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बुलिमिया नर्वोसा: गंभीर और जानलेवा है यह ईटिंग डिसऑर्डर, लक्षणों को न करें नजरअंदाज

Mon, 05 Jul 2021 04:52 PM IST
सोनू शर्मा हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
Medically Reviewed by Dr. Parvesh Malik

डॉ. परवेश मलिक 
फिजिशियन, उजाला सिग्नस हॉस्पिटल
डिग्री- एम.बी.बी.एस, एमडी (जनरल मेडिसिन)


स्वस्थ खाना शरीर को भी स्वस्थ रखता है। यही वजह है कि तमाम डॉक्टर और डायटिशियन ऐसा आहार लेने की सलाह देते हैं, जो पोषण से भरपूर हो और आपके स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद हो। लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि कभी-कभी अधिक स्वस्थ खाना भी शरीर के लिए नुकसानदायक हो सकता है और बीमारियां पैदा कर सकता है। खाने से जुड़ी बीमारियों को 'ईटिंग डिसऑर्डर' कहा जाता है। यह डिसऑर्डर किसी को भी किसी भी उम्र में हो सकता है। बुलिमिया नर्वोसा भी एक ईटिंग डिसऑर्डर है, जो गंभीर और जानलेवा है। इस बीमारी में व्यक्ति अनियंत्रित खाना खाने का शिकार हो जाता है। विशेषज्ञ कहते हैं कि बुलिमिया नर्वोसा से पीड़ित लोग हमेशा भोजन करते पाए जाते हैं और ऐसे में वह बहुत ज्यादा खाना खा लेते हैं और उसके बाद मोटापे के डर से व्यायाम करने लगते हैं। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
बुलिमिया नर्वोसा के लक्षण क्या हैं? 
  • अधिक मात्रा में भोजन करना 
  • अधिक व्यायाम करना 
  • खुद को उल्टी करने के लिए मजबूर करना 
  • शरीर का आकार असामान्य होना 
  • गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल समस्याएं (जैसे- गैस, कब्ज) 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
विशेषज्ञ कहते हैं कि ईटिंग डिसऑर्डर और भी कई तरह के होते हैं, जिसमें एनोरेक्सिया नर्वोसा, ऑर्थोरेक्सिया नर्वोसा और बिंज ईटिंग डिसऑर्डर शामिल हैं। विशेषज्ञ कहते हैं कि एनोरेक्सिया एक मानसिक स्थिति है, जिससे पीड़ित लोग अपने वजन को लेकर बहुत अधिक संजीदा हो जाते हैं और ऐसे में वो अधिक डाइटिंग और व्यायाम का सहारा लेते हैं। ऐसे लोगों को लगता है कि अगर वो खाना खाएंगे तो मोटे हो जाएंगे। इसके कारण वो अनियमित और कम खुराक लेने लगते हैं, जिससे उनके स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ता है। 

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
एनोरेक्सिया नर्वोसा के लक्षण क्या हैं? 
  • अधिक वजन घटना 
  • बेहोशी, चक्कर आना 
  • थकान, अनिद्रा 
  • कब्ज की समस्या  
  • महिलाओं में मासिक धर्म की अक्षमता 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
ऑर्थोरेक्सिया नर्वोसा 
  • इस विकार से पीड़ित लोगों में सुडौल मांसपेशियों और एब्स के लिए कम कैलोरी वाला खाना और ज्यादा वर्जिश करने की 'सनक' हो जाती है, यानी पीड़ित व्यक्ति जुनूनी व्यवहार का शिकार हो जाता है। वो स्वस्थ आहार को लेकर बेहद चिंतित रहते हैं और अपने आहार को कम कर लेते हैं, केवल विशेष खाद्य पदार्थों को ही वह अपने आहार में शामिल करते हैं। अगर इसका इलाज न किया जाए तो यह कुपोषण और मानसिक सेहत की जटिलताएं पैदा कर सकता है। हानिकारक या जंक फूड बिल्कुल नहीं खाना और आहार में सलाद का सेवन करना इसके लक्षणों में शामिल हैं। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
बिंज ईटिंग डिसऑर्डर 
  • इस विकार से पीड़ित लोग अक्सर बहुत ज्यादा खाना खाते हैं। खाना खाने के प्रति उनका खुद पर नियंत्रण नहीं रहता और अनियंत्रित रूप से खाते रहते हैं। ऐसे लोगों में मोटापा होने की संभावना अधिक होती है। सामान्य से अधिक भोजन करना, बिना भूख के भी अधिक मात्रा में भोजन करना, बहुत तेजी से खाना, तब तक खाते रहना जब तक उनको पेट भरने के बाद बेचैनी ना महसूस हो और बार-बार डाइटिंग करना इसके लक्षणों में शामिल हैं। 
नोट: डॉ. परवेश मलिक एक फिजिशियन हैं और वर्तमान में पानीपत के उजाला सिग्नस महाराजा अग्रसेन अस्पताल में कार्यरत हैं। डॉ. मलिक ने हरियाणा के महर्षि मार्कंडेश्वर इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ साइंसेज एंड रिसर्च मुल्लाना, से अपना एबीबीएस पूरा किया है। इन्होंने जनरल मेडिसिन में एमडी भी किया। पानीपत के उजाला सिग्नस महाराजा अग्रसेन अस्पताल में काम करने से पहले डॉ. परवेश ने एम.एम इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च महर्षि मार्कंडेश्वर यूनिवर्सिटी में जूनियर रेजिडेंट के तौर पर काम किया है।  

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित अस्वीकरण- बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।  
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