फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जानना जरूरी: वीकेंड की ज्यादा नींद क्या पूरी कर सकती है हफ्तेभर की नींद की कमी? जानिए क्या कहती है रिसर्च

Thu, 10 Sep 2026 01:15 PM IST
Shruti Gaur हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

अक्सर आपने लोगों को कहते सुना होगा कि वीकेंड आ रहा है, उस दिन नींद पूरी करेंगे। पर, क्या ऐसा सच में होता है? यहां हम आपको इससे जुड़ा सच बताएंगे। 
विज्ञापन
1 of 6
वीकेंड की ज्यादा नींद से पूरी हो सकती है हफ्तेभर की नींद की कमी? - फोटो : AI
Weekend Sleep: आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में काम, पढ़ाई, देर रात तक मोबाइल चलाने और बदलती दिनचर्या की वजह से कई लोगों की नींद पूरी नहीं हो पाती। ऐसे में अक्सर लोग सोचते हैं कि पूरे हफ्ते कम सोने के बाद वीकेंड पर ज्यादा देर तक सोकर नींद की कमी पूरी की जा सकती है। लेकिन क्या शनिवार-रविवार की लंबी नींद वास्तव में पूरे सप्ताह की नींद की भरपाई कर सकती है?

हम सभी को ये समझने की जरूरत है कि नींद सिर्फ शरीर को आराम देने का जरिया नहीं है, बल्कि यह दिमाग, हार्मोन, इम्यून सिस्टम और दिल की सेहत के लिए भी जरूरी है। लगातार कम नींद लेने से शरीर पर कई तरह के नकारात्मक प्रभाव पड़ सकते हैं। ऐसे में अगर आपको भी लगता है की वीकेंड पर पूरे हफ्ते की नींद पूरी की जा सकती है, तो पहले इसकी सच्चाई जान लें। 

 
विज्ञापन

2 of 6
वीकेंड की ज्यादा नींद से पूरी हो सकती है हफ्तेभर की नींद की कमी? - फोटो : AI
क्या वीकेंड की ज्यादा नींद से नींद की कमी पूरी हो सकती है?

 अगर आप पूरे सप्ताह अपनी जरूरत से कम सोते हैं, तो शरीर में नींद की कमी जमा होती रहती है। इसे आमतौर पर “स्लीप डेफिसिट” कहा जाता है। वीकेंड पर ज्यादा सोने से शरीर को कुछ अतिरिक्त आराम जरूर मिल सकता है, लेकिन इसे पूरी तरह नींद की कमी की भरपाई मानना सही नहीं है। कुछ समय पहले हुई एक रिसर्च में भी इसे लेकर बात कही गई है। 

 
विज्ञापन

3 of 6
वीकेंड की ज्यादा नींद से पूरी हो सकती है हफ्तेभर की नींद की कमी? - फोटो : AI
वीकेंड पर ज्यादा सोने से क्या फायदा हो सकता है?
 
  • लगातार काम या पढ़ाई के कारण हुई थकान कुछ कम हो सकती है।
  • शरीर और दिमाग को अतिरिक्त आराम मिल सकता है।
  • कम नींद की वजह से महसूस होने वाली सुस्ती में कुछ राहत मिल सकती है।

 

4 of 6
वीकेंड की ज्यादा नींद से पूरी हो सकती है हफ्तेभर की नींद की कमी? - फोटो : AI
क्या हर दिन कम सोकर सिर्फ वीकेंड में ज्यादा सोना सही है?

 नहीं। अगर कोई व्यक्ति लगातार पांच दिन कम सोता है और फिर शनिवार-रविवार बहुत देर तक सोता है, तो उसकी नींद का पूरा चक्र बिगड़ सकता है। वीकेंड और वीकडे के सोने-जागने के समय में बहुत ज्यादा अंतर होने से शरीर की आंतरिक जैविक घड़ी प्रभावित हो व्यक्ति की परिस्थितियों के अनुसार अलग हो सकती है। ज्यादातर वयस्कों के लिए नियमित तौर पर लगभग 7 से 9 घंटे की नींद की सलाह दी जाती है। सिर्फ सकती है।  इसलिए सिर्फ वीकेंड की लंबी नींद पर निर्भर रहने के बजाय रोजाना पर्याप्त और नियमित नींद लेना बेहतर माना जाता है।

 
विज्ञापन

5 of 6
वीकेंड की ज्यादा नींद से पूरी हो सकती है हफ्तेभर की नींद की कमी? - फोटो : AI
कितनी नींद जरूरी है?

 नींद की जरूरत उम्र और व्यक्ति की परिस्थितियों के अनुसार अलग हो सकती है। ज्यादातर वयस्कों के लिए नियमित तौर पर लगभग 7 से 9 घंटे की नींद की सलाह दी जाती है। सिर्फ घंटे पूरे करना ही जरूरी नहीं है, बल्कि नींद की गुणवत्ता और नियमितता भी महत्वपूर्ण है।

 
विज्ञापन
विज्ञापन

6 of 6
वीकेंड की ज्यादा नींद से पूरी हो सकती है हफ्तेभर की नींद की कमी? - फोटो : AI
बेहतर नींद के लिए अपनाएं ये आदतें
 
  • रोजाना लगभग एक ही समय पर सोने और जागने की कोशिश करें
  • सोने से पहले मोबाइल और लैपटॉप का इस्तेमाल कम करें
  •  शाम के बाद कैफीन का सेवन सीमित करें
  • सोने का कमरा शांत, आरामदायक और अंधेरा रखें
  • रोजाना पर्याप्त शारीरिक गतिविधि करें
  •  सप्ताहभर नींद पूरी करने की कोशिश करें, सिर्फ वीकेंड पर निर्भर न रहें

 अगर लंबे समय से पर्याप्त नींद लेने के बावजूद दिनभर बहुत ज्यादा नींद आती है, तेज खर्राटे आते हैं या रात में बार-बार नींद खुलती है, तो डॉक्टर से सलाह लेना उचित है। 

-----------------------------

नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें