आंखों में रेटिना की समस्या
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क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
दिल्ली स्थित सफदरजंग अस्पताल में वरिष्ठ नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. अनुराग नरूला कहते हैं, हाइपरटेंसिव रेटिनोपैथी, उच्च रक्तचाप के कारण रेटिना को होने वाली क्षति है। इसकी जटिलताओं को रोकने के लिए नेत्र परीक्षण द्वारा शीघ्र पहचान अत्यंत महत्वपूर्ण है। रक्तचाप को नियंत्रित करने से आंखों की इस समस्या को बढ़ने, रोकने या धीमा करने में मदद मिलती है।
हाइपरटेंसिव रेटिनोपैथी एक व्यक्ति से दूसरे में नहीं फैलता, यानी यह संक्रामक रोग नहीं है, इसका मुख्य कारण लंबे समय से अनियंत्रित रक्तचाप है। इस स्थिति के लिए मधुमेह, उच्च कोलेस्ट्रॉल, धूम्रपान एवं शराब, मोटापा और शारीरिक निष्क्रियता जैसे कारक भी जिम्मेदार हैं। अगर आपको काफी समय से धुंधला दिखाई दे रहा है तो तुरंत नेत्र रोग विशेषज्ञ से संपर्क करें।
कैसे करें इसकी पहचान?
हाइपरटेंसिव रेटिनोपैथी के शुरुआती चरणों में कोई स्पष्ट लक्षण नहीं होते, लेकिन रोग के बढ़ने पर धुंधलापन, आंखों के सामने तैरते धब्बे या रेखाएं, दृष्टि में कमी हो सकती है। बहुत दुर्लभ स्थिति में आंखों की रोशनी पूरी तरह से खत्म हो सकती है।