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जानना जरूरी: आंखों का इंफेक्शन बढ़ा सकता है आपकी परेशानी, कैसे जानें संक्रमण तो नहीं हो गया?

Mon, 28 Sep 2026 10:19 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

आंखों का संक्रमण कई बार साधारण कंजंक्टिवाइटिस के कारण हो सकता है, लेकिन कुछ मामलों में कॉर्निया भी प्रभावित हो सकती है। केराटाइटिस जैसे संक्रमण गंभीर हो सकते हैं। तेज दर्द, रोशनी से परेशानी, नजर धुंधली होने पर तुरंत डॉक्टर से जांच करानी चाहिए।
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आंखों में इंफेक्शन की समस्या - फोटो : Amarujala.com/AI
आंखों में संक्रमण की समस्या बहुत आम है, बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक हर उम्र वालों में ये समस्या देखी जाती रही है। इंफेक्शन के कारण आंखों में लालिमा, पानी आने, खुजली या स्राव जैसी दिक्कतें हो सकती हैं। आमतौर पर कंजंक्टिवाइटिस को आंखों में संक्रमण का सबसे आम कारण माना जाता है। वैसे तो संक्रमण की समस्या कुछ समय में अपने आप ठीक हो जाती है, लेकिन हर बार आंख का संक्रमण एक जैसा नहीं होता।

कुछ प्रकार के संक्रमण आंख को अंदर तक नुकसान पहुंचा सकते हैं, संक्रमण कॉर्निया यानी आंख की सामने वाली पारदर्शी परत तक पहुंच सकता है। कॉन्टैक्ट लेंस पहनने वालों में यह खतरा खास तौर पर ज्यादा देखा जाता रहा है। गर्मी और बरसात के दिनों में ये दिक्कत ज्यादा देखी जाती रही है। 

अगर आप भी इस समस्या से परेशान हैं तो आइए जान लेते हैं ये कितना जोखिम भरा हो सकता है और ऐसी स्थिति में क्या करना चाहिए?
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आंखों में संक्रमण - फोटो : Freepik.com
स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, आंखों में गंभीर प्रकार के संक्रमण के कारण दर्द, रोशनी से परेशानी और नजर धुंधली होने जैसी शिकायतें हो सकती हैं। यही वजह है कि अगर लंबे समय से आंखे लाल हैं तो सिर्फ घरेलू उपायों से इसे दबाने के बजाय समय रहते डॉक्टर की सलाह जरूरी है। संक्रमण पर अगर समय रहते ध्यान न दिया जाए तो इससे नजर प्रभावित हो सकती है। यही कारण है कि समय पर जांच और इलाज कराना जरूरी है।

कंजंक्टिवाइटिस सबसे आम समस्या

कंजंक्टिवाइटिस में आंख के सफेद हिस्से और पलकों की अंदरूनी सतह को ढकने वाली पतली झिल्ली में सूजन आ जाती है। ये वायरस और बैक्टीरिया दोनों प्रकार के संक्रमण के कारण हो सकता है।
 
  • कंजंक्टिवाइटिस के कारण आंख लाल होने, पानी आने, चिपचिपा स्राव और जलन जैसी समस्याएं हो सकती हैं। 
  • वायरल और बैक्टीरियल कंजंक्टिवाइटिस के एक व्यक्ति से दूसरे तक फैलने का खतरा हो सकता है, इसलिए साथ रहने वाले लोगों को भी सावधानी बरतनी चाहिए।
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आंखों की दिक्कतें - फोटो : Freepik.com
केराटाइटिस की दिक्कत

कॉर्निया आंख की सामने वाली पारदर्शी परत है। इसमें संक्रमण होने को केराटाइटिस कहा जाता है। कॉन्टैक्ट लेंस का गलत इस्तेमाल इस समस्या का जोखिम बढ़ा सकता है। 
 
  • इसमें आंख लाल होने के साथ दर्द, रोशनी से परेशानी, पानी आना और अचानक धुंधला दिखाई देने की दिक्कत हो सकती है। माइक्रोबियल केराटाइटिस गंभीर होने पर नजर को स्थाई नुकसान भी पहुंचा सकता है।

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आंखों की समस्याएं - फोटो : Adobe Stock
इन बातों का भी रखें ध्यान

डॉक्टर कहते हैं, कुछ गंभीर संक्रमण कॉर्निया को नुकसान पहुंचा सकते हैं और वहां घाव या अल्सर जैसी समस्या पैदा हो सकती है। 
 
  • कॉन्टैक्ट लेंस इस्तेमाल करने वालों को ज्यादा सावधानी बरतनी चाहिए। इसमें तेज दर्द, लालिमा और नजर कमजोर होने की समस्या हो सकती है। ऐसे लक्षणों में तुरंत आंखों के विशेषज्ञ से जांच करानी चाहिए।
  • हर आंखों मे लालिमा या खुजली संक्रमण के कारण नहीं होती। कई बार परागकण, धूल, कुछ कॉस्मेटिक और दूसरी एलर्जी भी आंखों में लालिमा और पानी आने की समस्या पैदा कर सकती है।
  • एलर्जी से होने वाली कंजंक्टिवाइटिस संक्रामक नहीं होती। इसलिए सही कारण पता करना जरूरी है।
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आंखों की जांच जरूरी - फोटो : Freepik.com
कब हो जाएं सावधान

डॉक्टर कहते हैं, यदि आंख में तेज दर्द, रोशनी सहन न होने, नजर धुंधली होने या बहुत ज्यादा लालिमा की दिक्कत है तो सावधान हो जाएं। कॉन्टैक्ट लेंस पहनने वाले लोगों में ऐसे लक्षण हों तो तत्काल डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। संक्रमण की सही वजह और आंख के किस हिस्से पर असर पड़ा है, यह जांच के बाद ही स्पष्ट होता है। समय पर इलाज से गंभीर समस्याओं से बचा जा सकता है।



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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