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Cough: हर खांसी में कफ सिरप की जरूरत नहीं, जानिए खांसी होती क्यों है और इसे ठीक करने के असरदार तरीके

Tue, 16 Jun 2026 06:25 PM IST
Abhilash Srivastava हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

अब कफ सिरप के लिए डॉक्टर की पर्ची जरूरी होगी। ओवर द काउंटर जाकर अब खांसी की दवा नहीं ले पाएंगे।  जानिए खांसी क्यों आती है, इसके वैज्ञानिक कारण क्या हैं और बिना दवा के राहत पाने के असरदार घरेलू उपाय।
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खांसी की समस्या - फोटो : Amarujala.com/AI
दूषित कफ सिरप से पिछले साल मध्य प्रदेश और राजस्थान में कई बच्चों की मौत हो गई थी। जांच में पाया गया कि सिरप में डाइएथिलीन ग्लाइकॉल की मात्रा, तय सीमा से काफी अधिक पाई गई थी। यह एक प्रकार का जहरीला औद्योगिक रसायन है, जिसका  खांसी की सिरप और दवाओं में इस्तेमाल किया जाता रहा है।

इस मामले पर सख्ती दिखाते हुए सरकार ने सिरप बनाने वाली श्रीसन फार्मास्युटिकल कंपनी का न सिर्फ मैन्युफैक्चरिंग लाइसेंस पूरी तरह से रद्द कर दिया था बल्कि कंपनी को बंद करने का भी आदेश दिया था।

इसी क्रम में सरकार ने स्पष्ट किया है कि अब से बिना प्रिस्क्रिप्शन ओवर द काउंटर कोई भी सिरप नहीं ले सकेंगे। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, वैसे तो हमें हर बार खांसी होने पर सिरप की जरूरत भी नहीं होती है। आप कुछ आसान उपायों से भी इस समस्या के खतरे को कम कर सकते हैं।
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कफ सिरप के लिए प्रिस्क्रिप्शन जरूरी - फोटो : Amarujala.com/AI
हर बार खांसी में दवा की जरूरत नहीं

मौसम बदलते ही गले में हल्की खराश, बार-बार छींक और खांसी होना आम है। आमतौर पर हल्की खांसी होते ही लोग सीधे मेडिकल स्टोर पहुंचकर बिना ज्यादा सोच-विचार के कफ सिरप खरीद लाते हैं। सरकार ने अब इसपर सख्ती दिखाई है। कफ सिरप की बिक्री से जुड़े नियमों को लेकर निगरानी बढ़ाई जा रही है, ताकि दवाओं के गलत इस्तेमाल से होने वाले स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरे कम किया जा सके।
 
  • डॉक्टर कहते हैं, हर खांसी का इलाज कफ सिरप नहीं होता।
  • कई बार शरीर खुद ही खांसी के जरिए अपनी सफाई कर रहा होता है।
  • गले या श्वसन नली में धूल, वायरस, बैक्टीरिया, धुआं या एलर्जी पैदा करने वाले कण पहुंचते हैं तो शरीर उन्हें बाहर निकालने के लिए खांसी जैसे सुरक्षा तंत्र सक्रिय करता है। यानी खांसी हमेशा बीमारी नहीं होती।
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खांसी ने कर दिया है परेशान? - फोटो : Freepik.com
क्यों होती है खांसी?

यहां समझ लेना जरूरी है कि खांसी आखिर होती क्यों है और किन खांसी में इलाज जरूरी है?
 
  • मौसम बदलने, तापमान में बदलाव, प्रदूषण जैसी स्थितियां श्वसन तंत्र को प्रभावित करती हैं। इसी वजह से सर्दी-खांसी के मामले बढ़ जाते हैं।  
  • वायु प्रदूषण, धुआं, पीएम 2.5 कण और रासायनिक गैसें श्वसन नलियों को प्रभावित करती हैं। लगातार प्रदूषण में रहने वाले लोगों में खांसी और गले की जलन अधिक देखी जाती है।
  • अस्थमा की बीमारी  में वायुमार्ग संकुचित और सूज जाते हैं। कई मरीजों में इसके कारण लगातार सूखी खांसी हो सकती है।
  • कुछ मामलों में निमोनिया या काली खांसी जैसे संक्रमण लगातार और गंभीर खांसी का कारण बनते हैं, जिनमें आपके लिए इलाज जरूरी है।
  • तीन सप्ताह से अधिक रहने वाली खांसी के साथ अगर वजन घट रहा है, खांसी के साथ खून आए तो ये टीबी का संकेत हो सकता है जिसमें तत्काल जांच जरूरी है।
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भाप लेने से श्वसन समस्याओं में मिलता है आराम - फोटो : Adobe Stock
खांसी में आराम कैसे पाएं?

सामान्य या वायरल संक्रमण के कारण होने वाली खांसी को कुछ आसान उपायों से ठीक किया जा सकता है।
 
  • पर्याप्त पानी और तरल पदार्थ पिएं ताकि बलगम पतला रहे।
  • गुनगुनी भाप लेने से वायुमार्ग नम होते हैं और जमाव कम महसूस हो सकता है।
  • एक वर्ष से अधिक उम्र के बच्चों में शहद गले की जलन कम करने में मदद कर सकता है।
  • पर्याप्त नींद और आराम इम्यून सिस्टम को संक्रमण से लड़ने में सहायता करते हैं।
  • धूम्रपान और सेकेंड-हैंड स्मोक से पूरी तरह बचें क्योंकि यह खांसी बढ़ाता है।
  • धूल और एलर्जी पैदा करने वाले वातावरण से दूरी रखें तथा घर की सफाई बनाए रखें।
  • गुनगुने नमक वाले पानी से गरारे करने से गले की सूजन और असहजता कम हो सकती है।



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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