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जानिए खर्राटे आने की क्या है वजह? कैसे पा सकते हैं इससे छुटकारा

Sat, 05 Dec 2020 03:37 PM IST
Shashi Shashi लाइफस्टाइल, डेस्क अमर उजाला
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snoring
सोते समय नासिका द्वार से एक कर्कश आवाज निकलती है, जिसे लोग खर्राटे कहते हैं। बहुत से लोगों को रात को सोते समय तेज खर्राटे आने लगते हैं। इससे आस-पास सो रहे लोगों के बहुत दिक्कत हो जाती है। जिसकी वजह से खर्राटे आने वाले व्यक्ति को कभी-कभी शर्मिंदा भी होना पड़ता है। कोई भी व्यक्ति खर्राटे खुद नहीं लेता है बल्कि खर्राटे आने के कई कारण होते हैं। जानते हैं कि रात को सोते समय खर्राटे आने की क्या वजह होती हैं और इस समस्या से कैसे निपटा जा सकता है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
जानिए क्यों आते हैं खर्राटे
रात को सोते हुए जब व्यक्ति बहुत गहरी नींद में होते हैं, तब हमारे मुंह और गले की मांसपेशियों को आराम मिलता है, जिसकी वजह से हमारे हमारे गले के ऊतको में ढीलापन आ जाता है। उस समय जब हम सांस लेते हैं तो हवा के बहाव के दौरान गले से जाने वाली हवा का मार्ग संकुचित हो जाता है, जिससे गले के ऊतको में कंपन उत्पन्न होता है, इस वजह से कर्कश आवाज निकलने लगती है। जिसे खर्राटे कहते हैं। जब हवा का बहाव तेज होता है और वायुमार्ग ज्यादा संकुचित हो जाता है तब इन ऊतकों में कंपन और बढ़ जाता है, जिसकी वजह से खर्राटे की आवाज और भी तेज हो जाती है। 
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snoring is dangerous - फोटो : concept photos
खर्राटे आने के कारण
खर्राटे आने की समस्या के कई कारण हो सकते हैं। जैसे मोटापा, साइनस की समस्या, शराब का ज्यादा सेवन, एलर्जी, आदि। खर्राटे की समस्या को एक डिसऑर्डर से भी जोड़ कर देखा जाता है, जिसे विशेषज्ञों की भाषा में (Obstructive Sleep Apnea) कहते हैं। जानिए कैसे पा सकते हैं  खर्राटे की समस्या से छुटकारा...

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snoring - फोटो : concept photo
  • कुछ लोग पीठ के बल एक दम सीधे सोते हैं। इस तरह की पोजीशन में सोने पर जीभ और तालू से वायुमार्ग को संकुचित हो जाता है। वायुमार्ग के संकुचित होने पर नींद के दौरान कंपन की आवाज आने लगती है। इसलिए एक तरफ करवट लेकर सोने पर आपके खर्राटे कम हो सकते हैं। 
  • खर्राटे की समस्या से निजात पाने के लिए सोते समये अपने शरीर के बराबर तकिया रखकर लगाकर सोना चाहिए, जिससे आपके शरीर का बैलेंस एक तरफ को सही से बना रहता है और आपको कम खर्राटे आते हैं। 
  • सोते समय सिर ऊंचा करके से वायुमार्ग खुल जाता है जिससे सोने के दौरान खर्राटे कम आते हैं, लेकिन ज्यादा देर तक इस स्थिति में सोने से आपको गर्दन में दर्द की दिक्कत होने लगती है। 
     
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वजन को नियंत्रित रखें (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : social media
वजन को नियंत्रित रखें
वैसे तो किसी भी वजन वाले को खर्राटे लेने की समस्या हो जाती है लेकिन मोटापा होने के कारण भी कुछ लोगों को खर्राटे की समस्या हो जाती है। अगर आपको वजन बढ़ने के बाद खर्राटों का समस्या है तो अपने वजन को नियंत्रित करें। इससे आपको खर्राटे लेने की समस्या से निजात मिल सकती है।


 
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एल्कोहल से बनाएं दूरी (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : social media
एल्कोहल से बनाएं दूरी
ज्यादा अल्कोहल या धुम्रपान का सेवन करने से गले की मांसपेशियां संकुचित होने लगती हैं जिसकी वजह से रात को सोते समय खर्राटे आने लगते हैं। विशेषज्ञ कहते हैं कि जो लोग सोने से चार से पांच घंटे पहले शराब पीते हैं उनके खर्राटे आने की संभावना बढ़ जाती है। इसलिए शराब पीने वालो खर्राटे ज्यादा आने लगते हैं। 
 
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sleep - फोटो : pixa
सोने की सही आदत डाले
जो लोग देर रात तक जागते हैं और उनके सोने का समय सही नहीं रहता है, उन्हें भी समय पर ना सोने की वजह भी खर्राटों की समस्या बढ़ जाती है। देर तक जागने के बाद जब आप सोते हैं तो शरीर बिल्कुल थक जाता है और नींद बहुत गहरी आती है। इस अवस्था में भी मांसपेशियां संकुचित होती हैं और खर्राटे आने लगते हैं।
 

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
नासिका को साफ और खुला रखें
जब हम सोते समय सांस अदंर खींचते हैं तो नासिका का वायुमार्ग बधित होने से भी खर्राटे आते हैं, इसलिए कभी-कभी सर्दी या किसी कारणवश नाक बंद होने पर खर्राटे ज्यादा आने लगते हैं। नासिका द्वार को साफ रखने के लिए नमक के पानी से सफाई करने से नाक खुली रहती है। सोने से कुछ देर पहले गर्म पानी से नहाने से नाक के छिद्र खुल जाते हैं। इससे आपको खर्राटे लेने की समस्या से निजात मिलती है। 

 

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sleep - फोटो : pixa
अगर आप रोज एक ही तकिया लगाते हैं तो उसमें जमें धूल के कणों से एलर्जी होने की वजह से भी आपको खर्राटे आ सकते हैं। इसलिए हर सप्ताह एक बार अपने तकिए की धूल को जरूर साफ करें और खुली हवा में रखकर धूप दिखाएं। हर 6 महीने में तकिया बदल देना चाहिए। 

 
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drink - फोटो : social media
खुद को हाइड्रेटेड रखें
डिहाइड्रेशन होने की वजह से भी खर्राटे आ सकते हैं क्योंकि इससे आपके नासिका द्वार और गले में सूखापन बढ़ जाता है। इसलिए भरपूर पानी पिएं और अपनी डाइट में तरल पदार्थों की मात्रा बढ़ा दें। 

डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यह लेख आपकी जानकारी बढ़ाने के लिए साझा किया गया है। किसी बीमारी के पेशेंट हैं तो अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें।

 
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