लिवर की बीमारियों को लेकर अलर्ट
- फोटो : Freepik.com
पाचन तंत्र की समस्याओं को लेकर विशेषज्ञों ने किया अलर्ट
विश्व गैस्ट्रोएंटरोलॉजी कांग्रेस-2026 (30 सितंबर से 3 अक्टूबर 2026) में 61 देशों के करीब 3,000 विशेषज्ञों ने स्वास्थ्य समस्याओं पर मंथन किया। चार दिवसीय विश्व गैस्ट्रोएंटरोलॉजी कांग्रेस भारत में पहली बार हो रही है। इसका विषय पाचन तंत्र के स्वास्थ्य में बदलाव, प्रकृति का संरक्षण है। लिवर और पाचन तंत्र की बीमारियों की पहचान और इलाज में अब कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के इस्तेमाल पर भी चर्चा हुई।
- इसमें विशेषज्ञों ने बताया कि भारत के 100 में से 39 वयस्कों को फैटी लिवर की समस्या है। चिंताजनक बात ये है कि बच्चे भी इसका शिकार होते जा रहे हैं। भारतीय बच्चों में भी यह अनुमान 35.4 % है।
- स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बताया कि चूंकि फैटी लिवर के शुरुआती चरण में अक्सर साफ लक्षण दिखाई नहीं देते इसलिए इसको लेकर चिंता और बढ़ जाती है।
- मोटापा, डायबिटीज और जीवनशैली से जुड़ी दूसरी समस्याएं भी इस बीमारी को बढ़ाती जा रही हैं।
विशेषज्ञों ने बताया कि फैटी लिवर डिजीज के साथ पाचन संबंधी समस्याएं भी कितनी आम हो चुकी हैं, इसपर भी विशेषज्ञों ने चर्चा की। यानी पेट से जुड़ी छोटी लगने वाली परेशानियां भी लंबे समय में बड़ी समस्याओं का संकेत हो सकती हैं। एम्स के विशेषज्ञों ने बताया कि दुनिया में हर तीन में एक व्यक्ति को कब्ज, दस्त या दूसरी पाचन संबंधी शिकायतों का सामना करना पड़ता है।
कार्यक्रम के पहले दिन (30 सितंबर) को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि देश में लिवर और पाचन तंत्र की बीमारियों का बोझ बढ़ रहा है, जिसे लेकर सभी लोगों को अलर्ट रहने की आवश्यकता है।