अफ्रीकी देशों के लिए इबोला संक्रमण गंभीर चिंता का कारण बना हुआ है। हालिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कांगो में इबोला से अब तक 400 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है और यह अभी भी फैल रहा है।
नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक हेल्थ (आईएनएसपी) की गुरुवार को जारी ताजा रिपोर्ट के अनुसार, 15 मई को बीमारी फैलने की घोषणा के बाद से संक्रमण की पुष्टि वाले 1,406 लोगों में से 438 लोगों की मौत हो चुकी है, यानी मृत्यु दर 31 प्रतिशत से थोड़ी ज्यादा है।
इस बीमारी के फैलने का मुख्य केंद्र उत्तर-पूर्वी इतुरी प्रांत था, यहां पर 83 प्रतिशत से ज्यादा मौतें हुई हैं। इस प्रांत की सीमा दक्षिण सूडान और युगांडा से लगती है, जहां 20 मामले सामने आए हैं और दो लोगों की मौत हुई है। यह वायरस आस-पास के प्रांतों में भी फैल गया है।
24 जून को प्रकाशित रिपोर्ट में हमने
फ्रांस में इबोला के पहले मामले की जानकारी साझा की थी। मौजूदा प्रकोप इबोला वायरस के ‘बुंडीबुग्यो’ स्ट्रेन के कारण फैला है। इस स्ट्रेन के खिलाफ फिलहाल कोई स्वीकृत वैक्सीन उपलब्ध नहीं है। ये फिलहाल इस प्रकोप को लेकर सबसे बड़ी चिंता की बात है।