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जानना जरूरी: केवल चीनी ही नहीं, ज्यादा नमक खाना भी डायबिटीज रोगियों के लिए खतनाक, क्या हैं इसके नुकसान?

Fri, 25 Apr 2025 04:28 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

क्या आप जानते हैं कि शुगर के मरीजों के लिए चीनी अकेला दुश्मन नहीं है, चीनी की ही तरह अगर आप डायबिटीज में ज्यादा नमक खाते हैं तो इसके कारण भी सेहत को गंभीर नुकसान हो सकता है?
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ज्यादा नमक खाने से होने वाली समस्याएं - फोटो : Freepik
डायबिटीज एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या है जिसका जोखिम सभी उम्र के लोगों में देखा जा रहा है। ब्लड शुगर बढ़े रहने वाली इस बीमारी पर अगर समय रहते ध्यान न दिया जाए या फिर इसका इलाज न हो पाए तो इसके कारण शरीर के कई अंगों पर नकारात्मक असर हो सकता है।
 
डायबिटीज से बचे रहने या फिर ब्लड शुगर को कंट्रोल रखने के लिए सभी लोगों को चीनी वाली चीजें कम खाने की सलाह दी जाती है। पर क्या आप जानते हैं कि शुगर के मरीजों के लिए चीनी अकेला दुश्मन नहीं है, चीनी की ही तरह अगर आप डायबिटीज में ज्यादा नमक खाते हैं तो इसके कारण भी सेहत को गंभीर नुकसान हो सकता है।

डायबिटीज में ज्यादा नमक खाने से क्या दिक्कतें होती हैं, आइए समझते हैं।
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डायबिटीज को कंट्रोल रखने के लिए करें उपाय - फोटो : Freepik.com
डायबिटीज है तो नमक और चीनी दोनों कम खाएं

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, यह बहुत ही महत्वपूर्ण और अक्सर नजरअंदाज की जाने वाली बात है कि केवल चीनी ही नहीं, बल्कि अधिक नमक (सोडियम) का सेवन भी डायबिटीज रोगियों के लिए खतरनाक हो सकता है। अधिक नमक से भी इंसुलिन रेसिस्टेंस की समस्या बढ़ सकती है।

जर्नल ऑफ क्लिनिकल इन्वेस्टिगेशन में प्रकाशित एक अध्ययन में यह पाया गया कि ज्यादा नमक का सेवन शरीर में इंसुलिन रेसिस्टेंस को बढ़ाता है, जिससे शरीर में शुगर लेवल कंट्रोल करना मुश्किल हो जाता है। जब हमारे शरीर में इंसुलिन हार्मोन ठीक से काम नहीं करता, तो खून में मौजूद ग्लूकोज कोशिकाओं में नहीं जा पाता बल्कि खून में ही जमा होने लगता है, जिससे डायबिटीज की दिक्कत बढ़ सकती है।
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ब्लड प्रेशर और हृदय रोगों का खतरा - फोटो : Freepik.com
ब्लड प्रेशर और हार्ट की समस्या

नमक खाने से ब्लड प्रेशर बढ़ने की समस्या के बारे में हम सभी अक्सर सुनते-पढ़ते रहते हैं। अगर डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर एक साथ हो जाए तो इससे हृदय रोग, किडनी फेलियर और स्ट्रोक का जोखिम कई गुना बढ़ जाता है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की रिपोर्ट के अनुसार, डायबिटीज के मरीजों में हृदय रोग का खतरा अधिक रहता है। ऐसे में अगर आप अधिक मात्रा में नमक खाना शुरू कर देते हैं तो ये जोखिम और भी बढ़ सकते हैं।

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किडनी फेलियर का जोखिम - फोटो : Freepik.com
किडनी फेलियर को खतरा

ब्लड शुगर के बढ़ना आपकी किडनी के लिए नुकसानदायक माना जाता रहा है। हाई शुगर की स्थिति किडनी में मौजूद तंत्रिकाओं को क्षति पहुंचाने लगती है। ऐसे में अगर आप अधिक मात्रा में नमक खाते हैं तो ये जोखिम और भी अधिक हो सकता है।

नेशनल किडनी फाउंडेशन की रिपोर्ट के अनुसार, ज्यादा नमक डायबिटिक रोगियों में किडनी को नुकसान पहुंचाता है क्योंकि यह किडनी पर प्रेशर बढ़ाता है और माइक्रोएलब्युमिन्यूरिया का खतरा पैदा करता है, इससे किडनी फेल होने की शुरुआत हो सकती है।
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पौष्टिक चीजों का करिए सेवन - फोटो : Freepik.com
इन सावधानियों का भी रखें ध्यान

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, डायबिटीज को कंट्रोल रखने और इसके कारण होने वाली स्वास्थ्य जटिलताओं से बचे रहने के लिए खान-पान पर ध्यान देते रहना बहुत जरूरी है। चीनी के साथ-साथ नमक का भी सेवन कम से कम करें। ज्यादा नमक शरीर में इंफ्लेमेशन को बढ़ाने लगता है जो क्रॉनिक बीमारियों का शुरुआती संकेत है। डब्ल्यूएचओ की गाइडलाइंस के मुताबिक नमक का सेवन 5 ग्राम से अधिक नहीं होना चाहिए।

खाने में नमक की मात्रा कम रखने के साथ प्रोसेस्ड फूड (जैसे चिप्स, अचार, सॉसेज, इंस्टेंट नूडल्स) से बचें। लो-सोडियम लेबल वाले प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करें। चीनी और नमक दोनों के कारण होने वाली स्वास्थ्य जटिलताओं को कम करने के लिए दिनभर में खूब पानी पीते रहना चाहिए।


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नोट: 
यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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