आंखों की रोशनी जाने का खतरा
- फोटो : Freepik.com
क्यों बढ़ रहे हैं मायोपिया के मामले?
अध्ययन में पाया गया है कि बच्चे और किशोरों में पहले भी ये दिक्कत देखी जा रही थी, हालांकि कोविड लॉकडाउन के दौरान चूंकि बच्चों ने घर के अंदर अधिक समय बिताया और उनका मोबाइल-लैपटॉप जैसे स्क्रीन पर अधिक समय बीता, जिसका उनकी दृष्टि पर बुरा असर हुआ है। मायोपिया गंभीर समस्या हो सकती है जिसका अगर समय पर ध्यान न दिया जाए या उपचार न हो पाए तो इसके कारण आंखों की रोशनी जाने का भी खतरा हो सकता है।
बच्चों में आंखों की समस्या के कारण उनके क्वालिटी ऑफ लाइफ पर भी असर हो सकता है, इसलिए सभी माता-पिता को इस समस्या पर गंभीरता से ध्यान देते रहने की आवश्यकता है।