दुनियाभर में लाखों लोग हाई कोलेस्ट्रॉल की समस्या से जूझ रहे हैं, लेकिन चौंकाने वाली बात यह है कि 70 प्रतिशत से अधिक मरीजों को इस बीमारी के होने का पता ही नहीं चल पाता। नेशनल जियोग्राफिक में प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार यह स्थिति विशेष रूप से उस बीमारी में देखने को मिलती है जिसे फैमिलियल हाइपरकोलेस्ट्रोलेमिया (एफएच) कहा जाता है। यह एक आनुवंशिक विकार है, जिसमें खून में लो-डेंसिटी लिपोप्रोटीन (एलडीएल या बुरा कोलेस्ट्रॉल) असामान्य रूप से बढ़ जाता है और मरीज को हृदय रोग व स्ट्रोक का गंभीर खतरा रहता है।
फैमिलियल हाइपर कोलेस्ट्रोलेमिया का निदान रक्त परीक्षण और जेनेटिक टेस्टिंग से किया जा सकता है। इसका उपचार मुख्यरूप से जीवनशैली में बदलाव और दवाइयों के संयोजन से किया जाता है।
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, धूम्रपान तथा शराब से परहेज और डॉक्टर द्वारा सुझाई गई कोलेस्ट्रॉल-नियंत्रक दवाओं का सेवन करने से जोखिम काफी हद तक कम किया जा सकता है।
आइए इस समस्या के बारे में जानते हैं।