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अलर्ट: मीठे के चक्कर में कहीं बीमारियों को बुलावा तो नहीं दे रहे हैं आप? जान लीजिए ये बातें

Tue, 22 Sep 2026 10:19 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

चीनी हमारे रोजमर्रा के खानपान का हिस्सा है, लेकिन इसका जरूरत से ज्यादा सेवन सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकता है। अधिक चीनी से वजन बढ़ने, मोटापा, टाइप-2 डायबिटीज, हृदय संबंधी जोखिम और दांतों की सड़न जैसी समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए अतिरिक्त चीनी की मात्रा सीमित रखना जरूरी है।
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चीनी के नुकसान - फोटो : Amarujala.com/AI
मीठा खाने की इच्छा होना आम है और हमारी रोज की डाइट में किसी न किसी रूप में चीनी शामिल रहती है। चाय-कॉफी से लेकर मिठाई, बिस्कुट, मिठे पेय और कई पैकेज्ड खाद्य पदार्थों तक में चीनी मौजूद होती है। समस्या तब शुरू होती है जब स्वाद के चक्कर में शरीर को जरूरत से कहीं ज्यादा चीनी मिलने लगे। लंबे समय तक अधिक चीनी का सेवन धीरे-धीरे कई स्वास्थ्य समस्याओं का जोखिम बढ़ा सकता है।

अधिक चीनी सिर्फ वजन बढ़ाने तक सीमित नहीं है। इसका असर शरीर के मेटाबॉलिज्म, ब्लड शुगर, हृदय स्वास्थ्य और दांतों पर भी पड़ सकता है। खास बात यह है कि कई बार लोग मिठाई या चीनी वाली चाय को ही चीनी का मुख्य स्रोत मानते हैं, जबकि पैकेज्ड ड्रिंक, सॉस, बेकरी उत्पाद और कई प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों में भी काफी मात्रा में अतिरिक्त चीनी हो सकती है।

इसलिए स्वस्थ रहने के लिए केवल मीठी चीजों की मात्रा कम करना ही नहीं, बल्कि रोजाना खाए जाने वाले खाद्य पदार्थों के लेबल पर मौजूद अतिरिक्त चीनी पर भी ध्यान देना जरूरी है। 
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वजन बढ़ने की समस्या - फोटो : Freepik.com
शरीर में अतिरिक्त चर्बी बढ़ने  का खतरा

चीनी से मिलने वाली अतिरिक्त कैलोरी अगर शरीर की जरूरत से ज्यादा हो जाए तो वजन बढ़ सकता है। खासकर ऐसे खाद्य और पेय पदार्थ जिनमें चीनी अधिक होती हैं, उनका बार-बार सेवन कुल कैलोरी बढ़ा देता है। 
 
  • समय के साथ यह अतिरिक्त कैलोरी शरीर में वसा के रूप में जमा हो सकती है। 
  • पेट के आसपास बढ़ती चर्बी आगे चलकर कई अन्य स्वास्थ्य समस्याओं के जोखिम से भी जुड़ी होती है। 
  • इसलिए वजन कंट्रोल रखने की कोशिश कर रहे लोगों के लिए मीठे पेय, मिठाई और ज्यादा चीनी वाले पैकेज्ड खाद्य पदार्थों का सेवन कम से कम करना चाहिए।
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डायबिटीज का खतरा - फोटो : Freepik.com
टाइप-2 डायबिटीज का जोखिम
 
  • बार-बार ज्यादा मात्रा में चीनी और होई कैलोरी वाली चीजों का सेवन वजन बढ़ने तथा शरीर में इंसुलिन के प्रति संवेदनशीलता के खतरे को बढ़ाने वाला हो सकता है। 
  • इंसुलिन वह हार्मोन है जो रक्त में मौजूद ग्लूकोज को कोशिकाओं तक पहुंचाने में मदद करता है। 
  • जब शरीर इंसुलिन के प्रति ठीक से प्रतिक्रिया नहीं करता, तो ब्लड शुगर को नियंत्रित करना मुश्किल हो सकता है। 
  • लंबे समय तक रहने वाली इंसुलिन रेजिस्टेंस और उससे जुड़ी मेटाबॉलिज्म संबंधी गड़बड़ियां टाइप-2 डायबिटीज के जोखिम को बढ़ा सकती हैं। 

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दिल की समस्याओं का खतरा - फोटो : Adobe stock Images
हृदय और रक्तचाप से जुड़ी समस्याओं का खतरा

अधिक मात्रा में चीनी वाली चीजें खाने की आदत केवल वजन बढ़ने तक सीमित नहीं है। ज्यादा चीनी वाली चीजें मोटापा, खून में ट्राइग्लिसराइड और अन्य मेटाबॉलिज्म संबंधी समस्याओं का खतरा बढ़ाने वाली हो सकती है। इसका हृदय स्वास्थ्य पर भी असर पड़ सकता हैं। मीठी चीजें और कोल्ड ड्रिंक्स अतिरिक्त कैलोरी बढ़ाते हैं, जिससे वजन तेजी से बढ़ता है और हृदय पर दबाव पड़ता है।
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पैक्ड जूस में हो सकती है चीनी - फोटो : Freepik.com
 छिपी हुई चीनी से भी रहें सावधान

चीनी का मतलब केवल चाय में डाली गई चीनी या मिठाई ही नहीं है। कई पैकेज्ड खाद्य पदार्थों और पेय पदार्थों में भी अतिरिक्त चीनी मौजूद हो सकती है। सॉस, बिस्कुट, केक, मीठे पेय, फ्लेवर्ड डेयरी उत्पाद और दूसरे प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थ खरीदते समय उनके पोषण लेबल को देखना जरूरी है। रोजाना चीनी की कुल मात्रा कम रखने के लिए ताजे फल, सब्जियां, साबुत अनाज को डाइट में शामिल करें। चीनी पूरी तरह बंद करना जरूरी नहीं है, लेकिन अतिरिक्त चीनी की मात्रा को सीमित रखना जरूरी है।


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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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