लिवर की बीमारी और कैंसर का खतरा
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लिवर और पैंक्रियाज कैंसर का जोखिम
- पेट की अतिरिक्त चर्बी को नॉन-अल्कोहॉलिक फैटी लिवर डिजीज का कारण माना जाता है। जब लिवर में जरूरत से ज्यादा वसा जमा होने लगती है, तो समय के साथ ये सूजन और फाइब्रोसिस का खतरा बढ़ा देती है। यह स्थिति आगे चलकर सिरोसिस और फिर लिवर कैंसर का जोखिम बढ़ा सकती है।
- इसी तरह बेली फैट वाले लोगों में अग्नाशय के कैंसर का जोखिम भी ज्यादा होता है। अधिक वजन वाले लोगों में टाइप-2 डायबिटीज का खतरा भी बढ़ता है, ये पैंक्रियाज कैंसर के जोखिम से जुड़ा हो सकता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, अच्छी सेहत के लिए केवल वजन देखना पर्याप्त नहीं है, कमर की माप भी लेते रहें। सामान्यतः पुरुषों में 90 सेमी (लगभग 35 इंच) और महिलाओं में 80 सेमी (लगभग 31.5 इंच) से अधिक कमर का घेरा स्वास्थ्य जोखिम बढ़ने का संकेत माना जाता है।
अगर आपका पेट भी बढ़ा हुआ है तो इसे कम करने वाले उपाय करें। रोज व्यायाम, चीनी का सेवन कम करना और आहार में फाइबर-प्रोटीन को बढ़ाना आपके लिए फायदेमंद हो सकता है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
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