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Health Alert: क्या आप भी पेनकिलर दवाएं खाते हैं? हार्ट के मरीज हैं तो जरूर जान लें ये बातें

Wed, 17 Dec 2025 03:02 PM IST
शिखर बरनवाल हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Impact of Painkillers On Blood Pressure: अक्सर ऐसा देखने को मिलता है कि थोड़ा बहुत दर्द होने पर लोग पेन किलर खाने लगते हैं। यह आदत सेहत के लिए बहुत नुकसानदायक होती है। अगर किसी को पहले से हृदय संबंधी समस्या है तो उनके लिए ये आदत जानलेवा हो सकती है। आइए इस लेख में इसी के बारे में विस्तार से जानते हैं।
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खुद से दर्द निवारक दवाएं लेना कितना सुरक्षित - फोटो : Amar Ujala
Painkillers And Heart Attack Risk: आजकल मामूली सिरदर्द, बदन दर्द या जोड़ों के दर्द के लिए पेनकिलर यानी दर्द निवारक दवाओं का सेवन एक आम बात हो गई है। बहुत से लोग बिना डॉक्टर की सलाह के मेडिकल स्टोर से 'ओवर-द-काउंटर' दवाएं खरीदकर खा लेते हैं। मगर क्या आप जानते हैं कि ये दवाएं आपके दिल के लिए कितनी घातक साबित हो सकती हैं? खासकर अगर आप पहले से ही हृदय रोग  के मरीज हैं, तो इन दवाओं का अनियंत्रित सेवन आपके लिए जानलेवा हो सकता है।  

चिकित्सा शोधों के अनुसार, नॉन-स्टेरॉयडल एंटी-इंफ्लेमेटरी ड्रग्स NSAIDs, जैसे कि इबुप्रोफेन और डिक्लोफेनाक, ये दवाएं शरीर में नमक और पानी को जमा करने लगती हैं, जिससे शरीर में सूजन आ सकती है। इससे ब्लड प्रेशर में अचानक बदलाव हो सकता है और हृदय पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। जो लोग पहले से ही हार्ट फेलियर या धमनी रोगों से जूझ रहे हैं, उनमें ये दवाएं हार्ट अटैक या स्ट्रोक के जोखिम को कई गुना बढ़ा देती हैं। इसलिए दर्द से राहत पाने की जल्दी में अपने दिल की सेहत को दांव पर लगाना एक बड़ी गलती हो सकती है।
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ब्लड प्रेशर - फोटो : Freepik.com
ब्लड प्रेशर और दिल की धड़कन पर असर
पेनकिलर्स का सबसे पहला और सीधा असर शरीर के ब्लड प्रेशर पर पड़ता है। ये दवाएं किडनी की कार्यप्रणाली को प्रभावित करती हैं, जिससे शरीर में तरल पदार्थ जमा होने लगता है। हृदय रोगियों के लिए बढ़ा हुआ ब्लड प्रेशर एक गंभीर स्थिति है, क्योंकि यह सीधे तौर पर हार्ट फेलियर की आशंका को बढ़ा देता है। अगर आपको सीने में भारीपन या धड़कन तेज महसूस हो, तो तुरंत सतर्क हो जाएं।

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खून पतला करने वाली दवा - फोटो : Adobe Stock Images
खून पतला करने वाली दवाओं के साथ टकराव
ज्यादातर हार्ट के मरीज खून पतला करने वाली दवाएं लेते हैं। जब इन दवाओं के साथ इबुप्रोफेन या अन्य दर्द निवारक दवा लिए जाते हैं, तो शरीर के अंदरूनी अंगों में रक्तस्राव का खतरा बढ़ जाता है। यह तालमेल पेट में अल्सर या गंभीर गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल समस्याओं का कारण बन सकता है। इसलिए किसी भी तरह के दर्द निवारक दवा को लेने से पहले अपने कार्डियोलॉजिस्ट से जरूर सलाह लें।

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किडनी में फेलियर की शिकायत - फोटो : Adobe Stock
किडनी डैमेज का खतरा
पेनकिलर्स का लंबे समय तक सेवन किडनी को नुकसान पहुंचाता है। चूंकि हृदय और गुर्दे एक-दूसरे से जुड़े हैं, इसलिए किडनी की कार्यक्षमता में कमी सीधे हृदय पर दबाव डालती है। इससे शरीर में इलेक्ट्रोलाइट का संतुलन बिगड़ जाता है, जो हृदय की लय को खराब कर सकता है। हार्ट के मरीजों के लिए अंगों की यह परस्पर निर्भरता काफी संवेदनशील होती है।

 
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पेनकिलर दवाएं - फोटो : Freepik.com
बचाव के लिए क्या करें?
अगर आप हृदय रोगी हैं और दर्द से परेशान हैं, तो दर्द के लिए वैकल्पिक उपचार जैसे हॉट/कोल्ड कंप्रेस, फिजियोथेरेपी या योग का सहारा लें। अपनी मर्जी से कभी भी किसी भी पेनकिलर का 'कोर्स' शुरू न करें। ध्यान रखें एक छोटी सी गोली आपके दिल की धड़कन को स्थायी रूप से प्रभावित कर सकती है। अगर आप दर्द से अधिक परेशान हैं तो डॉक्टर से सलाह लेकर ही पेनकिलर खाएं।

नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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