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Health Alert: पीठ-गर्दन और शरीर में अक्सर बना रहता है दर्द? ज्यादा स्ट्रेस तो नहीं लेते हैं आप

Wed, 24 Jun 2026 07:36 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

गर्दन और कंधों में लगातार भारीपन और दर्द सिर्फ शारीरिक समस्या नहीं कई बार मेंटल हेल्थ और स्ट्रेस का भी संकेत हो सकता है।
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दर्द ने कर दिया है परेशान? - फोटो : Amarujala.com/AI
दुनिया का बोझ अपने कंधों पर उठाना', यह मुहावरा हम अक्सर सुनते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह सिर्फ एक कहावत नहीं, बल्कि एक शारीरिक हकीकत भी है? याद करिये जब भी आप मानसिक तनाव से गुजरते हैं, तो पीठ, गर्दन और कंधों में दर्द होने लगता है? फिर चाहे यह तनाव ऑफिस की डेडलाइन हो, रिश्तों का हो या आर्थिक चिंताओं का। लेकिन कभी सोचा है, ऐसा आखिर होता क्यों है?

वैज्ञानिकों के अनुसार, जब हम किसी भी प्रकार के तनाव का अनुभव करते हैं, तो हमारा शरीर इसे एक खतरे के रूप में देखता है। इस स्थिति में हमारी स्वायत्त तंत्रिका प्रणाली सक्रिय हो जाती है और शरीर 'लड़ो या भागो' मोड में चला जाता है।

इस प्रतिक्रिया के दौरान शरीर में एड्रेनालाईन और कोर्टिसोल जैसे स्ट्रेस हार्मोन का तेजी से रिसाव होता है। ये दिल की धड़कन बढ़ा देते हैं और मांसपेशियों को सतर्क कर देते हैं, जिससे शरीर में दर्द और बेचैनी शुरू हो जाती है।
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कंधे का दर्द - फोटो : Adobe Stock
गर्दन, कंधे और पीठ में होता है दर्द

इन्सानों का शरीर लगातार खतरे को महसूस कर खुद को उससे बचाने की कोशिश करता है। ऐसे में हम अनजाने में कंधों को ऊपर खींच लेते हैं और गर्दन सिकोड़ लेते हैं। कई घंटों तक यही स्थिति बनी रहने पर गर्दन, कंधों और ऊपरी पीठ की मांसपेशियों में रक्त प्रवाह कम हो जाता है।
 
  • ऑक्सीजन की कमी और लगातार तनाव के कारण मांसपेशियों में लैक्टिक एसिड जमा होने लगता है, जिससे दर्द, जकड़न और अकड़न बढ़ती है।
  • इस तरह मानसिक तनाव धीरे-धीरे शारीरिक दर्द का रूप ले सकता है और इसके प्रभाव केवल हल्के दर्द तक सीमित नहीं रहते।
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क्या आप भी दर्द से रहते हैं परेशान? - फोटो : Freepik.com
इन संकेतों को न करें नजरअंदाज

गर्दन और कंधों में लगातार भारीपन, मांसपेशियों में दर्दनाक गांठें, तनाव से होने वाला सिरदर्द, गर्दन घुमाने या उठने-बैठने में परेशानी और लगातार थकान इस समस्या के प्रमुख लक्षण हैं।
 
  • विशेषज्ञ बताते हैं कंप्यूटर, लैपटॉप और स्मार्टफोन का अत्यधिक उपयोग इसे बढ़ा रहा है। खराब पोस्चर में लंबे समय तक बैठने से मांसपेशियों पर दबाव पड़ता है।
  • जब इसके साथ मानसिक तनाव भी जुड़ जाता है, तो समस्या और गंभीर हो जाती है तथा दर्द और अकड़न बढ़ने लगती है। ऐसे लक्षण दिखें तो चिकित्सक से सलाह जरूर लें।

इस दर्द से राहत पाने के लिए मानसिक और शारीरिक दोनों स्तरों पर ध्यान देना जरूरी है। तनाव महसूस होने पर 5 मिनट गहरी सांस लेने और छोड़ने का अभ्यास करें, इससे शरीर शांत होता है। हर घंटे थोड़ी स्ट्रेचिंग करें, गर्दन और कंधों को धीरे-धीरे घुमाएं। जकड़न में गर्म सिकाई तथा सूजन या तेज दर्द में बर्फ की सिकाई लाभदायक रहती है।

इसके साथ ही पर्याप्त नींद, नियमित वॉक, योग और बेहतर समय प्रबंधन तनाव कम करने में मदद करेगा।
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डॉक्टर की सलाह जरूरी - फोटो : Adobe Stock
क्या कहते हैं डॉक्टर?

दिल्ली स्थित एम्स के न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. राहुल अग्रवाल बताते हैं कि गर्दन और कंधों में लगातार भारीपन, मांसपेशियों में दर्दनाक गांठें, तनाव से होने वाला सिरदर्द, गर्दन घुमाने या उठने-बैठने में परेशानी और लगातार थकान इस समस्या के प्रमुख लक्षण हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार, कंप्यूटर, लैपटॉप और स्मार्टफोन का अत्यधिक उपयोग इसे बढ़ा रहा है। खराब पोस्चर में लंबे समय तक बैठने से मांसपेशियों पर दबाव पड़ता है। बैठते समय सही पोस्चर रखें और स्क्रीन को आंखों के स्तर पर रखें या तेज दर्द में बर्फ की सिकाई लाभदायक रहती है।



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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