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हेल्थ की बात: नेचुरल स्वीटनर है शहद, क्या डायबिटीज में कर सकते हैं इसका सेवन? यहां जानिए

Sun, 25 Oct 2026 11:30 AM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Honey In Diabetes: शहद को चीनी का प्राकृतिक और हेल्दी विकल्प माना जाता है, लेकिन डायबिटीज के मरीजों के लिए इसका सेवन सावधानी से करना जरूरी है। शहद में मौजूद शर्करा ब्लड शुगर बढ़ा सकती है। जानिए इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स और डायबिटीज से जुड़ी जरूरी सावधानियां।
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डायबिटीज में शहद - फोटो : Amarujala.com/AI
मीठा खाने का मन हो, तो कई लोग सफेद चीनी की जगह शहद का इस्तेमाल करना बेहतर समझते हैं। इसकी वजह है शहद का प्राकृतिक होना और इसमें पाए जाने वाले कुछ एंटीऑक्सीडेंट गुण। लेकिन अगर आपको डायबिटीज है और आप ब्लड शुगर को कंट्रोल रखने की कोशिश कर रहे हैं, तो शहद को बिना सोचे-समझे डाइट में शामिल करना आपके लिए मुश्किलें बढ़ाने वाला हो सकता है।

शहद हमारी सेहत के लिए कई प्रकार से लाभकारी है। आयुर्वेदिक और मेडिकल साइंस ने भी तमाम अध्ययनों में पाया कि शहद का सेवन कई प्रकार से हमारी सेहत को बूस्ट दे सकता है। इसे पाचन से लेकर त्वचा की समस्याओं और चीनी के विकल्प के तौर पर सेवन किया जाता रहा है। चूंकि यह स्वाद में मीठा होता है ऐसे में सवाल उठता है कि क्या डायबिटीज रोगी भी इसका सेवन कर सकते हैं? क्या शहद, ब्लड शुगर के स्तर को बढ़ा देती है, आइए इस बारे में आगे विस्तार से समझते हैं।

प्राकृतिक होने के बावजूद क्या शहद खून में शुगर का स्तर बढ़ा सकता है? आइए इस बारे में जान लेते हैं।
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शहद के फायदे - फोटो : Freepik.com
शहद का ग्लाइसेमिक इंडेक्स

आम तौर पर माना जाता रहा है कि जिन चीजों का स्वाद मीठा होता है उनसे ब्लड शुगर बढ़ने का खतरा रहता है, पर सभी के मामले में ऐसा नहीं है। बात अगर शहद की हो तो इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स 58 होता है जबकि मधुमेह वाले लोगों को 55 ग्लाइसेमिक इंडेक्स से अधिक वाली चीजें न खाने की सलाह दी जाती है। ऐसे में इसे हल्की मात्रा में खाया जा सकता है।

ग्लाइसेमिक इंडेक्स वह स्केल है जिसकी मदद से यह जाना जा सकता है कि भोजन में मौजूद कार्बोहाइड्रेट कितनी देर में ग्लूकोज बनता है और किस गति से खून में शुगर की मात्रा बढ़ती है। इस आधार पर शहद का सेवन डायबिटीज की समस्या को बढ़ा सकता है।
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डायबिटीज में शहद खा सकते हैं? - फोटो : Adobe Stock
डायबिटीज है तो खा सकते हैं शहद?

कुछ लोग अपनी चाय में शहद मिलाते हैं या बेक करते समय इसे स्वीटनर के रूप में इस्तेमाल करते हैं। लेकिन क्या मधुमेह वाले लोगों के लिए शहद सुरक्षित है? इसपर अध्ययनों में अलग-अलग तर्क मिलते हैं। टाइप-2 डायबिटीज वाले लोगों को अपने कार्बोहाइड्रेट और चीनी के सेवन पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
 
  • चीनी की तुलना में तो शहद न केवल सुरक्षित है, बल्कि इसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट गुण भी होते हैं जो मधुमेह की जटिलताओं को कम कर सकते हैं। पर इसका सेवन कितना सुरक्षित है यह व्यक्ति की सेहत पर निर्भर करता है। 

शहद की मात्रा का ध्यान रखना सबसे जरूरी है। इसकी अधिकता शुगर लेवल को बढ़ाने वाली हो सकती है।
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शहद के साइड-इफेक्ट्स - फोटो : Adobe stock
ये सावधानियां जान लें

शहद का सेवन करने के जोखिम और लाभ दोनों हो सकते हैं, खासकर यदि आपको डायबिटीज है तो बिना डॉक्टर के सलाह के इसका सेवन न करें। शहद ब्लड शुगर के स्तर को प्रभावित कर सकता है। डॉक्टर सलाह देते हैं कि जब तक आपका ब्लड शुगर अच्छी तरह से कंट्रोल में नहीं रहता तो ज्यादा मिठास वाली चीजों से बचना चाहिए।
 
  • गर्भवती और कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली वाले लोगों को कच्चे शहद का सेवन नहीं करना चाहिए क्योंकि यह पास्चुरीकृत नहीं होता है। इस प्रकार के शहद का सेवन करने से संक्रमण का खतरा हो सकता है।


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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण:अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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