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Health Tips: क्या आपको भी कार में बैठते ही महसूस होती है उल्टी और चक्कर, जानें इसके कारण और बचाव के उपाय

Sun, 11 Jan 2026 09:25 PM IST
शिखर बरनवाल हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Car Sickness Remedies: हर तीन में से एक लोगों को कार में बैठने पर कभी न कभी जरूर उल्टी महसूस होती है और चक्कर आती है। इसी समस्या को मोशन सिकनेस कहते हैं। आइए इस लेख में इसी के बारे में जानते हैं कि इसके पीछे का मूल कारण क्या है? और इससे बचने के लिए क्या करना चाहिए?
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मोशन सिकनेस - फोटो : Amar Ujala
Motion Sickness Causes: सफर का आनंद लेना हर किसी को पसंद होता है, लेकिन बहुत से लोगों के लिए कार या बस की यात्रा एक सजा बन जाती है। जैसे ही वे कार में बैठते हैं, उन्हें जी मिचलाना, उल्टी और सिर चकराने जैसी समस्याएं होने लगती हैं। चिकित्सा विज्ञान में इस स्थिति को 'मोशन सिकनेस' कहा जाता है। यह कोई बीमारी नहीं, बल्कि हमारे शरीर के संतुलन तंत्र और इंद्रियों के बीच तालमेल की कमी का परिणाम है। 

जब हमारी आंखें कुछ और देखती हैं और हमारा आंतरिक कान कुछ और महसूस करता है, तो मस्तिष्क भ्रमित हो जाता है। उदाहरण के लिए, जब आप कार के अंदर बैठकर मोबाइल देखते हैं, तो आपकी आंखें कहती हैं कि आप स्थिर हैं, लेकिन कान का संतुलन तंत्र गति को महसूस करता है। इंद्रियों के इसी टकराव से शरीर में बेचैनी बढ़ने लगती है। यदि समय रहते इसके कारणों को समझकर सही उपाय किए जाएं, तो सफर को सुखद और उल्टी-मुक्त बनाया जा सकता है।
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चक्कर आना - फोटो : Adobe Stock
मोशन सिकनेस के पीछे के मुख्य कारण क्या हैं?
मोशन सिकनेस तब होती है जब मस्तिष्क को अलग-अलग इंद्रियों से विरोधाभासी संकेत मिलते हैं-
  • आपकी आंखें, कान और शरीर की नसें गति के बारे में अलग-अलग संदेश भेजती हैं।
  • कान के अंदर मौजूद तरल पदार्थ गति को महसूस करता है, जो मस्तिष्क को सूचना देता है।
  • चलती गाड़ी में किताब पढ़ने या मोबाइल देखने से यह समस्या और बढ़ जाती है।
  • बंद कार या बस में ताजी हवा न मिलने से भी जी मिचलाने लगता है।
 
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कार में आगे बैठें - फोटो : FREEPIK
सफर के दौरान बचाव के प्रभावी उपाय क्या हैं?
सफर शुरू करने से पहले और यात्रा के दौरान इन उपायों को अपनाकर आप उल्टी को रोक सकते हैं-
  • कार में हमेशा आगे की सीट पर बैठें और अपनी नजर सामने सड़क की तरफ देखें।
  • कार की खिड़कियां थोड़ी खोलकर रखें ताकि ताजी हवा आती रहे।
  • अदरक का एक छोटा टुकड़ा या नींबू चूसने से जी मिचलाना तुरंत कम होता है।
  • न तो बहुत भारी भोजन करें और न ही बिल्कुल खाली पेट रहें; हल्का नाश्ता करके ही निकलें।
 
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उल्टी महसूस होना - फोटो : Freepik.com
क्या होगा यदि सावधानी नहीं बरती गई? 
अगर मोशन सिकनेस का ध्यान नहीं रखा गया, तो यह यात्रा के अनुभव को पूरी तरह खराब कर सकता है-
  • बार-बार उल्टी होने से शरीर में पानी की कमी हो सकती है।
  • अगली बार सफर पर जाने के नाम से ही आपको डर और घबराहट महसूस होने लगेगी।
  • मोशन सिकनेस के कारण होने वाली कमजोरी आपको गंतव्य पर पहुंचने के बाद भी घंटों परेशान कर सकती है।
  • अत्यधिक घबराहट से बीपी पर भी असर पड़ सकता है।
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मोशन सिकनेस की समस्या - फोटो : AI
थोड़ी सी सावधानी, सुखद सफर की कहानी
मोशन सिकनेस एक आम समस्या है जिसे सही आदतों और थोड़ी सी जागरूकता से प्रबंधित किया जा सकता है। यह खबर इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि अक्सर लोग इसे गंभीर बीमारी समझकर डर जाते हैं, जबकि यह केवल शरीर का एक स्वाभाविक रिस्पॉन्स है। अगली बार जब आप सफर पर निकलें, तो मोबाइल को जेब में रखें, सामने की ओर देखें और ताजी हवा का आनंद लें। अगर समस्या बहुत ज्यादा है, तो डॉक्टर की सलाह पर यात्रा से पहले एंटी-मोशन सिकनेस दवा भी ली जा सकती है।

नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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