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Ebola Alert: देश में इबोला का एक और संदिग्ध मामला, प्रभावित देश से लौटी महिला में लक्षण दिखने के बाद अलर्ट

Thu, 18 Jun 2026 01:59 PM IST
Abhilash Srivastava हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

दक्षिण सूडान से लौटी एक महिला को केरल के कोट्टायम मेडिकल कॉलेज के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कराया गया है। उसे इबोला का संदिग्ध मामला माना जा रहा है। देश में पहले भी इबोला के संदिग्ध मामलों की खबरें आती रही हैं।
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इबोला का खतरा - फोटो : Amarujala.com/AI
केरल इन दिनों संक्रामक बीमारियों की चपेट में है। अमर उजाला में प्रकाशित रिपोर्ट में हमने बताया था कि यहां शिगेला और वेस्ट नाइल फीवर के साथ निपाह संक्रमण का भी खतरा लगातार बना हुआ है। हालिया रिपोर्ट में केरल में इबोला का भी एक संदिग्ध मामला सामने आया है। 

अधिकारियों ने गुरुवार (18 जून) को बताया कि दक्षिण सूडान से लौटी एक महिला को केरल के कोट्टायम मेडिकल कॉलेज के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कराया गया है। महिला में कुछ ऐसे लक्षण दिखे जिनके बाद स्वास्थ्य अधिकारियों ने उसका इबोला टेस्ट करने का फैसला किया।

महिला बुधवार को बुखार की शिकायत लेकर एक प्राइवेट अस्पताल गई थी। अफ्रीकी देश से उसकी हालिया यात्रा को देखते हुए अस्पताल ने राज्य के स्वास्थ्य विभाग को सूचित किया, जिसके बाद उसे आगे की जांच और टेस्ट के लिए कोट्टायम मेडिकल कॉलेज भेज दिया गया।

यहां गौरतलब है कि कांगो-यूगांडा सहित दुनिया के कई देशों में इबोला का खतरा देखा जा रहा है। जारी अंतरराष्ट्रीय यात्राओं के कारण भारत में भी इबोला को लेकर अलर्ट किया गया है। केरल में इस संदिग्ध मामले से पहले राजस्थान के जयपुर, हैदराबाद, बंगलूरू और गुजरात में भी विदेश से लौटे संदिग्धों की खबरें सामने आई थीं। हालांकि अच्छी बात ये है कि अभी तक देश में इबोला संक्रमण की पुष्टि नहीं हुई है।
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इबोला के खतरों को लेकर अलर्ट - फोटो : Adobe stock
जांच की रिपोर्ट का इंतजार, घबराने की जरूरत नहीं

केरल में सामने आए संदिग्ध मामले को लेकर स्वास्थ्य मंत्री के. मुरलीधरन ने कहा कि शुरुआती जांच के आधार पर चिंता की कोई जरूरत नहीं है, हालांकि टेस्ट के नतीजों का अभी भी इंतजार है।  उन्होंने कहा, इबोला के शक वाले मरीज में लक्षण दिखते ही उसे कोट्टायम मेडिकल कॉलेज के आइसोलेशन वार्ड में भेज दिया गया। टेस्ट के नतीजे अभी नहीं आए हैं। हालांकि, मेडिकल सुपरिटेंडेंट के अनुसार, शुरुआती जांच के आधार पर चिंता की कोई तत्काल वजह नहीं है।
 
  • एहतियात के तौर पर, स्वास्थ्य अधिकारियों ने कॉन्टैक्ट लिस्ट तैयार की है ताकि महिला के संपर्क में आए लोगों का पता लगाया जा सके। 
  • यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब केरल स्वास्थ्य विभाग पहले से ही कई संक्रामक बीमारियों की चपेट में है।
  •  विदेशों में सामने आए इबोला मामलों को लेकर भी यहां अलर्ट किया गया है।
  • राज्य ने पहले ही अस्पतालों के लिए अलर्ट जारी कर और अफ्रीकी देशों से आने वाले यात्रियों की निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए थे।
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भारत में इबोला का खतरा - फोटो : Amarujala.com/AI
स्वास्थ्य मंत्रालय भी करता रहा है अलर्ट

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने युगांडा और डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो सहित अन्य इबोला प्रभावित क्षेत्रों से आने वाले यात्रियों को सलाह दी है कि वे लक्षणों के प्रति सतर्क रहें और अस्वस्थ महसूस होने पर डॉक्टरी सलाह लें। जानकारी, मार्गदर्शन और सहायता के लिए MoHFW की 24x7 हेल्थ हेल्पलाइन नंबर 1075 पर कॉल करें। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय आगमनों पर भी सख्ती से जांच की जा रही है। 

इबोला का मौजूदा प्रकोप दुर्लभ बुंडीबुग्यो स्ट्रेन के कारण फैला है। पुराने स्ट्रेनों के विपरीत इस नई स्ट्रेन को कंट्रोल करना मुश्किल हो रहा है क्योंकि पुराने टीके इसपर काम नहीं कर रहे और मौजूदा स्ट्रेन को रोकने के लिए कोई वैक्सीन नहीं है।


जानलेवा है इबोला

इबोला की सबसे डरावनी बात इसका संक्रमण और गंभीरता है। यह शरीर के अंदर गंभीर ब्लीडिंग, ऑर्गन फेलियर जैसी गंभीर समस्याओं का कारण बन सकता है। कई बार मरीज को शुरुआती लक्षण समझ ही नहीं आते और स्थिति अचानक गंभीर हो जाती है। इबोला की सबसे खतरनाक बात इसकी उच्च मृत्यु दर है। कई प्रकोपों में देखा गया है कि संक्रमित लोगों में इससे मौत का खतरा 35-50% तक रहा है। 



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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