 5-7% कम करने से भी लिवर की सूजन में भारी कमी आती है।
  • शराब लिवर कोशिकाओं के लिए जहर का काम करती है, इसलिए भूलकर इसका सेवन न करें।
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लिवर - फोटो : Adobe Stock
क्या करें?
फैटी लिवर कोई ऐसी बीमारी नहीं है जिसे ठीक न किया जा सके, लेकिन इसके लिए आपको अपनी पुरानी आदतों का त्याग करना होगा। यह खबर इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि हम अक्सर पेट के बाहरी घेरे की तो चिंता करते हैं, लेकिन शरीर के भीतर सबसे महत्वपूर्ण 'फिल्टर' यानी लिवर को भूल जाते हैं। अपनी जीवनशैली में आज ही सुधार करें, क्योंकि एक स्वस्थ जिवन के लिए लिवर का स्वस्थ रहना बहुत जरूरी है। छोटी सी सावधानी आपको बड़ी सर्जरी और अस्पताल के चक्करों से बचा सकती है।

नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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