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सेहत की बात: सिर्फ दाल-रोटी काफी नहीं, बुजुर्गों की डाइट में शामिल करें ये जरूरी पोषक तत्व

Sun, 25 Oct 2026 09:38 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

बढ़ती उम्र में शरीर को पर्याप्त पोषण देना बेहद जरूरी है। प्रोटीन मांसपेशियों, कैल्शियम और विटामिन डी हड्डियों, जबकि विटामिन बी12 और आयरन खून तथा नसों के स्वास्थ्य में मदद करते हैं। फाइबर और पानी पाचन के लिए जरूरी हैं। 
 
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कैल्शियम वाली चीजें - फोटो : Amarujala.com/AI
शरीर को स्वस्थ रखने के लिए खान-पान को ठीक रखना सबसे जरूरी माना जाता है। हम क्या खाते-पीते हैं इसका सेहत पर सीधा असर होता है। यही कारण है कि स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों को रोजाना ऐसी डाइट लेने की सलाह देते हैं जिससे शरीर के लिए जरूरी ज्यादातर पोषक तत्वों की आसानी से पूर्ति हो सके। जैसे-जैसे उम्र बढ़ती जाती है, खानपान पर ध्यान देना और भी जरूरी हो जाता है।

उम्र बढ़ने के साथ शरीर में कई तरह के बदलाव होने लगते हैं। पहले की तुलना में भूख कम लगने लगता है, पाचन धीमा होने के साथ मांसपेशियों और हड्डियों की कमजोर काफी बढ़ जाती है। ऐसे में बुजुर्गों की डाइट का ध्यान रखना बेहद जरूरी हो जाता है। 

बढ़ती उम्र में सिर्फ पेट भरने के लिए खाना खाना काफी नहीं है, बल्कि शरीर को ऐसे पोषक तत्वों की जरूरत बढ़ जाती है जो हड्डियों-मांसपेशियों को स्वस्थ बनाए रखने के साथ इम्युनिटी को बेहतर  बनाने में मदद कर सके।
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प्रोटीन वाली चीजें - फोटो : Adobe Stock
स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, उम्र बढ़ने के साथ डाइट में प्रोटीन, कैल्शियम, विटामिन-डी, आयरन और फाइबर जैसे पोषक तत्व बहुत जरूरी हैं। सही खानपान से पोषण की कमी का खतरा कम करने और रोजमर्रा के काम करने की क्षमता बनाए रखने में मदद मिल सकती है। आइए जानते हैं, बुजुर्गों की डाइट में किन चीजों को जरूर शामिल करना चाहिए।

मांसपेशियों की मजबूती के लिए जरूरी है प्रोटीन

बढ़ती उम्र में मांसपेशियों का कमजोर होना और उनकी मात्रा कम होना एक आम समस्या है। इसे रोकने में प्रोटीन अहम भूमिका निभाता है। 
 
  • बुजुर्गों को अपनी डाइट में दाल, दूध-दही, पनीर और अन्य प्रोटीन वाली चीजों को शामिल करना चाहिए। प्रोटीन शरीर के ऊतकों की मरम्मत और मांसपेशियों को बनाए रखने में मदद करता है।
  • हालांकि, किडनी की बीमारी से जूझ रहे बुजुर्गों को प्रोटीन की मात्रा डॉक्टर या डाइटीशियन की सलाह से तय करनी चाहिए।
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विटामिन-डी शरीर के लिए जरूरी - फोटो : Adobe Stock
कैल्शियम और विटामिन डी हड्डियों के लिए जरूरी

उम्र बढ़ने के साथ हड्डियों का घनत्व कम होने लगता है, जिससे फ्रैक्चर का खतरा बढ़ जाता है। कैल्शियम हड्डियों और दांतों को मजबूत बनाए रखने में मदद करता है, वहीं विटामिन-डी शरीर को कैल्शियम को अवशोषित करने में सहायता करता है। दूध, दही, पनीर, कैल्शियम से भरपूर खाद्य पदार्थ और हरी सब्जियों से इसकी आसानी से पूर्ति हो सकती है। 
 
  • विटामिन डी के लिए धूप में समय बिताना, डॉक्टर की सलाह के अनुसार खानपान या सप्लीमेंट लिया जा सकता है। 

विटामिन बी12 और आयरन

उम्र बढ़ने के साथ कुछ लोगों के शरीर में भोजन से विटामिन बी-12 को अवशोषित करने की क्षमता कम हो जाती है। इसकी कमी से थकान, खून की कमी और नसों से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं। 
 
  • आहार में दूध-दही, अंडे, मछली और मांस को शामिल करके इसकी पूर्ति कर सकते हैं। 
  • पूरी तरह शाकाहारी लोगों को फोर्टिफाइड खाद्य पदार्थों या डॉक्टर की सलाह से सप्लीमेंट की जरूरत पड़ सकती है। 
  • आयरन शरीर में हीमोग्लोबिन बनाने के लिए जरूरी है। दालें, हरी पत्तेदार सब्जियां और अन्य आयरन युक्त खाद्य पदार्थ आपके लिए फायदेमंद हो सकते हैं।
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डाइट में फाइबर वाली चीजें - फोटो : Adobe Stock
फाइबर और पानी पाचन के लिए जरूरी

बुजुर्गों में कब्ज की परेशानी बढ़ जाती है। आहार में फाइबर वाली चीजों की कमी के अलावा कम पानी पीना, शारीरिक गतिविधि की कमी और कुछ दवाएं इसकी वजह हो सकती हैं। 

साबुत अनाज, फल, सब्जियां, दालें और बीन्स फाइबर के अच्छे स्रोत हैं। फाइबर पाचन को बेहतर रखने और मल त्याग नियमित करने में मदद करता है। इसके साथ दिनभर पर्याप्त पानी पीना भी जरूरी है। पाचन को ठीक रखना बुजुर्गों की सेहत को ठीक रखने के लिए सबसे जरूरी है।



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: ये रूपायन में प्रकाशित कंटेट है। अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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