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सावधान: बिना किसी बड़े लक्षणों के भी बढ़ सकता है कोलेस्ट्रॉल, आंखें देखकर भी लगा सकते हैं इसका पता

Wed, 30 Sep 2026 11:41 AM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

कोलेस्ट्रॉल शरीर के लिए जरूरी है, लेकिन इसकी अधिकता रक्त वाहिकाओं को प्रभावित कर सकती है। इसका असर आंखों में भी दिखाई दे सकता है। पलकों के आसपास पीले जमाव या कॉर्निया के आसपास नीले-भूरे घेरे जैसे बदलाव हाई कोलेस्ट्रॉल का संकेत हो सकते हैं।
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कोलेस्ट्रॉल - फोटो : Adobe Stock
कोलेस्ट्रॉल का नाम सुनते ही सबसे पहले हमारे मन में दिल की सेहत का ख्याल आता है। कोलेस्ट्रॉल वैसे तो सेहत के लिए जरूरी होता है, ये कोशिकाओं और हार्मोन्स को बनाने में मदद करता है।लेकिन जब शरीर में इस मोमनुमा पदार्थ की मात्रा जरूरत से ज्यादा बढ़ जाती है तो इसका सेहत पर कई तरह से नकारात्मक असर हो सकता है। 

खून में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा हाई होने से ये रक्त वाहिकाओं में जमा होकर धमनियों में ब्लॉकेज कर सकता है। इससे शरीर के अलग-अलग हिस्सों में रक्त का प्रवाह प्रभावित होने का खतरा रहता है।

हर बार हाई कोलेस्ट्रॉल के स्पष्ट लक्षण महसूस नहीं होते। कई बार आंखों के आसपास त्वचा में बदलाव या नजर से जुड़ी परेशानी के माध्यम से ये पता लगाया जा सकता है कि कहीं आपका कोलेस्ट्रॉल लेवल बढ़ तो नहीं गया है। 

आइए जानते हैं आंखों में कौन-से बदलाव हाई कोलेस्ट्रॉल की ओर संकेत हो सकते हैं?
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आंखों में कोलेस्ट्रॉल के लक्षण - फोटो : Freepik.com
पलकों के आसपास पीला जमाव

हाई कोलेस्ट्रॉल के कारण आपको जैंथेलाज्मा की दिक्कत हो सकती है। इसमें पलकों या आंखों के आसपास की त्वचा पर छोटे-छोटे पीले रंग के उभरे हुए जमाव दिखाई दे सकते हैं। ये जमाव असल में त्वचा के नीचे जमा फैट के कारण होते हैं।

कुछ लोगों में हाई कोलेस्ट्रॉल के साथ इस तरह के पीले जमाव देखने को मिलते हैं। हालांकि, यह जरूरी नहीं कि हर व्यक्ति में जैंथेलाज्मा का कारण सिर्फ बढ़ा हुआ कोलेस्ट्रॉल ही हो। कई बार ये डायबिटीज और थायरॉइड की गड़बड़ी समस्याओं के कारण भी सामने आ सकता है।
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आंखों के लक्षण - फोटो : Freepik.com
अचानक नजर धुंधली होना भी हो सकता है संकेत

हाई कोलेस्ट्रॉल का असर आंखों की उन रक्त वाहिकाओं पर भी पड़ सकता है, जो रेटिना तक खून पहुंचाती हैं। इसी से जुड़ी एक समस्या है रेटिनल वेन इंक्लूजन, यानी रेटिना की नस में रक्त प्रवाह का रुक जाना।
 
  • जब रेटिना की नस में किसी तरह की रुकावट आती है तो आंख के अंदर रक्त का सामान्य प्रवाह प्रभावित हो जाता है। इसका असर नजर पर पड़ सकता है और कुछ लोगों में धुंधला दिखाई देने जैसी समस्या हो सकती है।
  • अगर रेटिनल वेन इंक्लूजन का समय पर इलाज न हो तो गंभीर स्थिति में नजर को स्थायी नुकसान पहुंचने का खतरा रहता है। 

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आंखों में कोलेस्ट्रॉल के संकेत - फोटो : Freepik.com
आंख की पुतली के आसपास नीला या भूरा घेरा

आंख के काले हिस्से यानी पुतली के चारों ओर नीले या भूरे रंग का गोल घेरा दिखाई देना आर्कस सेनिलिस कहलाता है। यह कॉर्निया के किनारे पर वसा या कोलेस्ट्रॉल के जमाव से जुड़ा हो सकता है।
 
  • उम्र बढ़ने के साथ कुछ लोगों में यह घेरा सामान्य रूप से भी दिखाई दे सकता है। लेकिन कम उम्र में ऐसा बदलाव नजर आए तो शरीर में कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड्स के असामान्य स्तर की जांच जरूरी हो जाती है।
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आंखों में दिखने वाले लक्षण - फोटो : Freepik.com
इन सावधानियों का रखें ध्यान

आंखों में होने वाला हर बदलाव हाई कोलेस्ट्रॉल की वजह से हो, यह जरूरी नहीं है। लेकिन पलकों के आसपास पीले जमाव, नजर में अचानक बदलाव या कॉर्निया के आसपास असामान्य घेरा जैसे संकेत दिखाई दें तो इसपर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए।
 
  • हाई कोलेस्ट्रॉल कई बार बिना किसी साफ लक्षण के भी शरीर में बढ़ता रहता है। इसलिए ऐसे संकेत मिलने पर डॉक्टर की सलाह के साथ कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड्स की जांच कराना आपको भविष्य में किसी बड़े खतरे से बचाने में मददगार हो सकता है।
  • जिन लोगों में पहले से हृदय रोग, मधुमेह या हाई ब्लड प्रेशर जैसी समस्याएं हैं, उन्हें ऐसे बदलावों पर और गंभीरता से ध्यान देना चाहिए। 



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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