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Obesity: क्या कम सोने से वजन बढ़ता है, जानें अधूरी नींद से मोटापा का क्या है संबंध?

Sun, 17 Aug 2025 03:17 PM IST
शिखर बरनवाल हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

अक्सर लोग किसी न किसी कारण से अपनी 7-8 घंटे की नींद पूरी नहीं कर पाते हैं। इससे उनके सेहत पर कई नकारात्मक प्रभाव पड़ता है, उन्हीं में से एक है वजन बढ़ना। आइए इस लेख में इसी के बारे में जानते हैं कि नींद की कमी का वजन बढ़ने से क्या संबंध है?
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पूरी नींद न ले पाना - फोटो : Adobe Stock
Obesity And Sleep Link: आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में बहुत से लोग अपनी नींद के साथ समझौता करते हैं। देर रात तक काम करना, मोबाइल चलाना या सिर्फ दिनचर्या में व्यस्त रहना, इसका सीधा असर हमारी नींद की गुणवत्ता पर पड़ता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि अपर्याप्त नींद केवल थकान का कारण नहीं बनती, बल्कि यह आपके वजन को भी सीधे तौर पर प्रभावित कर सकती है? कई वैज्ञानिक शोधों में यह बात सामने आई है कि कम सोने और मोटापा के बीच एक गहरा संबंध है। 

जब हम कम सोते हैं, तो हमारा शरीर कई हार्मोनल बदलावों से गुजरता है जो भूख और मेटाबॉलिज्म को नियंत्रित करते हैं। यह बदलाव अक्सर हमें ज्यादा खाने और गलत चीजें खाने के लिए प्रेरित करते हैं। इसके अलावा कम नींद हमारे शरीर की ऊर्जा को खर्च करने की क्षमता को भी प्रभावित करती है। इसलिए आइए इस लेख में हम विस्तार से जानते हैं कि कम नींद कैसे वजन बढ़ाती है और इस समस्या से बचने के लिए हमें क्या करना चाहिए?
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प्रोसेस्ड फूड - फोटो : Adobe Stock
भूख बढ़ाने वाले हार्मोन का असंतुलन
नींद की कमी दो प्रमुख हार्मोन को असंतुलित करती है, ग्रेलिन और लेप्टिन। ग्रेलिन को 'भूख हार्मोन' भी कहा जाता है, ये हार्मोन शरीर में तब बनना शुरू होता है जब आपकी नींद पूरी नहीं होती है। वहीं कुछ लोग लेप्टिन को 'संतुष्टि वाला हार्मोन' भी कहते हैं, जो नींद की कमी की वजह से घटता है। इस असंतुलन के कारण, हमें बार-बार भूख लगती है और हम ज्यादा खाते हैं, जिससे वजन बढ़ता है।

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मेटाबॉलिज्म धीमा होना - फोटो : Freepik.com
मेटाबॉलिज्म का धीमा होना
कम सोने से हमारा मेटाबॉलिज्म यानी कैलोरी जलाने की दर भी धीमी हो जाती है। इसका मतलब है कि शरीर उतनी कुशलता से कैलोरी नहीं बर्न पाता, जिससे अतिरिक्त कैलोरी फैट के रूप में जमा होने लगती है।

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पौष्टिक खानपान - फोटो : Adobe
गलत खाने की आदतें और तनाव
अधूरी नींद हमें ज्यादा मीठा, तला हुआ और कार्बोहाइड्रेट वाला भोजन खाने के लिए प्रेरित करती है। जब हम थके होते हैं, तो हमारा दिमाग तुरंत ऊर्जा पाने के लिए ऐसे भोजन की तलाश करता है। इसके अलावा, नींद की कमी तनाव (स्ट्रेस) हार्मोन, कोर्टिसोल, को बढ़ाती है, जो पेट के आसपास फैट जमा होने का एक प्रमुख कारण है।
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sleep - फोटो : adobe stock
अच्छी नींद के लिए जरूरी उपाय
वजन को नियंत्रित रखने के लिए रोजाना 7-8 घंटे की अच्छी नींद लेना बेहद जरूरी है। सोने का एक निश्चित समय तय करें, सोने से पहले मोबाइल और लैपटॉप से दूरी बनाएं और इसके साथ ही जिस कमरे में सोना हो उसमें अंधेरा और शांती रखें। ये आदतें न केवल आपके वजन को नियंत्रित करेंगी, बल्कि आपके समग्र स्वास्थ्य को भी बेहतर बनाएंगी।

नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।

 
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