फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Heart Problem: ये एक आदत 30 से कम उम्र वालों में हार्ट फेलियर का बढ़ा रही है खतरा, डॉक्टर ने किया सावधान

Sun, 07 Sep 2025 06:53 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

  • हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. दिमित्री यारानोव ने एक ऐसे कारण को लेकर सभी लोगों को सावधान किया है जो 30 से कम उम्र वालों में हृदय स्वास्थ्य के लिए सबसे बड़ा दुश्मन बनता जा रहा है, वह है एनर्जी ड्रिंक्स का सेवन।
विज्ञापन
1 of 4
हार्ट अटैक के बढ़ते खतरे को लेकर अलर्ट - फोटो : Freepik.com
आज के जमाने में दिल की बात करना जितना रोमांटिक लगता है, इसका दूसरा पहलू उतना ही डराने वाला भी है। भारतीय आबादी में हाल के वर्षों में हृदय से संबंधित समस्याओं का खतरा तेजी से बढ़ता हुआ देखा जा रहा है। आए दिन अखबारों और सोशल मीडिया के माध्यम से कम उम्र में हार्ट अटैक से मौत के मामले आप भी खूब सुन-देख रहे होंगे। ये अलार्मिंग भी है क्योंकि हाल के वर्षों में 20 से कम उम्र के लोगों में भी हार्ट अटैक और इससे मौत के मामलों में बढ़ोतरी देखी गई है।

अमर उजाला से बातचीत में हृदय रोग विशेषज्ञ बताते हैं, लाइफस्टाइल और खान-पान में गड़बड़ी के साथ हाई ब्लड प्रेशर और मोटापे की समस्या ने हृदय रोगों के खतरे को काफी बढ़ा दिया है। व्यायाम की कमी, ऑफिस में लंबे समय तक बैठकर काम करते रहने की आदत और ब्लड प्रेशर की शुरुआती स्थिति को अनदेखा करना जोखिमों को और भी बढ़ाता जा रहा है। इन सभी को लेकर स्वास्थ्य विशेषज्ञ अलर्ट करते हैं।

हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. दिमित्री यारानोव ने एक ऐसे कारण को लेकर सभी लोगों को सावधान किया है जो 30 से कम उम्र वालों में हृदय स्वास्थ्य के लिए सबसे बड़ा दुश्मन बनता जा रहा है।
विज्ञापन

2 of 4
एनर्जी ड्रिंक्स का खतरा - फोटो : freepik.com
एनर्जी ड्रिंक्स बढ़ा रहे हैं हृदय रोगों का खतरा

डॉ. दिमित्री ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में बताया कि युवाओं के बीच एनर्जी ड्रिंक के सेवन का चलन तेजी से बढ़ा है और अध्ययनों में पाया गया है कि एनर्जी ड्रिंक के सेवन की आदत गंभीर हृदय संबंधी समस्याओं के खतरे को कई गुना तक बढ़ाने वाली हो सकती है, जिसको लेकर सभी लोगों को सावधानी बरतते रहने की आवश्यकता है।
 


डॉक्टर कहते हैं, मैं अपने क्लिनिक में 'एनर्जी ड्रिंक हार्ट' वाले रोगियों को रोजाना देखता हूं। 20 से 30 की उम्र के युवा, स्वस्थ लोग अचानक हार्ट फेलियर का शिकार हो जाते हैं। जब इनकी फैमिली और हेल्थ हिस्ट्री के बारे में देखा जाता है तो उनमें अधिकतर लोगों में न धूम्रपान की आदत रही है, न ही हार्ट डिजीज की कोई फैमिली हिस्ट्री। मरीजों में जो सबसे बड़ी समस्या देखी गई वह है इनमें से अधिकतर लोग दिन में 3-4 एनर्जी ड्रिंक पीते थे। इसे हार्ट की बीमारी का कारण पाया गया।
विज्ञापन

3 of 4
एनर्जी ड्रिंक्स बढ़ा रहे हैं खतरा - फोटो : freepik.com
एनर्जी ड्रिंक क्यों इतने खतरनाक?

डॉ. यारानोव बताते हैं, एनर्जी ड्रिंक्स का अधिक सेवन ब्लड शुगर और रक्तचाप बढ़ा देता है। इसके अलावा ये हृदय की असामान्य लय को भी ट्रिगर कर सकती है जिसके कारण समय के साथ हृदय की मांसपेशियां कमजोर होती जाती हैं।

एनर्जी ड्रिंक में पाए जाने वाले कैफीन और अन्य उत्तेजक तत्वों का उच्च स्तर हृदय को अत्यधिक सक्रिय कर देता है, जिससे संभावित रूप से जानलेवा स्थितियां पैदा हो सकती हैं। युवाओं में तेजी से बढ़ते हार्ट अटैक और हार्ट फेलियर के लिए इसे एक संभावित कारण माना जाता रहा है।
विज्ञापन

4 of 4
हृदय स्वास्थ्य को लेकर बरतें सावधानी - फोटो : Freepik.com
हृदय स्वास्थ्य को लेकर सावधानी बरतने की जरूरत

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, चूंकि कम उम्र के लोगों में हृदय रोगों से संबंधित जोखिम बढ़ते जा रहे हैं, बड़ी संख्या में लोगों की मौतें हो रही हैं इसलिए हम सभी को उन चीजों को लेकर विशेष सावधानी बरतते रहना चाहिए जो हार्ट को नुकसान पहुंचाते हैं। 

ग्रामीण इलाकों में भी हृदय स्वास्थ्य की समस्याओं के मामले बढ़ते जा रहे हैं। प्रोसेस्ड भोजन, तंबाकू और शराब की बढ़ती लत और मानसिक तनाव ने हृदय को काफी क्षति पहुंचाई है, इनसे दूरी बनाकर रखना जरूरी है।



-----------------------------
नोट: 
यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें